ट्रेन में सिर्फ यात्रियों की चेकिंग, बेचने वालों को छूट...

टिकट चेकिंग के दौरान अवैध रूप से सामग्री बेचने वालों को छूट, नहीं पूछी जाती टिकट

By: yashwant janoriya

Published: 29 Mar 2019, 07:08 PM IST

यशवंत जनोरिया. इटारसी. ट्रेनों में अवैध रूप से खाद्य सामग्री बेचने वालों पर लगाम नहीं लग रही है। आलम तो ये है कि ट्रेनों के रिजर्वेशन डिब्बों में टिकट की जांच करने वाले टिकट चेकर तक के सामने यह लोग बेधड़क सामग्री बेचते है। टीसी न तो इनसे टिकट पूछते है और न ही इन पर कोई कार्रवाई होती है। ऐसे में इनके हौंसले बुलंद है, क्योंकि इनको रोकने वाला कोई नहीं होता। बड़ा सवाल यह है कि ट्रेन में यदि कोई बिना टिकट पकड़ा जाता है तो टीसी उस पर भारी जुर्माना कर रसीद बना देते है, लेकिन ऐसे अवैध वेंडरों पर वह कार्रवाई क्यों नहीं करते हैं।

मच्छरों के कारण बढ़े अस्पताल में मलेरिया के मरीज
इटारसी. गर्मी शुरू होते ही शहर में मच्छरों की संख्या बढ़ते ही मलेरिया के मरीज भी ज्यादा आ रहे हैं। इटारसी के एकमात्र शासकीय श्यामाप्रसाद मुखर्जी अस्पताल में फरवरी में जहां हर हफ्ते में मलेरिया 3 से 4 केस आ रहे थे, वही मार्च में संख्या बढ़कर लगभग दोगुनी हो गई है। उधर दूसरी ओर नगर पालिका ने मच्छरों से निपटने के लिए कोई रोकथाम नहीं किया है। शहर में गंदगी पसरी हुई है। कचरा नहीं उठने और नालियां साफ नहीं होने से मच्छर बढऩे लगे है। डॉक्टरों के अनुसार वर्तमान में इटारसी के श्यामा प्रसाद मुखर्जी अस्पताल में रोजाना खांसी- बुखार के 150 से 200 मरीज ओपीडी पर आ रहे हैं। इनमें से लगभग 30 फीसदी मरीज मलेरिया व अन्य संभावित बुखार के मिल रहे हैं। उधर अस्पताल में मेडिसिन वार्ड में भर्ती मरीजों की संख्या अधिक है। सबसे ज्यादा संख्या बुखार के मरीजों की है। डॉक्टर्स के मुताबिक मौसम में दिन में गर्मी, तो देर रात में ठंड के कारण लोग सर्दी-खांसी के साथ बुखार के शिकार हो रहे हैं। इसके अलावा टायफाइड, पीलिया, मलेरिया के मरीज भी लगातार सामने आ रहे हैं। चिकित्सक इन बीामारियों के पीछे मच्छर को वजह मानते हैं।
--------------
अभी मच्छर से होने वाली बीमारियां पूरी तरह से नियंत्रित हैं। मलेरिया के केस फिलहाल कम हैं। अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं में लगातार विकास हो रहा है। ओपीडी में इसलिए मरीज ज्यादा आ रहे हैं, सभी तरह का बेहतर उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है। बुखार वाले मरीजों को समुचित इलाज की जा रही है।
डॉ. एके शिवानी

yashwant janoriya
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned