कृमि मुक्ति दिवस : एक छात्र की आंखों की गई रोशनी पांच घंटे बाद लौटी

दवा खाने के बाद नौ बच्चों की बिगड़ी हालत

By: sandeep nayak

Published: 10 Feb 2018, 11:15 AM IST

होशंगाबाद। कृमि मुक्ति दिवस (नेशनल डी-वॉर्मिंग-डे) पर जिले के दो लाख १५ बच्चों केा एलबेंडाजॉल दवा पिलाई गई। यह दवा खाने के बाद एक बच्चे की आंखों की रोशनी ही चली गई। उसे करीब पांच घंटे तक कुछ दिखाई नहीं दिया। इससे परिजन, शिक्षक से लेकर डाक्टर तक घबरा गए, लेकिन पांच घंटे बाद उसके आंखों की रोशनी लौट आई। जिससे सभी ने राहत की सांस ली। उसके साथ अन्य नौ बच्चे भी दवा खाने के बाद बीमार हो गए।
बनखेड़ी में एक बच्चा दवा खाने के बाद चक्कर खाकर बेहोश होकर गिर गया। कुछ देर बाद उसे होश आया तो उसने डॉक्टरों को कुछ भी दिखाई नहीं देने की शिकायत की । बनखेड़ी के बीएमओ डॉ. जेएस परिहार ने बताया कि पीपरपानी शासकीय स्कूल में पढ़ाई करने वाले दुर्गेश को उसके परिजन अस्पताल में बेहोशी की हालत में लाए थे। इस दौरान बच्चे का ब्लड प्रेशर भी काफी कम था। शुगर भी करीब २५० के आसपास थी। तुरंत शुगर को बढ़ा हुआ देखकर बच्चे को इनसुलिन लगाया गया। लेकिन होश में आने के बाद भी वो कुछ दिखाई नहीं देने और चक्कर आने की शिकायत कर रहा था। इसलिए आगे के उपचार के लिए तुरंत बच्चे को होशंगाबाद को रैफर किया गया है। होशंगाबाद में उसका उपचार किया गया जहां पांच घंटे बाद रात को उसके आंखों की रोशनी लौट आई। उसने चिकित्सकों को बताया कि अब उसे दिखाई देने लगा है। तब सभी को राहत महसूस हुई।

खाली पेट दवा लेने से दुष्प्रभाव :

 

जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. मोइन अख्तर ने बताया कि दवा का साइड इफेक्ट तभी होता है जब बच्चे खाली पेट रहते हैं। इसमें सिर दर्द, पेट दर्द और चक्कर आने की शिकायत होती है। जितने बच्चों की तबीयत बिगड़ी है वे सभी खाली पेट रहे होंगे।
स्वास्थ्य विभाग में मचा हडकंप
दवा खाकर आंखों की रोशनी जाने की सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों में हडकंप मच गया। उनका कहना है कि परिजन बच्चे की स्वास्थ्य ही हिस्ट्री के विषय में भी ठीक से नहीं बता पा रहे हैं। सीएमएचओ डॉ.पीके चतुर्वेदी खुद मॉनिटरिंग कर रहे थे। इधर नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ.राजेश चौहान का कहना है एमेंडाजोल के एेसे साइड एफेक्ट के विषय में कभी पढ़ा तो नहीं है। अगर बच्चे की आंख की रोशनी गई है, तो उसके अन्य कारण हो सकते हैं।

यह बच्चे भी हुए बीमार
सोहागपुर में एक बच्चे ने जी मचलने, चक्कर आने व पेट दर्द की शिकायत की। उसे बॉटल लगाई गई।
माखननगर में चार बच्चे बीमार हुए। उन्हें दवा दी गई। उन्हें भी इसी तरह की शिकायत हुई।
सिवनीमालवा में तीन बच्चों को पेट दर्द के बाद उल्टियां हुई। उन्हें ओआरएस का घोल दिया गया।

 

बच्चे को पुरानी परेशानी थी, दवा खाने के बाद उसके साइड एफेक्ट से उसकी परेशानी बढ़ी है। बच्चे की बेहतर उपचार की व्यवस्था की है। मेरे द्वारा मॉनीटरिंग की जा रही है। अन्य ८ बच्चे अब पूरी तरह से ठीक हैं, जो कि घर वापस चले गए हैं।
डॉ.पीके चतुर्वेदी, सीएमएचओ

sandeep nayak Desk/Reporting
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