इंजीनियरिंग छोड़कर थामा इटालियन ककड़ी का दामन, फिर हुए कुछ ऐसा चमत्कार

25-25 डिसमिल के दो पॉलीहाउस में इटेलियन ककड़ी उगाकर कमाए एक लाख, इंजीनियर किसान खेती में जैविक खाद का कर रहे उपयोग

By: sandeep nayak

Published: 04 Jan 2018, 09:30 AM IST

हरदा। इंजीनियरिंग छोड़ खेती करने वाले ग्राम सौताड़ा के एक किसान अतुल बारंगे को इटालियन ककड़ी ने मालामाल कर दिया है। अतुल ने परंपरागत के साथ उन्नत खेती कर अपने आधा एकड़ खेत में प्रदेश सरकार के उद्यानिकी मिशन से सन् 2015 में 50त्न अनुदान पर 25-25 डिसमिल के दो पॉलीहाउस बनवाए। एक पॉलीहाउस पर नौ लाख 35 हजार रुपए खर्च आया। मिशन की संरक्षित खेती योजना के माध्यम से 50 प्रतिशत अनुदान प्राप्त हुआ। 25-25 डिसमिल के दो पॉलीहाउस में इटेलियन ककड़ी उगाकर कमाए एक लाख, इंजीनियर किसान खेती में जैविक खाद का कर रहे उपयोग।
इंजीनियरिंग छोड़ खेती अ तुल ने बताया कि वे पॉलीहाउस में इटेलियन ककड़ी की फसल लगा रहे हैं। 25 डिसमिल में 2500 से 2800 ककड़ी का बीज लगता है, जिसका मूल्य लगभग 15 हजार रुपए है। इतना ही खाद और स्प्रे का खर्च आता है।

बीज लगाने से 45 दिन बाद ककड़ी बाजार में बेचने लायक हो जाती है। पैदावार भी 45 से 50 दिन तक होती है। बीज अपने पूरे समय में कम से कम 800 किलो और अधिकतम 1200 किलो का उत्पादन देता है। ककड़ी का बाजार भाव 12 से 30 रुपए किलो तक का मिलता है। इससे कम समय और कम जमीन में अच्छी पैदावर होने से काफी मुनाफा होता है। आधा एकड़ रकबे में लगी ककड़ी से उन्हें तीन माह में करीब एक लाख रुपए का मुनाफा हो रहा है।
किसान का कहना है कि नौकरी के लिए हर दिन आठ घंटे खपाने से बेहतर उतना समय अपनी खेती को दिया जाए तो सफलता निश्चित ही मिलती है। यही सोचकर उन्होंने खेती को अपना धंधा बनाया। अतुल 30 एकड़ में मिश्रित खेती कर रहे हैं, जिसमें सब्जी और सहित अन्य फसलों की पैदावार ले रहे हैं। उनका कहना है कि खेतों में रासायनिक खाद के स्थान पर जैविक खाद का ही उपयोग किया जाए। अतुल ने दूध उत्पादन के साथ गोबर गैस प्लांट भी लगा रखा है।

sandeep nayak Desk/Reporting
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