जनता खुश नहीं चुने जनप्रतिनिधियों से, अब मतदान में कर सकते हैं बदलाव

जनता खुश नहीं चुने जनप्रतिनिधियों से, अब मतदान में कर सकते हैं बदलाव

sandeep nayak | Publish: Sep, 12 2018 12:25:48 PM (IST) Hoshangabad, Madhya Pradesh, India

जिस बूथ पर भाजपा को मिले थे सर्वाधिक वोट, अब भी वही मुद्दे वहां

विधानसभा क्षेत्र- सिविल लाइन्स
बूथ नम्बर- 46
मतदान केन्द्र- हरिजन छात्रावास
2013 में मतदान- 1131 वोट
भाजपा को मिले वोट- 790
होशंगाबाद। होशंगाबाद का बूथ क्रमांक 46 मतलब बालागंज, सतरस्ते के पास सिंधी कॉलोनी और इमामबाड़ा का कुछ हिस्सा। यहां पांच साल पहले जो समस्याएं थी अब भी हैं। बूथ का प्रमुख क्षेत्र बालागंज में प्रवेश करते ही खुली नालियों के कारण आ रही बदबू से वहां से गुजरना तक मुश्किल है। सड़कें भी खराब हैं। इस इलाके में ढ़ोलक बनाने, कबाड़े और कपड़े का व्यवसाय करने वाले लोग ज्यादा रहते हैं। दुकानदारों ने नालियों तक पर अतिक्रमण कर रखा है। जिससे रास्ते सकरे हो गए हैं। अतिक्रमण करने वाले परिवार इसी बूथ के मतदाता हैं, इस कारण अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं की गई। क्योंकि सर्वाधिक वोट भाजपा को मिले थे। वार्ड की खराब हालत के कारण कई परिवार शहर के दूसरे इलाकों में जाकर रहने लगे हैं। विधानसभा चुनाव के परिपेक्ष्य में इस इलाके को देखें तो जहां के बूथ नम्बर ४6 पर मौजूदा भाजपा विधायक एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ.सीतासरण शर्मा को सर्वाधिक वोट मिले थे। क्षेत्र के राजनीतिक समीकरण सिंधी समुदाय या मुस्लिम मतदाताओं पर आधारित है। वार्ड के शफीक खान बताते हैं कि वार्ड में स्थित मकानों द्वारा नालियों पर अतिक्रमण है, एेसे में सफाई हो नही पा रही है, इतना ही नहीं सड़कों पर भी गंदगी पसरी रहती है। सड़क पर अतिक्रमण ने और हालत खराब कर दी है। विकास के नजरिए से पूरा इलाका पिछड़ा ही नजर आया। शहर में इस बूथ का एेरिया बालागंज धार्मिक तौर पर भी सबसे संवेदनशील है। यहां से भाजपा पार्षद चुनी गईं शीला चौकसे के पुत्र एवं भाजपा नेता सेठी चौकसे कहते हैं कि यहां सर्वाधिक गरीब परिवार रहते हैं जिन्हें संबल योजना का लाभ मिला है, इस कारण इस बार भी भाजपा को ही फायदा होगा।

क्षेत्र का प्रमुख समस्याएं
- क्षेत्र में पार्क की मांग उठती रही है लेकिन नहीं मिला। यहां बच्चों के खेलने की सुविधा नहीं है।
- वार्ड में गंदगी सबसे बड़ी समस्या, इससे लोग परेशान
- सड़के बनी लेकिन अमृत योजना में फिर खोद दी गईं। अब फिलिंग भी स्तरहीन हो रही है

इनका कहना है
यहां सबसे ज्यादा भाजपा को वोट मिले थे। लेकिन पांच साल में कुछ खास बदलाव नहीं हुए। इस बार यहां का मतदाता अपना मत बदल सकता है।
- सनी नवलानी, वार्ड निवासी सिंधी कॉलोनी

 

बूथ क्रमांक - 50
मतदान केंद्र - प्राथमिक शाला आदमगढ़
2013 में मतदान - 629

कांग्रेस को मिले बोट 380

 

आदमगढ़ का बूथ क्रमांक 50, जहां कांग्रेस को सर्वाधिक वोट मिले। लेकिन फिर कभी पलटकर इस तरफ नहीं देखा। हालात भी जस के तस हैं। इस बूथ में मकान नंबर 156 से 280 तक के मतदाता है। करीब 130 से अधिक परिवार के लोग वोटर हैं। रेलवे के अंडर ब्रिज के नीचे से निकल पाना आज भी मुश्किल है। आदमगढ़ रहने वालों को लंबा चक्कर काटकर शहर घूमकर पहुंचना पड़ रहा है। यहां अभी साफ-सफाई और पानी की सप्लाई बड़ा मुद्दा है। लोगों का मानना है कि यहां पर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट आने के बाद गंदगी बढ़ सकती है। हालांकि वार्ड के नरेंद्र कुमार बताते हैं कि अभी तक वार्ड में कुछ नहीं बदल सका है। हमारी सड़कों के बारे में कभी विचार तक नहीं हुआ। इन तमाम हालातों के बीच दोनों दलों के जीत के दावे बरकरार हैं।

वार्ड के प्रमुख मुद्दे
- साफ सफाई की व्यवस्था सबसे बड़ा मुद्दा है, रेलवे लाइन पास होने के कारण गंदगी पसरी रहती है

- नालों से बारिश के दिनों में बैक वाटर भर जाता है, लोगों को परेशानी का सामना पिछले कई सालों से करना पड़ रहा है।
- विस्थापन भी बड़ा मुद्दा है, तीसरी लाइन डलने के बाद अभी कई परिवारों का विस्थापन शेष है

इनका कहना है
हमारे वार्ड में पांच सालों में एेसा कुछ नहीं हुआ है, जो लाभ मिला है वो प्रधानमंत्री आवास के 2.5 लाख रूपए मिले हैं।

- संतोष मालवीय, निवासी आदमगढ़ होशंगाबाद

 

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