विधायक के भाई ने अवैध निर्माण कर बनाई थी २४ दुकानें, दुकानदारों को नोटिस जारी

एसएनजी स्टेडियम की दुकानों का मामला: बेदखली के नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू

होशंगाबाद। भाजपा विधायक डॉ. सीतासरण शर्मा के भाई भवानीशंकर शर्मा द्वारा एसएनजी स्टेडियम में निर्मित २४ दुकानों के संचालकों को बेदखली का नोटिस जारी किया जा रहा है। यह नोटिस सोमवार को शहरी तहसील से जारी किया जाएगा। प्रशासन की जांच में स्टेडियम के बाहर बनी यह दुकानें नजूल की भूमि पर अवैध तरीके बनाया जाना पाया गया है। इस कारण अतिक्रमण मानते हुए कब्जा हटाने के आदेश जारी हुए हैं।

शहरी तहसीलदार आलोक पारे ने बताया कि उन्हें कब्जा हटाने के आदेश मिल गए हैं। इस संबंध में अब अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए सभी दुकानदारों को नोटिस दिए जा रहे हैं। नोटिस सोमवार को दुकान संचालकों को दे दिए जाएंगे। नोटिस में लिखा गया है कि नजूल की भूमि पर अतिक्रमण कर यह दुकान बनाई गईं हैं, क्यों न आपको बेदखल कर दिया जाए। उनके जवाब के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में वीरेंद्र यादव और संजीव मिश्रा ने कमिश्नर और एसपी को शिकायत की थी कि पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष एवं नर्मदा शिक्षा समिति के अध्यक्ष भवानी शंकर शर्मा द्वारा अवैध तरीके से नजूल की भूमि शीट नंबर 43 प्लॉट नंबर 15/३ पर दुकानों का निर्माण कर बीस साल से किराया लिया जा रहा है। जांच के बाद नजूल अधिकारी ने तहसीलदार कब्जा हटाने के आदेश दिए हैं।

करोड़ों की आय का नहीं हिसाब-किताब
होशंगाबाद विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा के भाई भवानीशंकर शर्मा ने नर्मदा शिक्षा समिति का प्रबंधक रहते हुए दुकानों का निर्माण कराया था। ३१ दिसंबर २००२ तक समिति को दुकानों की नीलामी और ब्याज से २५ लाख १४ हजार ५१६ रुपए का आय हुई थी। इसका खुलासा २९ जनवरी २००३ में तत्कालीन कलेक्टर आशीष उपाध्याय द्वारा मुख्यमंत्री के सचिव को भेजे गए पत्र में हुआ है। इसके बाद का हिसाब प्रशासन के पास नहीं हैं। उपाध्याय ने इस पत्र में बताया कि जब स्टेडियम के रखरखाव एवं इससे होने वाली आय पर अधिकार के संबंध में जिला खेल एवं युवक कल्याण समिति की बैठक में बात उठी तो नर्मदा शिक्षा समिति के अध्यक्ष भवानीशंकर शर्मा ने अपत्ति उठाते हुए दावा किया था कि स्टेडियम नर्मदा शिक्षा समिति के आधिपत्य एवं स्वामित्व का है। इसलिए उनसे स्वामित्व संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराने का कहा गया, लेकिन वह कोई भी दस्तावेज पेश नहीं कर पाए। इसलिए इसकी आय का हिसाब जिला खेल युवक कल्याण समिति द्वारा बनाई गई उपसमिति द्वारा रखे जाने की कार्रवाई की जा रही है। सूत्र बताते हैं कि उपसमिति बनने के बाद भी आय का लेखाजोखा शिक्षा समिति के पास रहा। तब से अब तक कितनी आय हुई शासन को ही नहंीं पता।

अब बोले- हमारा कोई लेना-देना नहीं

हमारा स्टेडियम से कोई लेना देना नहीं है, हमारी नर्मदा शिक्षण समिति को २ लाख रूपए स्टेडियम बनाने को दिए गए थे। जनसहयोग से २० लाख का स्टेडियम बनाया। उस समय समिति के अध्यक्ष कलेक्टर और मैं प्रबंधक होता था। तो कोई काम गलत हो नहीं हो सकता था। खिलाड़ी थे, खेल भावना से स्टेडियम का निर्माण किया। १५ सालों से स्टेडियम से कोई लेना देना नहीं है। पूरे मामले में दुकानदार जानें और सरकार जाने।
- भवानी शंकर शर्मा, अध्यक्ष नर्मदा शिक्षा समिति

बृजेश चौकसे
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