महिलाओं को नहीं मिली चूल्हे के धुएं से मुक्ति

sanjeev dubey

Publish: Jul, 14 2018 11:57:45 AM (IST)

Hoshangabad, Madhya Pradesh, India
महिलाओं को नहीं मिली चूल्हे के धुएं से मुक्ति

अभी भी कई पात्र हितग्राही परिवार उज्ज्वला योजना से वंचित

टिमरनी. प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभ से कई पात्र हितग्राही परिवार आज भी वंचित है। इससे उन्हें अभी भी चूल्हे पर ही खाना पकाना पड़ रहा है। ऐसे परिवारों की महिलाओं को चूल्हे से उठने वाले धूएं से राहत नहींं मिली है। जानकारी के अनुसार विकासखंड में कई बीपीएल परिवार ऐसे है, जिन्हें प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन नहीं मिले है। योजना लाभ लेने के लिए बीपीएल परिवार के सदस्य गैस एजेंसी पहुंच रहे है। लेकिन उन्हें वहां से खाली हाथ वापस लौटा दिया जाता है। वर्तमान में बारिश होने से जंगलों में सूखी लकड़ी भी नहीं मिल रही है। जिसके चलते इन परिवारों का खाना पकाना दूभर हो रहा है। बीपीएल परिवारों के अलावा कुछ एससी एसटी वर्ग के परिवारों को भी उज्ज्वला योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

महिलाओं ने विधायक को बताई समस्या-
जानकारी के मुताबिक एससी एसटी के बीपीएल परिवारों द्वारा जाति प्रमाण पत्र एवं एक से अधिक गैस एजेंसियों में आवेदन करने एवं अधूरा दस्तावेज जमा करने से उनके आवेदन निरस्त कर दिए गए थे। विगत दिनों नौसर गांव पहुंचे विधायक संजय शाह को महिलाओं ने उज्जवला योजना का लाभ नहीं मिलने की शिकायत भी की थी। इसके बाद कुछ महिलाओं को गैस कनेक्शन मिले लेकिन कुछ को अभी तक नहीं मिल सके है।

अभी भी हजारों उपभोक्ता गैस कनेक्शन से वंचित-
जानकारी के अनुसार विकासखंड में संचालित रहटगांव मे स्थित गैस एजेंसी में योजना के तहत कुल 6 400 प्राप्त आवेदन में से 4350 स्वीकृत, टिमरनी एजेंसी में ४७१३ आवेदन मेंं से 3510 स्वीकृत, करताना गैस एजेंसी में 16 43 आवेदन में से 953 स्वीकृत, भारत गैस रहटगाव में 6 25 में से 372 कनेक्शन स्वीकृत हुए है। इस प्रकार अभी भी हजारों हितग्राही ऐसे है जिन्होंने गैस कनेक्शन के लिए आवेदन तो किया है, लेकिन उन्हें कनेक्शन नहीं दिए जा रहे है।

गैस कनेक्शनों की नहीं होती जांच-
घरेलू गैस कनेक्शन की जांच दो वर्षमें एक बार करना अनिवार्य होता है। लेकिन गैस एजेंसी द्वारा गैस कनेक्शनों की जांच नहीं की जाती है। जिसके चलते गैस टंकी में आग लगने, चूल्हा खराब होने से आग भभकने, नली लिकेज होने की आशंका बनी रहती है। गैस एजेन्सी संचालक की लापरवाही के चलते किसी दिन बड़ा हादसा भी हो सकता है। जांच के दौरान पीवीसी पाइप नली समयावधि से पुरानी मिलने पर बदलना आवश्यक है। ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्र में कई सालों से गैस कनेक्शनों की जांच नहीं हुई है। जबकि एजेंसी संचालकों द्वारा जांच के नाम १५० रुपए उपभोक्ताओं से वसूले जा चुके है।

विकासखंड में 26 774 गैस उपभोक्ता-
विकासखंड में तीन गैस एजेंसी संचालित है। जिनके पास कुल गैस उपभोक्ताओ की संख्या 26 774 है। लेकिन इतनी बड़ी मात्रा में गैस उपभोक्ताओं की संख्या में से कुछ ही उपभोक्ताओं के यहां ही मेकेनिक निरीक्षण करने पहुंचेे होंगे। जानकारी के अनुसार टिमरनी गैस एजेंसी मे 438 6 गैस उपभोक्ता है।

इनका कहना है-
हितग्राही अपने निकटस्थ एजेंसी पर दस्तावेज के साथ आवेदन करें। सभी बीपीएल कार्डधारक, अनुसूचित जाति एवं जनजाति परिवार, पीएम आवास के हितग्राही आवेदन कर योजना का लाभ ले सकते है। कुछ विसंगतियां होने व एक ही आवेदन अलग अलग एजेंसी पर देने से पुनर्रावृत्ति होने से रिजेक्ट हो गए है। कनेक्शन सतत वितरित किए जा रहे है।
आपूर्ति पटेल, खाद्य आपूर्ति अधिकारी, टिमरनी

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