lok sabha election 2019 कांग्रेस के प्रशिक्षण बैठक में भाजपा की चर्चा, ये है कारण

बूथ एजेंटों को बुलाया था प्रशिक्षण के लिए बैठक में भाजपा को कोसते रहे नेता

By: sandeep nayak

Published: 04 Apr 2019, 02:23 PM IST

होशंगाबाद। ग्वालटोली के विष्णु गार्डन में बुधवार को कांग्रेस के बूथ लेबल एजेंटों (बीएलए) को प्रशिक्षण के लिए बैठक में बुलाया गया था, लेकिन इसमें आधे से भी कम बीएलए ही आए। प्रशिक्षण की बजाए कांग्रेस नेता ज्यादातर समय भाजपा को ही कोसते रहे। प्रशिक्षण में खुद पार्टी प्रत्याशी दीवान शैलेंद्र सिंह दो घंटे देरी से पहुंचे और इसके लिए कांग्रेसजनों से माफी मांगी। प्रशिक्षण बैठक कार्यवाहक जिलाध्यक्ष रमेश बामने की अध्यक्षता में हुई। इसमें लोकसभा प्रभारी नंदा महात्रे, पूर्व मंत्री सरताज सिंह, विकल्प डेरिया, मीना वर्मा, चंद्रगोपाल मलैया, मनीष राय, अजय सैनी सहित पूर्व जिलाध्यक्ष कपिल फौजदार मौजूद रहे। मंगलवार को जिलाध्यक्ष पद से हटाए गए अमृत बिंदू डेरिया भोपाल में पीसीसी में थे।
261 में से 60-70 बीएलए ही आए
कांग्रेस की चुनावी तैयारियों के तहत बुधवार को होशंगाबाद-इटारसी विधानसभा स्तर का बूथ प्रशिक्षण कार्यक्रम रखा गया। इसमें कुल 261 बीएलए में से मात्र 60-70 बीएलए ही शामिल हुए। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के बीएलए गेहूं कटाई की वजह से नहीं आए। इन बीएलए को उनके मतदान केंद्रों पर इवीएम-वीपीपैट से मतदान के समय अपनी टीम के साथ कैसे काम करना है। किन चीजों का ध्यान रखना है के बारे में प्रशिक्षण दिया जाना था, लेकिन वरिष्ठ नेता भाषणबाजी करते रहे। ज्यादातर समय भाजपा, पीएम मोदी, पूर्व सीएम शिवराज, भाजपा प्रत्याशी उदयप्रताप को निशाना बनाकर उन्हें कोसते रहे।
डेरिया ने संयुक्त सचिव का पद ठुकराया
इधर, पद से हटाए गए अमृत बिंदू डेरिया टिल्लू भैया को पीसीसी ने आज भोपाल बुलाया था। उनसे उपाध्यक्ष व संगठन प्रभारी चंद्रप्रभाष शेखर ने मुलाकात की। मान मनौब्बल कर प्रदेश संयुक्त पद का ऑफर दिया, जिसे डेरिया ने ठुकरा दिया। डेरिया का कहना था कि मुझे बुलाकर डीसीसी का पद दिया गया था, जिसे वापस ले लिया। अब मैं बिना मुख्यमंत्री कमलनाथ से चर्चा किए कोई नया पद और जिम्मेदारी नहीं लूंगा। डेरिया की गुरुवार को कमलनाथ से मुलाकात होगी।
प्रशिक्षण से दूर रही सत्ता वाली भीड़
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में पुराने कांग्रेसी शामिल हुए, लेकिन प्रदेश में सरकार बनने के बाद सत्ता खासकर प्रभारी मंत्री पीसी शर्मा के साथ सर्किट हाउस में दिखने वाले कांग्रेसी नदारत रहे। इधर, बैठक के अंत में लोकसभा प्रभारी नंदा महात्रे ने एकांत में जाकर पार्टी प्रत्याशी दीवान शैलेंद्र सिंह से गोपनीय चर्चा की।
जिलाध्यक्ष को लेकर चुप्पी साधी
जिला कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर चल रही खींचतान और एक दिन पहले पद से हटाए गए अमृत बिंदू डेरिया के घटनाक्रम के बाद ज्यादातर पार्टी नेता कुछ भी कहने से बचते रहे। नंदा महात्रे, विकल्प डेरिया, रमेश बामने सहित खुद पार्टी प्रत्याशी दीवान शैलेंद्र सिंह ने कहा ये संगठन का मामला है इसलिए कुछ नहीं कहेंगे।
&मेरी उम्मीदवारी से भाजपा प्रत्याशी उदय प्रताप बहुत बिचलित हैं। वे दस साल सांसद रहे, लेकिन निधि का उपयोग ही नहीं कर पाए। सिर्फ लैटर दिए राशि नहीं दी। झूठ बोलना उनकी आदत है, जो भी उनकी मदद करता है उनको नुकसान पहुंचाते हैं।
दीवान शैलेंद्र सिंह कांग्रेस प्रत्याशी

sandeep nayak Desk/Reporting
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