अब खदानों के स्टॉक से बिकेगी रेत, यह है कारण

रात 12 बजे से लगी उत्खनन पर रोक

By: sandeep nayak

Published: 01 Jul 2019, 12:52 PM IST

होशंगाबाद। यदि आप बारिश के दौरान आसियाना बनाने की सोच रहे हैं और रेत किसी नदी से खुदाई कर जाने वाले हैं तो जरा ठहररिए। जी हां, दरअसल एनजीटी ने ३० मई रात १२ बजे से उत्खनन पर रोक लगा दी है। अब खदानों के स्टॉक से ही यह रेत बिकेगी। जिले में ठेके की खदानों पर 15 दिन के खनन की छूट रविवार को समाप्त हो गई। रात 12 बजे से एनजीटी के निर्देश पर जिला प्रशासन ने सभी वैध खदानों में उत्खनन पर रोक लगा दी है। 1 जुलाई से अब खदानों के स्टॉक से ही रेत का क्रय-विक्रय हो सकेगा। इस संबंध में कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ने आदेश जारी कर दिए हैं। आदेश की प्रतियां एनजीटी, प्रमुख सचिव सहित खनिज विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दी गई है। उल्लेखनीय रहे कि एनजीटी ने 15 जून से खनन पर रोक लगाई थी, लेकिन बारिश में देरी के कारण वैध खदानों में कलेक्टर ने खनन में 15 दिन की छूट देते ही 30 जून तक की अनुमति दी थी। यह समयावधि रविवार रात 12 बजे से खत्म हो गई है। जिले में ठेके की कुल 22 खदानें हैं। इनमें से 6 खदानों को संबंधित ठेकेदारों ने विभिन्न कारणों से सरेंडर कर दिया था। केवल 16 वैध खदानों से ही खनन और स्टॉक हुआ है। परिवहनकर्ताओं और आम लोगों को इन खदानों के वैध स्टॉकों से रेत मिल सकेगी। ज्ञात रहे कि पंचायतों की खदानों एवं सह व्यापार के 32 स्टॉकों पर पहले ही रोक लगी हुई है। इन सभी स्टॉकों को एनजीटी के निर्देश पर शासन ने निरस्त कर दिया था।

 

होगी धरपकड़, अवैध खनन-परिवहन पर सख्ती
कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ने बताया कि उत्खनन पर रोक के बाद जिले में अवैध खनन, परिवहन और स्टॉक को रोकने सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। खदानों व स्टॉकों की अधिकारियों के दल से निरंतर जांच कराई जाएगी। जहां भी अवैध खनन, भंडारण व परिवहन पाया जाएगा संबंधितों पर वैधानिक कार्रवाई होगी। खदानों की निरंतर निगरानी के लिए भी दल बनाए गए हैं।

sandeep nayak Desk/Reporting
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