32 हजार किसानों के लिए 54 करोड़ रुपए मिले, इस बार ट्रैजरी से होगा भुगतान

दिसंबर में उपज बेचने वाले किसानों को मिलेगी राशि, खातों में राशि भेजने के लिए बिल तैयार हो रहे

By: sanjeev dubey

Published: 10 Feb 2018, 09:00 AM IST

हरदा. भावांतर योजना के तहत जिले के 31298 हजार किसानों के लिए 54 करोड़ ६ लाख ११ हजार १२५ रुपए ट्रैजरी (कोषालय) को मिल चुके हैं। जल्द ही यह राशि किसानों के खातों में जमा होगी। कृषि उपज मंडी में इसकी तैयारी की जा रही है। संभवत: 12 फरवरी से राशि किसानों के खातों में ट्रांसफर की जाने लगेगी।
उल्लेखनीय है कि योजना के तहत बीते साल दिसंबर में उपज बेचने वाले किसानों को अब तक भुगतान नहीं हो सका है। जिस व्यापारी ने उपज खरीदी उसने तो अपने हिस्से का भुगतान कर दिया, लेकिन योजना के तहत अंतर की राशि किसानों को अब तक नहीं मिल सकी। परेशान किसान इसके लिए कभी मंडी तो कभी बैंकों के चक्कर काट रहे हैं। जिला प्रशासन के पास और सीएम हेल्पलाइन पर भी कई किसान अपनी शिकायत कर चुके हैं। इसके लिए जिले से 54 करोड़ ६ लाख ११ हजार १२५ रुपए की मांग गई थी। उप संचालक कृषि एमपीएस चंद्रावत व मंडी सचिव एमएस मुनिया ने बताया कि शासन ने राशि मंजूर कर दी है। जल्द ही किसानों के खातों में राशि ट्रांसफर की जाएगी।

इस बार टै्रजरी से होगा भुगतान
ज्ञात हो कि अक्टूबर और नवंबर का भुगतान राज्य मंडी बोर्ड ने कृषि उपज मंडी के माध्यम से कराया था। यानि मंडी से ही किसानों के खातों में राशि पहुंचाने के लिए सूची तैयार की गई थी। इस बार व्यवस्था में बदलाव हुआ है। राशि ट्रैजरी में कलेक्टर के लॉगइन से भुगतान की जाएगी।
एक नाम की एंट्रियों का मिलान हो रहा
योजना के तहत निश्चित रकबे में हुए उत्पादन का ही भुगतान किया जाना है। इसके लिए किसानों की एंट्रियों का मिलान किया जा रहा है। यानि दिसंबर में अलग-अलग दिन उपज बेचने वाले किसान की राशि उसे जोड़कर दी जाएगी। ट्रैजरी के ऑनलाइन भुगतान सिस्टम में किसान का नाम एक बार ही ट्रेस किए जाने के कारण यह किया जा रहा है। उप संचालक कृषि एमपीएस चंद्रावत ने बताया कि मंडी में ऐसे किसानों की छंटनी कर बिल तैयार किए जा रहे हैं। किसानों की भुगतान संबंधी शिकायतों का भी प्राथमिकता से निराकरण किया जा रहा है।
सिराली मंडी के किसानों का भुगतान अटका
बीते साल नवंबर में उपज बेचने वाले जिले के कई किसानों का योजना के तहत भुगतान अब तक नहीं हो सका है। सीएम हेल्पलाइन पर ऐसी अनेक शिकायतें है। सबसे अधिक आर्थिक परेशानी सिराली मंडी में उपज बेचने वालों की बताई जा रही है। नवंबर में उपज बेच चुके करीब 1200 किसानों के भुगतान की गणना देरी से होने के कारण इनकी राशि ही स्वीकृत ही नहीं हो सकी। इसके पीछे सिराली मंडी प्रबंधन की लापरवाही बताई जा रही है। उप संचालक कृषि एमपीएस चंद्रावत ने बताया कि गुरुवार को भी सिराली क्षेत्र के कई किसान यह शिकायत लेकर पहुंचे थे। मंडी में उनकी राशि की गणना कर शासन से मांग की जाएगी। जल्द ही उनका भुगतान किया जाएगा।
रबी सीजन के पंजीयन अब 12 फरवरी से होंग
भावांतर भुगतान योजना में खरीफ सीजन की उपज खरीदी में सामने आई परेशानियों के बाद शासन ने पोर्टल को अपडेट किया है। ताकि इस काम में लगे अमले और किसानों को रबी सीजन की खरीदी के दौरान परेशानी न हो। इसके चलते रबी सीजन के पंजीयन की तिथि भी बढ़ाई गई है। पहले 1 फरवरी से शुरू होने वाला पंजीयन कार्य अब 12 फरवरी से 12 मार्च तक होगा। वहीं उपज खरीदी 15 मार्च से शुरू होगी। उपसंचालक चंद्रावत के मुताबिक पोर्टल अपडेट होने से खरीदी व भुगतान व्यवस्था आसान हो जाएगी।
भावांतर भुगतान योजना के तहत जिले को इतनी मिल चुकी राशि
अक्टूबर : ३ करोड़
नवंबर : ४२ करोड़
दिसंबर : ५४ करोड़

sanjeev dubey
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