यहां 40 साल पहले विकसित हुआ औद्योगिक क्षेत्र, अब भी ग्रीनलैंड को है हरियाली का इंतजार

इटारसी स्थित औद्योगिक क्षेत्र के बीच में खाली है ग्रीनलैंड की जमीन

By: sandeep nayak

Published: 07 Jul 2019, 12:34 PM IST

इटारसी। कॉलोनी या औद्योगिक क्षेत्र विकसित करते समय प्रकृति को किए नुकसान की भरपाई के लिए ग्रीनलैंड छोड़ा जाता है। ग्रीनलैंड पर पेड़-पौधे लगाकर पार्क के रूप में विकसित करते है जिससे पर्यावरण संतुलन बना रहे। खेड़ा क्षेत्र में 90 छोटी बड़ी औद्योगिक इकाईयां है। औद्योगिक क्षेत्र का विकास हुए ४० वर्ष से ज्यादा हो चुके हैं। इस क्षेत्र में करीब ७ एकड़ ग्रीनलैंड छोड़ा गया था। इसमें एक तालाब है इसके अलावा आसपास खाली जमीन पड़ी है जिसका उपयोग कुछ उद्योग संचालक अस्थाई रूप से कर रहे हैं।
इस क्षेत्र को विकसित किया जाना था, लेकिन उपेक्षा का शिकार है। वैसे ग्रीनलैंड को विकसित करने की जिम्मेदारी न केवल प्रशासन की बल्कि उद्योगपतियों की भी है परंतु कभी किसी ने भी ध्यान नहीं दिया। हालात यह है कि यहां तालाब उथला हो चुका है और कुछ स्थानों पर अतिक्रमण भी होने लगा है। यहां एक भी पौधा नहीं लगाया है।
यह हो रहा नुकसान : धुआं उगलती औद्योगिक इकाईयों से पर्यावरण को तो नुकसान पहुंचाया जा रहा है लेकिन पर्यावरण को बचाने के लिए कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। इस क्षेत्र में जलस्तर काफी नीचे जा चुका है। यदि तालाब को पहले ही तरीके से विकसित किया जाता है तो यहां जलस्तर बना रहता। गौरतलब है कि औद्योगिक इकाईयों में पानी भी बड़ी मात्रा में उपयोग होता है। इसके बावजूद भी इस क्षेत्र को विकसित नहीं किया गया है।

विकसित किया जा सकता है पार्क
ग्रीनलैंड के लिए छोड़ा गया यह स्थान पिकनिक स्पॉट के लिए अनुकूल है। खास बात यह है कि इस तालाब में कमल के फूल खिले हुए हैं। यदि तालाब का गहरीकरण कर दिया जाए और तालाब के किनारों पर पौधरोपण करके इसे विकसित किया जाए तो पिकनिक स्पॉट बन सकता है।
बेरोजगारों को मिल सकता है रोजगार
यहां नर्मदांचल जल अभियान के तहत गतिविधियां संचालित की थी। अभियान के संयोजक अजय राजपूत का कहना है कि यदि यहां ध्यान दिया जाए तो प्रशासन को रेवन्यू मिल सकता है। यहां से हर साल ३ से ४ लाख तक कमल के फूल बेचे जा सकते हैं। इसके अलावा कमल गट्टा जो मखाने बनाने के काम आता उसका उपयोग किया जा सकता है। कमल की जड़ भी सब्जी बनाकर उपयोग की जाती है। इसके अलावा इस क्षेत्र को विकसित होने पर नौका विहार सहित अन्य मनोरंजन की गतिविधियों की जा सकती है।

sandeep nayak Desk/Reporting
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