आपके बच्चे स्कूल में हैं तो पढ़े ये खबर

आपके बच्चे स्कूल में हैं तो पढ़े ये खबर

rajendra parihar | Publish: Sep, 06 2018 12:41:21 PM (IST) Hoshangabad, Madhya Pradesh, India

सोसायटी फॉर प्राइवेट स्कूल डायरेक्टर्स(सोपास) द्वारा अपनी पांच सूत्रीय मांगों के लिए 28 अगस्त को जिलेभर में निजी स्कूल बंद रखे साथ ही सात दिन तक सांकेतिक प्रदर्शन किया। 5 सितंबर को भी शिक्षक दिवस का बहिष्कार कर कामाख्या गार्डन में आमसभा के लिए एकत्र हुए निजी स्कूल संचालकों ने एक ही दिन में हड़ताल स्थगित कर दी।

होशंगाबाद. सोसायटी फॉर प्राइवेट स्कूल डायरेक्टर्स(सोपास) द्वारा अपनी पांच सूत्रीय मांगों के लिए 28 अगस्त को जिलेभर में निजी स्कूल बंद रखे साथ ही सात दिन तक सांकेतिक प्रदर्शन किया। 5 सितंबर को भी शिक्षक दिवस का बहिष्कार कर कामाख्या गार्डन में आमसभा के लिए एकत्र हुए निजी स्कूल संचालकों ने एक ही दिन में हड़ताल स्थगित कर दी। हालांकि स्कूल संचालकों ने दलील दी की विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीतासरन शर्मा द्वारा आश्वासन दिया गया कि निजी स्कूल संचालकों की मांगों पर उच्च अधिकारियों से चर्चा कर नियम संगत निराकरण किया जाएगा। सोपास का दावा है कि गुरुवार से सभी निजी स्कूल नियमित संचालित होंगे। बुधवार को आमसभा के दौरान सोसायटी के प्रदेश संगठन मंत्री रवि राजपूत, जिलाध्यक्ष आलोक राजपूत, कार्यकारिणी अध्यक्ष आशीष चटर्जी, जिला संयोजक देवी सिंह राजपूत, हरगोविंद शुक्ला, आलोक गिटोरिया, सतीश बिल्लौरे, राकेश दुबे, गौरी शंकर, देवेंद्र मालवीय सहित अन्य पदाधिकारी व सदस्य मौजूद थे।
1 को ही आ गया था आदेश
बीच सत्र में किसी भी निजी स्कूल की मान्यता खत्म न करने की मांग के संबंध में शासन ने 01 सितंबर को ही आदेश जारी कर दिया था। आदेश के तहत द्वितीय अपील मे रद्द हुए मान्यता प्रकरणों पर शासन एक बार फिर विचार करेगा। इसके लिए 05 सितंबर को संचालनालय में मान्यता के प्रकरण निरस्त होने वाले सभी स्कूल संचालकों को शामिल किया गया था। साथ ही पूर्व में भी शासन ने आदेश दिया है कि इस साल अप्रेल में शिक्षण सत्र शुरू हुआ है और मान्यता की कार्रवाई उसके बाद संचालित हुए इस वजह से इस वर्ष बोर्ड परीक्षा के लिए आवेदित सभी विद्यार्थियों का पंजीयन किया जाएगा। मान्यता संबंधी यह नियम आगामी शिक्षण सत्र से लागू होगा।
ये हैं स्कूल संचालकों की मांग
1. किसी भी बोर्ड को मान्यता देने के लिए समय सीमा 15 मार्च तक नियमित की जाए। किसी भी स्कूल की मान्यता बीच में समाप्त करने की विसंगति उत्पनन नहीं हो सके।
2. शिक्षा के अधिकार अधिनियम के अंतर्गत कानून का पालन विभाग को भी करना अनिवार्य किया जाए।
3. जिले में सामंजस्यता के लिए फोरम बने। जिसमें प्रत्येक जिले में अशासकीय संगठन के सदस्य शामिल हो।
4. आरटीओ परिवहन विभाग द्वारा परमिट में पुन: स्पीड गवर्नर सभी बसों में अनिवार्य कर अनैतिक वसूली की गई है। परमिट कम से कम 1 वर्ष का हो किसी भी घटना दुर्घटना में बस के ड्राइवर कंडक्टर को दोषी माना जाए स्कूल प्राचार्य या संचालक को नहीं।
5. स्टेट बोर्ड से मान्यता में 1 एकड़ भूमि की अनिवार्यता समाप्त की जाए।
इनका कहना है
सोपास द्वारा हड़ताल स्थगित की गई है। गुरुवार से जिले में सभी निजी स्कूल यथावत संचालित होंगे। इस संबंध में गुरुवार को इटारसी में सोसायटी की बैठक भी आयोजित की गई है।
आलोक राजपूत, जिलाध्यक्ष

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