दस्तावेजों में थी गड़बड़ी, इसलिए दो हजार किसानों तीन माह तक अटके रहे सवा करोड़ रुपए

दस्तावेजों में थी गड़बड़ी, इसलिए दो हजार किसानों तीन माह तक अटके रहे सवा करोड़ रुपए
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Sandeep Nayak | Updated: 11 Sep 2019, 05:51:09 PM (IST) Hoshangabad, Hoshangabad, Madhya Pradesh, India

जिले के 65 हजार किसानों से खरीदा गया था आठ लाख मीट्रिक टन गेहूं

होशंगाबाद/बैंक खातों व दस्तावेजों में गड़बड़ी की वजह से गेहूं बेचने वाले दो हजार किसानों का सवा करोड़ रुपए अटक गया था। दस्तावेजों में हुई गड़बड़ी को ठीक करने के बाद हाल ही में इनको बैंक खातों के माध्यम से राशि का भुगतान किया गया है। ज्ञात रहे कि 1 अपै्रल से 24 मई तक समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी की गई थी। जिसमें जिले के 65 हजार किसानों से 7 लाख 97 हजार 626 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था। किसानों से समर्थन मूल्य पर खरीदे गए गेहूं का 1423 करोड़ रुपए भुगतान किया जा चुका है।

इस तरह की थी गड़बड़ी-
- बैंक अकाउंट नंबर की गलत फीडिंग
- पंजीयन में दर्ज नाम की स्पेलिंग गलत दर्ज कराई गई
- पंजीकृत किसान और बैंक अकाउंट मैच नहीं करना
- कुछ किसानों ने जनधन खातों का नंबर लिखा दिया था
- किसानों ने बंद हो चुके बैंक खातों का नंबर चढ़वा दिया था

मामला 01 : पथरौटा सोसाइटी से एक ही दिन में सात किसानों का १२० क्विंटल गेहूं लोड करके वेयरहाउस भेजा गया था। जिसकी इंट्री नहीं मिलने से भुगतान रुका था। किसानों को सवा दो लाख रुपए का भुगतान किया गया है।
मामला 02 : पिपरिया के किसान प्रेम सिंह के पंजीयन और बैंक खाते में दर्ज नाम का मिलान नहीं होने से उनका भुगतान रुक गया था। दस्तावेजों से दोबारा मिलान करके डाटा अपडेट किया गया। इसी वजह से विलंब हुआ।

गेहूं खरीदी में अव्वल रहा होशंगाबाद-
गेहूं खरीदी के मामले में होशंगाबाद जिला इस साल अव्वल रहा। यह रैंकिंग रबी खरीद निगरानी सिस्टम के जरिए की गई थी। समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी १ अपै्रल से शुरू की गई थी। खरीदी के लिए होशंगाबाद में 204 केंद्र बनाए गए थे। इस बार समर्थन मूल्य पर गेहूंं खरीदी के लिए बोरियों में दो टैग लगाने के निर्देश दिए गए थे। एक में सोसाइटी और दूसरे में उपज बेचने वाले किसान की समस्त जानकारी दर्ज की गई थी।

इनका कहना है...
किसानों के दस्तावेज व बैंक अकाउंट में गड़बड़ी से भुगतान अटका था। जिले में लगभग दो हजार किसानों को सवा करोड़ का भुगतान किया गया था। भुगतान संबंधी सभी मामलों का निराकरण किया जा चुका है।
दिलीप सक्सेना, महाप्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम।

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