जानें कहां कमिश्नर की चिट्ठी और कंप्यूटर बाबा के निर्देश भी नहीं आए काम

नर्मदा के अंदर से रास्ते बनाकर मशीनों से जारी है अवैध उत्खनन, छलनी कर रहे तट

By: sandeep nayak

Published: 01 Jul 2019, 11:46 AM IST

होशंगाबाद। कमिश्नर की चिट्ठी और नर्मदा न्यास के अध्यक्ष कंप्यूटर बाबा के निर्देश भी काम नहीं आए हैं। नर्मदा नदी के अंदर पानी में से मशीनों से रेत का अवैध उत्खनन जारी है। शासन-प्रशासन के तमाम दावे झूठे साबित हो रहे हैं। रेत माफिया दिन-रात बिना किसी खौफ के उत्खनन कर नर्मदा के सीने को छलनी करने पर तुले हुए हैं। राजनैतिक संरक्षण में पल रहे रेत माफियाओं पर सीहोर एवं होशंगाबाद जिले के आला अफसर भी कार्रवाई से डर रहे हैं। अफसर खुद अपनी आंखों से देखने के बाद इस अवैध उत्खनन को देख रहे लेकिन किसी की भी हिम्मत इन्हें पकडऩे छापेमारी करने में नहीं हो रही। रविवार को भी सुबह से लेकर दोपहर तक सर्किट हाउस से लेकर बांद्राभान तट तक के पल्लेपार (बुदनी क्षेत्र) में पांच मशीनों एवं 50 से अधिक से अधिक टै्रक्टर-ट्रॉलियों से अंधाधुंध उत्खनन और परिवहन होता रहा।

 

नदी में बना लिए रास्ते, जोरों पर खनन

पल्लेपार बुदनी के जर्रापुर, जमुनिया, पीलीकरार, जोशीपुर के 15-20 किलोमीटर के नर्मदा के तट एरिया में नदी के बीच में रास्ते बनाकर होशंगाबाद साइड दक्षिण तट तरफ रेत का अवैध उत्खनन जोरों पर चल रहा है। पानी में से अवैध उत्खनन कर रेत का टै्रक्टर-ट्रॉलियों से परिवहन कर इसे गांवों व बुदनी के आसपास हाइवे किनारे अवैध स्टॉक कर रेत को भोपाल-इंदौर में सप्लाई किया जा रहा है।

दो जिलों का झमेला, कार्रवाई से डर रहे अफसर
दरअसल नर्मदा नदी के इस हो रहे अंधाधुंध खनन को रोकने के पीछे सीहोर और होशंगाबाद जिले की सीमा का झमेला है। जबकि नर्मदा के दोनों पाटों उत्तर-दक्षिण तट दोनों ही जिलों की सीमाओं में लगते हैं। दोनों ही जिले की संयुक्त टीम ने कार्रवाई नहीं की है। पिछले दिनों कमिश्रर रविंद सिंह ने भी सीहोर कलेक्टर को चिट्ठी लिखकर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद कंप्यूटर बाबा ने भी अपने लाव लश्कर के साथ बुदनी और होशंगाबाद के तटों पर छापेमारी की थी। अधिकारियों को निर्देश दिए थे, लेकिन कोई असर नहीं हुआ।

 

 

sandeep nayak Desk/Reporting
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