लॉकडाउन में फंसे पर्वतारोही: होशंगाबाद की पहाड़ी बनी पर्वत, हर दिन रॉक क्लिंबिंग के लिए जाते है पहाडिय़ा और घाट- देखें वीडियो

अनुमति मिली तो 20 हजार मीटर की तीन पहाड़ पर चढने के लिए तैयार है मामा-भांजे

By: poonam soni

Updated: 18 May 2020, 04:18 PM IST

पूनम सोनी/होशंगाबाद. लॉकडाउन के दौरान हर कोई अपने घरों में कैद है, लेकिन शहर के दो पर्वतारोही जो अब भी अपना अभ्यास जारी रखे हैं। दरअसल यह मामा-भांजे की जोड़ी 24 फरवरी को हिमाचल से 'स्कींग एडवांस कोर्सÓ करने के बाद शहर लौटी थी। इसके बाद इनको शहर की तीन बड़ी पहाडिय़ों को फतह करने जाना था, इसी बीच लॉकडाउन लग गया और यहीं पर फंस गए। इसके बाद इन्होंने शहर में भी अपनी प्रैक्टिस जारी रखी और आदमगढ़ पहाडिय़ा के साथ नर्मदा घाटों पर हर दिन जाकर अभ्यास कर रहे हैं। यह दोनों पर्वतारोही हैं मामा-भांजे पार्थ और आदित्य। अचिन्त्य और पार्थ 24 फरवरी को वापस आकर 10 दिन बाद वापस लौटना चाह रहे थे, लेकिन पहले कोरोना वायरस फिर लॉकडाउन के बाद यहीं के होकर रह गए। 27 साल के पार्थ और अचिन्त्य ने बताया कि वह अप्रेल में निकलने वाले थे लेकिन लॉकडाउन की तारीख बढऩे से यही रहेंगे।

 

लॉकडाउन में फंसे पर्वतारोही: होशंगाबाद की पहाड़ी बनी पर्वत, हर दिन रॉक क्लिंबिंग के लिए जाते है पहाडिय़ा और घाट

अनुमति मिली तो फतह करेंगे 3 पर्वत
दोनों ने बताया कि अप्रेल और सितंबर का समय ही माउंटेन के लिए खास होता है। इस बीच स्नो फॉल कम होता है
तो पहाड़ों में चढऩे में आसानी होती है। कोशिश है कि वापस माउंटेन पर जाने की अनुमति मिली तो देश की 7 हजार 75 मीटर की माउंट सतोपन, 6 हजार मीटर माउंट हनुमान टिब्बा, 7 हजार माउंटनून पर्वत पर फहत हासिल कर पाएंगे।

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कई प्रतियोगिताओं का बने हिस्सा
अचिन्त्य ने बताया कि लॉकडाउन के पहले दोनों विंटर काम्पीटिशन का हिस्सा बने हैं। जहां कैदारकांठा, चंद्रशिला, हिमाचल में रूड ओपनिंग करने गए थे। इसके पहले पैराग्लाइडिंग बीर हिमाचल में पार्थ और अचिन्त्य ने अरुणाचल में लाइसेंस कोर्स किया है। अचितन्य पन पार्वती, सरफास, मीराथन ग्लेशियर, क्वारीपास, सटोपन जैसी कठिन पहाड़ी पर चढ़ चुके हैं। पार्थ ने पिन पार्वती, पिन भाभा, क्वारीपास, मीराथन ग्लेशियर, गौरीशंकर बेस केम्प, सटोपन ताल जैसी कठिन चोटियों की ट्रेकिंग कर चुके हैं। पार्थ का का सपना है कि वह अनक्लाइ पीक को फतह करें। दोनों को अब पैराग्लाइडिंग का लाइसेंस भी मिल चुका है।

यहां के मौसम में नहीं रह सकते
अभी तक हम सभी ठंडे प्रदेशों में रहे, इसलिए यहां की गर्मी चुभती है। थोड़ी धूप या गर्मी में रहते नहीं बनता है। पर कोई उपाए नहीं है।

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