लापरवाही : मध्यप्रदेश के इस जिले में बिना खाद्य लाइसेंस के चल रहीं देशी-विदेशी शराब दुकानें

प्रदेश में लाइसेंस लेने का कानून लागू होने के बाद 12 अप्रेल 2019 को जिला शाखा को खाद्य विभाग ने पत्र भेजकर अमल करने का कहा था, इसके बाद भी नहीं दिया जा रहा ध्यान

By: sandeep nayak

Published: 23 Jan 2021, 12:48 PM IST

होशंगाबाद/जिले की सभी 68 देशी-विदेशी शराब दुकानें बिना खाद्य विभाग लाइसेंस के चल रही है।भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने एक अपै्रल 2019 से शराब बिक्री के लिए भी खाद्य लाइसेंस अनिवार्य कर दिया है। प्रदेश में भी यह लागू हो चुका है। खाद्य विभाग ने जिला शाखा को इस पर अमल करने के लिए पत्र लिखा था। यह पत्र 12 अप्रेल को मिलने के बाद अभी तक जिले की सभी 6 2 शराब दुकान संचालकों में से किसी ने भी लाइसेंस नहीं लिया है। जिले में 40 देशी और 22 विदेशी शराब दुकान हैं। बता दें जिले में मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान चला रहे जिला प्रशासन ने अभी तक एक भी शराब करोबारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की है। हैरानी की बात यह भी है कि अभी तक खाद्य लाइसेंस के लिए एक भी ठेकेदार खाद्य विभाग नहीं पहुंचा। नए नियमानुसार बिना लाइसेंस पाए जाने पर दुकान संचालक को छह माह के कारावास और पांच लाख रुपए जुर्माने की सजा का प्रावधान हैं।

इसलिए बना था लाइसेंस लेने का कानून
देश भर में मिलावटी शराब पीने से हर साल कई लोगों की मौत होती है। खाद्य विभाग अब समय-समय पर इसकी जांच कर सकेगा कि कहीं कोई मिलावट या अमानक चीज तो नहीं मिलाई जा रही, जिससे नुकसान हो। तय मानक का पालन हो रहा है या नहीं।
अन्य जिलों में हो रही एफआइआर
प्रदेश के सभी जिलों में इसे लेकर कलेक्टर काफी सख्त हैं। जिसके कारण वहां लाइसेंस नहीं होने पर लगातार कार्रवाई हो रही हैं। धार में लगातार कार्रवाई की जा रही हैं।

लाइसेंस लेने शराब ठेकों को चार माह पहले लिखा था
जिला अबकारी अधिकारी अभीषेक तिवारी ने बताया कि अभी किसी के पास खाद्य लाइसेंस नहीं है। लेकिन पूर्व में कुछ नियमों में बदलाव हुए हैं। जिसके कारण अभी ठेकों में खाद्य लाइसेंस नहीं लिया गया है। हालांकि शराब के ठेकों को लाइसेंस लेने के लिए खाद्य विभाग ने चार माह पहले ही लिखा है।
नहीं है जानकारी
खाद्य लाइसेंस बनाना या उसकी जांच करना खाद्य एवं औषधि विभाग का काम है। शराब ठेका में खाद्य लाइसेंस की अनिवार्यता है। उच्चाधिकारियों से बात कर देखते हैं कि क्या कार्रवाई की जा सकती। नियमों में है तो ठेके वालों को भी लाइसेंस लेना होगा।
- ज्योति बंसल, औषधीय खाद्य निरीक्षक होशंगाबाद

sandeep nayak Desk/Reporting
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