लॉकडाउन : 365 ऑपरेशन टाले, 62 दिन से रोज तकलीफ से जूझ रहे मरीज

आईओटी, आर्थो और जनरल ऑपरेशन बंद होने के कारण लोग हुए परेशान

होशंगाबाद। जिला अस्पताल में हर माह सौ से अधिक विभिन्न प्रकार के ऑपरेशन होते थे, लेकिन लॉकडाउन के चलते सिर्फ अतिआवश्यक ऑपरेशन ही किए जा रहे हैं। पिछले ६२ दिन में करीब ३६५ ऑपरेशन या तो बाद में करने का कहकर आगे बढ़ा दिए गए या फिर मरीजों को भोपाल रैफर कर दिया गया। इससे हार्निया, पथरी, गठान, मोतियाबिंद और गर्भाश्य जैसे ऑपरेशन नहीं होने से इनके पीडि़त रोजाना तकलीफ सेजूझ रहे हैं।

लॉकडाउन में रियायत से जागी उम्मीद

जिले में विभिन्न बीमारियों के कारण तकलीफ झेल रहे मरीजों को लॉकडाउन में रियायत मिलने के बाद पीड़ा से निजात पाने की उम्मीद जागी है। उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही जिला अस्पताल में ऑपरेशन शुरू होंगे और वे पिछले दो माह से सह रहे दर्द से मुक्ति पा सकेंगे। लोग अपनी आंखों के मोतियाबिंद, हार्निया और पथरी को निकलवाने के ऑपरेशन के लिए अस्पताल से जानकारियां लेने लगे हैं। अभी स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य होने के बाद भी उन्हें ऑपरेशन के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा। जिला अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ.दिनेश देहलवार ने बताया कि हर माह करीब २५ से ३० आर्थो के केस ओटी में होते हैं, लेकिन इसमें जो बहुत जरूरी थे, वो भोपाल के लिए शिफ्ट करा दिए गए। वहीं सामान्य ऑपरेशन अभी रोक दिए गए हैं। एेसे ही सर्जरी के मामले में होशंगाबाद की ओटी में हार्निया, पथरी और शरीर से गठान को निकालने वाले केसेस को होल्ड पर रखा गया था। जिसके कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा है। इधर सबसे अधिक काम परिवार कल्याण का प्रभावित माना जा रहा है। जहां एक भी नसबंदी का ऑपरेशन नहीं हो सका है।

निजी अस्पताल में भी नहीं हुए ऑपरेशन

सरकारी अस्पताल का ऑपरेशन थ्रेटर तो कोरोना के कारण बंद कर दिया गया था। इसके साथ प्राइवेट अस्पताल की ओटी में भी मोतियाबिंद जैसे ऑपरेशन नहीं होने के कारण बुजुर्ग परेशान हो रहे है। निजी चिकित्सक डॉ.राजेश चौहान ने बताया कि मोतियाबिंद का ऑपरेशन जिस एज ग्रुप के लोगों का कराया जाता है। उन्हें कोरोना संक्रमण का सबसे अधिक खतरा है। एेसे में वो अभी ऑपरेशन, गाइड लाइन के बाद ही तैयार करेंगे। इधर जिला अस्पताल में आई ओटी को शुरू कर पाना विभाग के लिए संभव नहीं है।
फैक्ट फाइल

- हड्डी के ऑपरेशन 30 प्रति माह

- गठान निकालने के 15 से 20 प्रति माह

- पेट की गठान निकालने के 8 से 10
- गर्भाश्य के 20 से 25

- अन्य हार्निया, पथरी के ऑपरेशन 8 से 10

कितने हुए ऑपरेशन

माह - 2019 - 2020
मार्च - 283 - 163

अप्रैल - 270 - 185
मई - 250 - 150

इनका कहना है

मुझे अपनी आंखों के मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराना है, एक आंख का ऑपरेशन तो हुआ है, लेकिन जब दूसरी आंख का ऑपरेशन कराने के लिए गया, तब तक कोरोना संक्रमण की शुरूआत हो गई थी।

- कृष्णदेव, सेवा निवृत अधिकारी पिपरिया

मेरे शरीर के एक हिस्से में गठान बनी हुई है, यह गठान लगातार बढ़ती जा रही है। जिला अस्पताल में डॉ.गंगराडे ने मुझे देखकर ऑपरेशन के लिए बुलाया था। लेकिन अचानक लॉकडाउन लग गया। अब गठान बढ़ती जा रही है। हमारे लिए बड़ी परेशानी है। गुरुवार को फिर दिखाने आई हूं।

- रबीना खान,(बदला हुआ नाम) मरीज

ऑपरेशन की शुरूआत जल्द की जाएगी, जो ऑपरेशन जरुरी हैं, उसे प्राथमिक्ता के आधार पर लिया जाएगा। डॉक्टरों के साथ जल्द एक बैठक के बाद प्रोटोकॉल पर चर्चा कर ऑपरेशन शुरू किए जाएंगे।

- डॉ.रविंद्र गंगराडे, सीएस होशंगाबाद

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बृजेश चौकसे
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