पटवारी परीक्षा स्थगित: सर्दी में ठिठुरते हुए पहुंचे भोपाल और जबलपुर, फिर भी नहीं दे सके पेपर

पटवारी भर्ती परीक्षा की पहली शिफ्ट की परीक्षाएं स्थगित, परेशान रहे अभ्यार्थी

 

By: sandeep nayak

Published: 09 Dec 2017, 01:49 PM IST

होशंगाबाद। दिन रात पढ़ाई के बाद शनिवार अलसुबह से ही अभ्यार्थी पटवारी की परीक्षा देने के लिए संबंधित सेंटरों पर पहुंच गए थे, लेकिन इसके बाद भी सुबह की पाली के अभ्यार्थी यह परीक्षा नहीं दे सके। दरअसल मध्यप्रदेश में शनिवार को होने वाली पटवारी भर्ती परीक्षा की पहली शिफ्ट की परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। जिससे अकेले होशंगाबाद जिले के हजारों अभ्यार्थी प्रभावित हुए हैं। होशंगाबाद जिले के अभ्यार्थी भोपाल और जबलपुर के सेंटरों पर पहुंचे थे। जिले के सिवनी मालवा, होशंगाबाद शहर और इटारसी के अधिकतर उम्मीदवारों ने भोपाल सेंटर का चुनाव किया था और सोहागपुर,पिपरिया के साथ पचमढ़ी के अभ्यार्थियों ने जबलपुर सेंटर का चयन किया था, ताकि वह समय पर पहुंच सकें। पूरे प्रदेश से 26 हजार से ज्यादा उम्मीदवार प्रभावित हुए है। स्थगित परीक्षाओं के संबंध में पीईबी अभी तक आगे की डेट घोषित नहीं की।

 

सर्वर की समस्या बनी कारण
पटवारी की यह परीक्षा स्थगित होने के पीछे कारण सर्वर की परेशानी सामने आ रही है। इस परीक्षा के लिए प्रदेश में १६ सेंटर बनाए गए हैं, जिनपर सुबह से ही अभ्यार्थियों का पहुंचने का सिलसिला शुरु हो गया था। लेकिन सर्वर की समस्या सामने आने के बाद उनके पंजीयन नहीं हो सके। साथ ही ऑनलाइन सत्यापन, आधार मिलान ने भी समस्या बढ़ गई। वहीं इस समस्या को लेकर पीईबी के अधिकारी कोई जवाब नहीं दे रहे हैं।


बता दें कि पटवारी के लिए लिखित परीक्षा 9 से 31 दिसंबर 2017 के बीच होना है, इसके लिए उम्मीदवारों के लिए परीक्षा का आयोजन भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, नीमच, रतलाम, मंदसौर समेत अन्य सेंटर्स पर किया जा रहा है। बोर्ड ने पटवारी पदों के लिए 28 अक्टूबर, 2017 को नोटिफिकेशन जारी की थी। इस पद पर चयन के लिए उम्?मीदवारों का ग्रेजुएट होना जरूरी है।



इस चेकिंग की प्रक्रिया से गुजरेंगे अभ्यार्थी
पीईबी सूत्रों के अनुसार पटवारी भर्ती परीक्षा में केन्द्र के अंदर अभ्यर्थी की तीन बार चेकिंग होगी। सबसे पहले केन्द्र में घुसते समय, इसके बाद परीक्षा देते समय केन्द्र के अंदर और फिर बाद में परीक्षा खत्म होने पर चेकिंग की जाएगी। संबंधित जिलों के अफसरों को वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए निर्देश दिए गए है। सबसे ज्यादा जोर फर्जीवाड़ा रोकने पर दिया गया है।

sandeep nayak Desk/Reporting
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