ग्रामीण बोले- जनसुनवाई दिखावा, 5 माह बाद भी नहीं हटा अतिक्रमण

तीस फीट चौड़ाई बची 6 फीट, बिल्डर ने अवरुद्ध किया मार्ग, दबंगों ने कर दी फेंसिंग

By: poonam soni

Published: 25 Apr 2018, 07:17 PM IST

होशंगाबाद. हमने पांच माह पहले जनसुनवाई में कलेक्टर को सरकारी गांव पर अतिक्रमण हटाने की शिकायत की थी। पावती देकर कहा गया तहसीलदार को निर्देश दिए हैं। जब तहसीलदार से पूछा तो उन्होंने कार्रवाई संबंधी कोई जानकारी नहीं दी। आज भी अतिक्रमण कायम है। जनसुनवाई सिर्फ दिखावा है। यह कहना है कि रायपुर गांव के ग्रामीणों का। आज वे फिर जनसुनवाई में आए थे। हरि मलैया, तेजराम गौर, श्रीराम अहीर, भूरा, मुल्लू, शकुनबाई, कौशल गौर, कमल गौर, देवेंद्र पटेल ने बताया कि सरकारी गोहे पर बिल्डर व दबंगों ने फेंसिंग से कब्जा कर रखा है। खेतों में जाने का रास्ता ही बंद हो गया है। 30 फीट का गोहा अतिक्रमण से मात्र 6 फीट पगडंडी बन गया है। खेतों में टै्रक्टर-ट्रॉली व कृषि यंत्र आ-जा नहीं पा रहे हैं।

फेफरताल तालाब से हटे अतिक्रमण : जिला कांग्रेस महामंत्री डीसी बाईंया ने शहर के फेफरताल तालाब पर काबिज अतिक्रमणों को सख्ती से हटाने की मांग की है। यह भी पूछा है कि क्या इसे भी अतिक्रमण मुहिम में शामिल किया जाएगा।
घरों में भराया सैप्टिक टैंक का पानी : पंचवटी परिसर फेज-वन के सैप्टिक टैंक का गंदा पानी आसपास के मकानों में भरा रहा है। नाथुराम यादव, गोविंद यादव, शिवशंकर पटवा, अशोक साहू, मुकेश यादव ने बताया कि बदबू से रहना मुश्किल हो रहा है। लोग संक्रामक रोगों के शिकार हो रहे हैं।
बाबू पर रिश्वत मांगने का आरोप : फेफरताल आशीर्वाद नगर निवासी नन्हाबाई ने बनखेड़ी तहसील कार्यालय में कानूनगो शाखा में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 गणेश प्रसाद मालवीय पर 15 हजार रुपए की रिश्वत वसूलने का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि उसकी व बहन बड़ीबाई की बनखेड़ी के विजनहाई में जमीन है। नकल निकलवाने व सीमांकन के लिए बाबू ने रिश्वत लेने के बाद भी उसका काम नहीं किया।
फूट-फूटकर रोयी मां, नहीं मिली मदद
बाबई की लक्ष्मीबाई पति राममोहन कहार आज जनसुनवाई में बेटे की करेंट से मौत के छह वर्ष बाद भी आर्थिक मदद नहीं मिलने पर फूट-फूटकर रोई। उसने बताया कि पुत्र श्याम मकान निर्माण का मजदूरी करता था। गौरव दोहरे के मकान के निर्माण कार्य के दौरान 11 केवी लाइन का करंट लगने से 25 मई 2013 को श्याम की मौत हो गई थी। तब से लेकर वह आज तक मदद की गुहार लगा रही है। न तो जिला प्रशासन और ना ही बिजली कंपनी अधिकारी दोषियों पर कार्रवाई कर न ही आर्थिक मदद दी गई।

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