पच्चीस मकान है जो ढह सकते हैं कभी भी

नगर पालिका जारी २५ भवन मालिकों को नोटिस

By: sandeep nayak

Published: 20 Jul 2018, 11:32 AM IST

इटारसी. बारिश का मौसम शुरू होने से पहले हर साल उन भवन मालिकों को नोटिस दिया जाता है जिनके मकान जर्जर हो चुके हैं। यह जर्जर मकान न केवल उन लोगों के लिए खतरा है जो इसमें रह रहे है बल्कि आसपास रहने वाले लोगों के लिए भी हादसे का कारण बन सकते हैं। शहर में ऐसेपच्चीस जर्जर भवन हैं जो हादसे का कारण बन सकते हैं। शहर के कई पुराने मकान हैं जो जर्जर और बदहाल हो चुके हैं। नगर पालिका के पास ऐसे 25 चिन्हित भवनों की सूची है जो कभी गिर सकते हैं।
नपा क्या करती है कार्रवाई - नपा अधिनियम 221 के तहत हर साल बारिश से पहले नपा मकान मालिकों को क्षतिग्रस्त आवासों में रहने वाले परिवारों को मकान खाली करके गिराने का नोटिस देती है लेकिन नोटिस देने के बावजूद जर्जर मकानों में लोग जमे हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि उन्हें सिर्फ नोटिस देने का अधिकार है मकान खाली करने का नहीं।
नपा ने इन्हें दिया है नोटिस - तेरहवीं लाइन में विजय तिवारी, जैन दालमिल के पास शीला पति महेशचंद्र मालवीय, बाजार एरिया नरेंद्र कुमार वल्द एन कुमार जैन, नेहरूगंज मानवेंद्र पिता छैलबिहारी पांडे, इकबालगंज युसूफ खान उर्फ बबलू खान, सुभाषगंज मालती देवी पति वीरेंद्र जैन, देशबंधुपुरा राजेश कुमार पिता अजिंदर अरोरा, दसवीं लाइन शिखरचंद पिता मन्नूलाल जैन, गांधी नगर जयप्रकाश पिता वल्लभदास अग्रवाल, तालाब मोहल्ला शिखरचंद पिता मन्नूलाल जैन, पीपल मोहल्ला शिखरचंद पिता मन्नूलाल जैन, पुरानी गरीबी लाइन आशुतोष मालवीय, वार्ड ३० चिमनलाल प्रागजी भाई, मालवीयगंज गोविंद सिंह राजपूत, पंजाबी मोहल्ला रविंद्र कौर छाबड़ा, तालाब के सामने मोहन खंडेलवाल, ग्याहरवीं लाइन मीराबाई पति स्वतंत्र जैन, नवमीं लाइन जमानी कॉलोनी रामेती बाई दुबे जमानी वाले, सातवीं लाइन अनिल कुमार पिता रामप्रसाद गुप्ता, मालवीयगंज संजय मालवीय दिलीप मालवीय, सुभाषगंज राजेश पिता ओमप्रकाश चावरा, पांचवीं लाइन विष्णु किशोर जायसवाल, पुराना पंजाब बैंक रूपेश पिता विष्णुप्रसाद पांडे, तीसरी लाइन कुंजीलाल पिता सूरजमल जैन, नरेंद्र नगर गुलाबचंद्र मन्नूलाल जैन को नोटिस दिया गया है।
बाजार के कॉम्पलेक्स भी जर्जर - बाजार क्षेत्र के कुछ व्यवसायिक कॉम्पलेक्स की हालत भी जर्जर हो चुकी हैं। इनमें कुछ कॉम्पलेक्स दोमंजिला बने हैं। पहली लाइन स्थित रविशंकर शुक्ला मार्केट, जयस्तंभ स्थित कॉम्पलेक्स, सिंधी बाजार स्थित कुछ दुकानें एवं भारत टॉकीज रोड पर एक कॉम्पलेक्स जर्जर अवस्था में हैं। पब्लिक एरिए में बने ये कॉम्पलेक्स भी हादसे का सबब बन सकते हैं।
ये है सबक लेने वाले हादसे - दो साल पहले मैहर में हाऊसिंग बोर्ड की तीन मंजिला इमारत ढहने से दर्जनों लोग मलबे में दब गए थे। इसके बाद पिछले ढाई महीने पहले इंदौर के सटवटे बस स्टैंड के पास एमएस लॉज ढहने की घटना हुई है। ये घटनाएं सबक है जर्जर भवनों को समय पर तोड़ा जाए अन्यथा कभी भी बड़े हादसे को झेलना पड़ सकता है।

जनरल सर्वे कराएंगे और इंजीनियर का पक्ष लिया जाएगा। यदि सरकारी भवन है तो स्वयं तुड़वाएंगे, यदि निजी है तो भवन मालिक को वैधानिक तरीके से भवन गिराने का प्रयास करेंगे।
अक्षत बुंदेला, सीएमओ

sandeep nayak Desk/Reporting
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