एक साल से मनमुटाव के बाद फिर से मिले सलमा-बी और सारिक, पढ़ें पूरी खबर

सुलह के जोड़ों को पौधे देकर किया रवाना

By: sandeep nayak

Published: 10 Mar 2019, 08:00 AM IST

होशंगाबाद। सलमा-बी और सारिक खान मनमुटाव के चलते एक साल से अलग-अलग रह रहे थे। शनिवार को लगी लोक अदालत में दोनों के मन मिले और एक दूसरे के साथ रहने राजी हुए। सुलह के बाद दोनों ने एक दूसरे को माला पहनाई। जिला कोर्ट परिसर सहित तहसील स्तरों पर रविवार को लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें कुटुंब न्यायालय में 18 लंबित प्रकरणों का निराकरण किया गया। जिसमें सांगाखेड़ा की सलमा-बी और औबेदुल्लागंज के सारिक खान भी फिर से एक हो गए। इनकी शादी २०१७ में हुई थी। सुलह के बाद जोड़ों को पौधे देकर रवाना किया।

823 प्रकरणों का निराकरण
लोक अदालत में गठित 24 न्यायिक व 7 विभागीय खंडपीठों ने आपसी सुलह और समझौते से 823 प्रकरणों का निराकरण कराया। इनमें न्यायालयों में लंबित 267 एवं प्रीलिटिगेशन/विभागीय 556 प्रकरण शामिल रहे। लोक अदालत में राजीनामा योग्य आपराधिक, वैवाहिक, चैक बाउंस, मोटर दुर्घटना सहित बिजली प्रकरणों की भी सुनवाई की गई। खंडपीठों ने कुल 3 करोड़ 47 लाख 9 हजार 826 रुपए के अवॉर्ड पारित किए गए, वहीं 28 लाख 3 हजार 648 रुपए की विभागीय वसूली हुई। लोक अदालत के माध्यम से 1002 व्यक्तियों को लाभान्वित किया गया।

डीजे कुलकर्णी ने किया शुभारंभ
रविवार सुबह जिला कोर्ट परिसर में लोक अदालत का शुभारंभ जिला एवं सत्र न्यायाधीश एसकेपी कुलकर्णी ने किया। इस मौके पर कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश देवनारायण शुक्ल, विशेष न्यायाधीश इकबाल खान गौरी, फस्र्ट एडीजे केएन सिंह, थर्ड एडीजे सुरेश कुमार चौबे, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव डीएस चौहान आदि मौजूद रहे।

 

निराकृत प्रकरण - राशि
मोटर दुर्घटना : 16 - 4281000 रुपए के अवॉर्ड पारित
चैक बाउंस : 78 - 17137434 रुपए के मामले सेटल
आपराधिक मामले: - 42 मामलों का निराकरण हुआ
वैवाहिक मामले : - 18 लंबित प्रकरणों का निराकरण
बिजली चोरी : 125 - 1233232 रुपए के मामले सेटल

परिवार परामर्श प्रकरण नहीं सुलझ सके
लोक अदालत में परिवार परामर्श केंद्र में चल रहे आधा दर्जन प्रकरणों को रखा गया था, लेकिन इन मामलों में एक पक्ष तो आया लेकिन दूसरे पक्ष के नहीं आने से निराकरण नहीं हो सका।

नपा ने वसूले 28 लाख 8500 रूपए
होशंगाबाद। नगरपालिका परिषद में लगी नेशनल लोक अदालत में 28 लाख 8 हजार 500 रुपए की वसूली की गई। इसमें संपत्तिकर के रूप में 24 लाख 95 हजार 300 रूपए, जलकर के रूप में 2 लाख 43 हजार 200 रूपए अन्य कर के रूप में 70 हजार रूपए वसूले गए।

sandeep nayak Desk/Reporting
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