Jagannath Puri Rath Yatra 2019 इस खास पेड़ से बनी हैं भगवान जगन्नाथ मंदिर की मूर्तियां, यह है परंपरा

Jagannath Puri Rath Yatra 2019 इस खास पेड़ से बनी हैं भगवान जगन्नाथ मंदिर की मूर्तियां, यह है परंपरा

Sandeep Nayak | Updated: 04 Jul 2019, 01:21:32 PM (IST) Hoshangabad, Hoshangabad, Madhya Pradesh, India

मुगलकालीन है जगदीश मंदिर (Jagannath Puri Rath Yatra 2019)

होशंगाबाद। मां नर्मदा की नगरी होशंगाबाद के सेठानघाट पर भगवान जगन्नाथ (Jagannath Puri Rath Yatra 2019 ) का मंदिर। जो कई मायनों में खास है। यहां मंदिर में रखी मूर्तियों के दर्शन करने की लिस्ट में शहर के दूर दराज से आने वालों से लेकर फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार का नाम भी शामिल है। वहीं मंदिर में रखी मूर्तियां भी बेहद खास हैं।

नीम के पेड़ से बनी हैं मूर्तियां
महंत नारायण दास महाराज ने बताया कि जगदीश मंदिर (Jagannath Puri Rath Yatra 2019)में रखी भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा, भाई बलदाऊ की मूर्तियां विराजमान हैं। यहां की मूर्तियां नीम की लकड़ी से बनी हैं। यह सभी मूर्तियां अतिप्राचीन हैं। जिनको जगन्नाथपुरी से लाया गया था।

कभी नहीं बदली जाती मूर्तियां
महंत ने बताया कि जगन्नाथ (Jagannath Puri Rath Yatra 2019)में परंपरा है कि मंदिर की मूर्तियां हर १२ साल बाद बदली जाती हैं। लेकिन होशंगाबाद मंदिर में ऐसा नहीं होता है। यह मूर्तियां कभी नहीं बदली जाती हैं।

आर्शीवाद लेने के बाद हिट हुई थी अक्षय कुमार की फिल्म
फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार की फिल्म टॉयलेट एक प्रेम कथा बॉक्स ऑफिस पर जोरदार हिट रही थी। फिल्म ने अक्षय कुमार को नई ऊंचाईयों पर पहुंचाया था, अपको बता दें कि अक्षय कुमार ने इस मंदिर में आकर आर्शीवाद लिया था साथ ही फिल्म के एक गाने "गोरी तू ल_ मार" की शूटिंग भी यहीं पर की गई थी।

 

 

मुगलकालीन है जगदीश मंदिर (Jagannath Puri Rath Yatra 2019)
मंदिर में 11वीं पीढ़ी के महंत नारायणदास महाराज बताते हैं कि इस मंदिर का निर्माण मुगलकाल के दौरान कराया गया था। इसकी नकक्शी भी उसी दौर की है। मंदिर के आदि संस्थापक और पहले महंत रिधि रामदास महाराज थे।

आज निकलेगी रथयात्रा
गुरूवार से (Jagannath Puri Rath Yatra 2019 )रथयात्रा शहर के प्रमुख मार्गो से भ्रमण कर महावीर टॉकीज पहुंचेगी। जहां भगवान रात्रि विश्राम करेंगे। मान्यता है कि आषाढ़ के दूज को भगवान जगन्नाथ (Jagannath Puri Rath Yatra 2019)अपने भाई बलदाऊ और बहन सुुभद्रा के साथ मौसी के यहां जाकर कुछ दिन रहते हैं। इसके साथ भक्तों को दर्शन भी देते हैं।
जगन्नाथपुरी की तरह नर्मदांचल में भी यह आयोजन उसी परंपरा के साथ मनाया जाता है। सुबह भगवान जगन्नाथ भाई बलदाऊ और देवी सुभद्रा के विग्रह को रथयात्रा के लिए निकाला जाएगा। मंदिर में संत, महात्माओं द्वारा भगवान के स्वस्थ्य होने पर उनकी महाआरती की गई। आज रथ पर सवार होकर भगवान नगर भ्रमण को निकलेंगे।

रामसखी संग साधु महात्मा भी होंगे शामिल
रथयात्रा के साथ रामसखी और साधु संत कई दिनों पहले जगदीश मंदिर में पहुंच जाते है। इसके बाद वे रथयात्रा में शामिल होते हैं। यहां प्रदेश के अन्य जिलों से रामसखी व महात्मा शामिल हुए।


यहां से निकलेगी यात्रा
यात्रा जगदीश मंदिर से भगवान की महाआरती के साथ शुरू होगी। पहले दिन जगदीशपुरा, सराफा चौक, मोरछली चौक, कसेरा बाजार, एकता चौक, इंदिरा चौक होते हुए महावीर टॉकीज परिसर पहुंचेगी। महावीर टॉकीज में रात्रि विश्राम के बाद, दूसरे दिन दो दिनों के लिए ग्वालटोली। इसके बाद जयस्तंभ, तारा अहाता, सेठानीघाट, सुभाष चौक पर रथ यात्रा रूकेगी। १० जुलाई को वापस भगवान जगदीश मंदिर में सिंहासन पर विराजमान होंगे।

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