शरीर में रक्ताल्पता का स्तर बता रहा लालिमा रथ

govind chouhan

Publish: Dec, 08 2017 11:30:07 (IST)

Hoshangabad, Madhya Pradesh, India
शरीर में रक्ताल्पता का स्तर बता रहा लालिमा रथ

दी जा रही रक्त अल्पता से निपटने उचित खानपान की सलाह, किशोरी बालिकाओं को बताया डाईट चार्ट

सोहागपुर. बच्चों, किशोरी बालिकाओं और महिलाओं में एनीमिया अर्थात रक्ताल्पता के उन्मूलन के लिए जनजागरुकता हेतु महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लालिमा योजना चलाई गई है। इसमें लालिमा रथ गांव-गांव भ्रमण करेगा तथा आंगनबाड़ीे केंद्रों पर पहुंचकर महिलाओं व किशोरी बालिकाओं को रक्ताल्पता के लक्षण, इससे बचाव के तरीके व जरूरी सुझाव देगा।
इन दिनों लालिमा रथ सोहागपुर ब्लॉक में भ्रमण पर है। महिला एवं बाल विकास विभाग परियोजना अधिकारी जसिंता तिग्गा के अनुसार लालिमा योजना के हितग्राही व लाभार्थी शाला जाने वाली या शाला त्यागी किशोरी बालिकाएं, गर्भवती व धात्री महिलाएं, छह माह से लेकर 10 वर्ष आयु वर्ग के बच्चे तथा 19 से 49 वर्ष आयु वर्ग की महिलाएं हैं। जिनसे संपर्क कर उनके रक्त में हिमोग्लोबिन की मात्रा का आंकलन किया जा रहा है। रक्ताल्पता की स्थिति में क्या डाइट चार्ट होना चाहिए, इसकी जानकारी भी रथ में उपस्थित स्टाफ द्वारा दी जा रही है।
यह है आयु व हिमोग्लोबिन का संबंध : बीएमओ डॉ. रेखा सिंह गौर व परियोजना अधिकारी जसिंता तिग्गा के अनुसार मेडिकल साईंस द्वारा मनुष्य के शरीर में रक्त में हिमोग्लोबिन की मात्रा का चार्ट तैयार किया गया है। इसमें सामान्य हिमोग्लोबिन, अल्प हिमोग्लोबिन, मध्य हिमोग्लोबिन व गंभीर हिमोग्लोबिन की कमी के चार स्लैब निर्धारित किए गए हैं। उक्त चार्ट प्रत्येक परिवार के पास होना चाहिए तथा कमजोरी आदि लगने पर रक्त में हिमोग्लोबिन की नियमित जांच होते रहना चाहिए।
ऐसे करें बचाव : अनाज में बाजरा, पोहा, मुरमुरा, राजगिरा, ज्वार, रागी, बिना छना आटा तथा दालों व अंकुरित दालों मेेें देसी चना, काबुली चना, चने की दाल, साबुत मूंग, मोठ, चवला, मसूर, राजमा, सोयाबीन, सूखा मटर लिए जा सकते हैं। इसके अलावा चौलाई, सहजन, मैथी, अरबी, पुदीना, धनिया, मीठा नीम जैसी हरी पत्तेदार लेकिन ताजी सब्जियां भी बेहतर इलाज हैं। मूंगफली खाने के साथ-साथ खजूर, किशमिश, खसखस सहित तिल व काला तिल भी उपयोग में लिया जा सकता है। लौह तत्व से भरपूर विटामिन सी वाली सब्जी व फल, खमीरीकृत पदार्थ, विटामिन सी की गोली, फेरस एस्कार्बेट की गोलियां आदि के साथ ही चिकित्सक के परामर्श अनुसार दवाएं ली जा सकती हैं।

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