चमत्कार : यहां 200 साल पहले हाथ में प्रकट हुए थे भगवान श्रीकृष्ण

चमत्कार : यहां 200 साल पहले हाथ में प्रकट हुए थे भगवान श्रीकृष्ण

yashwant janoriya | Publish: Sep, 04 2018 02:54:57 PM (IST) Hoshangabad, Madhya Pradesh, India

12 राशियों के 12 खंभों से मिलकर तैयार हुआ श्रीकृष्ण मंदिर

होशंगाबाद. सेठानीघाट स्थित श्रीजी मंंंदिर 200 वर्ष पुराना है। इसे श्रीनाथ जी की हवेली भी कहा जाता है। मंदिर को दुर्गा प्रसाद शुक्ला के पर दादाओं द्वारा बनाया गया था। यहां की खासियत मंदिर में विराजमान बाल गोपाल के छोटे रूप की प्रतिमा है। जो पर दादाओं को काकरोली घाट में सूर्यनारायण को अद्र्ध देते वक्त सरोवर से जल निकालते वक्त हाथ में विग्रह प्रकट हुई। बाल स्वरूप इस प्रतिमा को श्रीजी मंदिर में विराजमान किया गया है। मंदिर में भगवान के मुख दर्शन का समय सुबह 9 से 9.30 व शाम 6 से 7 बजे तक है।
12 राशियों के 12 खंभों से बना है मंदिर- मंदिर की खासियत यह है कि इसका निर्माण 12 राशियों के 12 खंभों से कराया गया है। दुर्गा प्रसाद बताते हैं कि जन्माष्टमी, होली, अन्नकूट, झूला ग्यारस, गोवर्धन पूजा धूमधाम से मनाई जाती है।
गर्भग्रह में गीले कपड़ों में ही होता है प्रवेश- मंदिर संचालक दुर्गा प्रसाद ने बताया कि बाल गोपाल के गर्भग्रह में पूजा के दौरान गीले कपड़ों में प्रवेश किया जाता है। हर दिन केवल परिवार के सदस्य ही पूजा अर्चना करते हैं किसी अन्य सदस्य के हाथ में पूजा की थाल नहीं दी जाती है।

 

झांकियों ने मोहा मन, दिखी संस्कृति की झलक-

होशंगाबाद. ग्वालयादव महासभा के सदस्यों द्वारा दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम के पहले दिन देवी जागरण व सोमवार को कृष्ण उत्सव समिति ने भव्यशोभा यात्रा निकाली। जो काली मंदिर से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों निकाली गई। सुनील यादव ने बताया शोभायात्रा में भगवान की विभिन्न झाँकियां सजाई गई। इस वार वासुदेव और बाल गोपाल की झांकी, दूसरी झांकी में गोपियां और भगवान कृष्ण को सजाया गया। जिसमं गोपियां भगवान को दही मठकर खिलाती दिख रही हैं। तीसरी झांकी धोड़ों के रथ पर सवार भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन की झांकी भी आकर्षण का केन्द्र रही। महिलाओं ने गोपियों का रुप रख महारास करते हुए प्रदर्शित किया गया। शोभायात्रा ग्वालटोली के मार्गों खोजनपुर, बालमिकी कॉलोनी, सिवनीनाका, दीवान चौंक, ग्वालाचौक, आजाद चौक, रेलवेस्टेशन दुर्गा मंदिर से होकर काली मंदिर पहुंची। शोभायात्रा का जगह-जगह सामाजिक बंधुओं ने स्वागत किया। शोभायात्रा में ग्वाल यादव समाज के मुखिया रामभरोस महाते, नंदकिशोर चौधरी, धन्नालाल दीवान, समस्त ग्वाल बंधु, वरिष्ठजन,मातायें बहने, बच्चे, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव समीति के सभी सदस्य उपस्थित रहे।
वहीं सोमवार को राजमिस्त्री जाटव समाज विकास समिति द्वारा भुजरिया मिलन एवं श्रीकृष्ण जन्माष्टम्मी महोत्सव मनाया गया। इस दौरान समाज के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं का सम्मान विजयासन देवी बालागंज में किया गया। इस अवसर पर महिलाओं ने भजन संध्या का भी आयोजन किया।

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