Chaitra Navratri 2020: नाव पर सवार होकर आई थी देवी, आज हाथी पर बैठकर होंगी विदा

25 मार्च से चैत्र नवरात्रि का आगमन हुआ था

By: poonam soni

Published: 02 Apr 2020, 07:00 AM IST

होशंगाबाद। चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ 25 मार्च से हुआ था। जिसका समापन आज 2 अप्रैल नवमीं पर होगा। ज्योतिषाचार्य पं. शुभम दुबे ने बताया मां दुर्गा हर साल नवरात्र पर देवी अलग-अलग वाहनों पर सवार होकर धरती पर आती हैं। ऐसे ही इस नवरात्रि में नौका पर बैठकर आई थी और आज हाथी पर सवार होकर विदा होंगी। किसान को खेती में लाभ मिलेगा फसल अच्छी होगी। साथ ही शहर और जनता पर इसका असर भी अलग-अलग होता है।

साल भर होता है इसका प्रभाव
माता दुर्गा जिस वाहन से पृथ्वी पर आती हैं, उसके अनुसार सालभर होने वाली घटनाओं का भी आंकलन किया जाता है। इसका असर धरती पर साल भर रहता है। रविवार या सोमवार को देवी भैंसे की सवारी से जाती हैं तो देश में रोग और शोक बढ़ता है। शनिवार या मंगलवार को देवी मुर्गे पर सवार होकर जाती हैं, जिससे दुख और कष्ट की वृद्धि होती है। बुधवार या शुक्रवार को देवी हाथी पर जाती हैं। इससे बारिश ज्यादा होती है।

नवरात्र में नौ दिन माता को क्या करें अर्पित

पहले दिन मां के चरणों में गाय का शुद्घ घी अर्पित करने से आरोग्य का मिलता है। दूसरे नवरात्र में शक्कर का भोग अर्पित करने से आयु वृद्घि, तीसरे नवरात्र में दूध या दूध से बनी मिठाई व खीर का भोग लगाकर ब्राह्मण को दान करने से दुखों से मुक्ति मिलती है। उन्होंने बताया चौथे नवरात्र में माता को मालपुए का भोग लगाने से बुद्घि का विकास, पांचवें नवरात्र में केले का नैवेद्य चढ़ाने से शरीर स्वस्थ्य, छठवें नवरात्र में शहद का भोग लगाने से आकर्षण शक्ति में वृद्घि, सातवें नवरात्र में गुण का नैवेद्य चढ़ाने से शोक से मुक्ति, आठवें नवरात्र में नारियल का भोग लगाने से संतान संबंधित परेशानी से टुटकारा तथा नौवें नवरात्र में तिल का भोग लगाकर दान करने से मृत्यु भय से राहत मिलती है।

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