नैफेड से मिला, अब मार्केटिंग सोसायटी में अटके किसानों के ९४ करोड़ २० लाख

किसान दो माह से किसान मूंग का पैसा लेने भटकने को मजबूर हैं।

By: harinath dwivedi

Published: 22 Aug 2017, 11:32 PM IST

पिपरिया। समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी के बाद अब किसान भुगतान के लिए भटकने को मजबूर हंै। करीब एक अरब की मूंग खरीदी के बाद मार्केटिंग महज ढाई हजार किसानों को ही भुगतान कर पाई है। दो माह से किसान मूंग का पैसा लेने भटकने को मजबूर हैं।
मूंग खरीदी पूरी होने के बाद भी किसानों को उनकी उपज का पैसा नहीं मिल पा रहा है। सरकार का नियम है कि किसान को उसकी फसल का भुगतान चौबीस घंटे में मिल जाना चाहिए लेकिन दो माह बाद भी किसानों को मेहनत का पैसा नहीं मिला है। धान की फसल सहित किसानों की अन्य जरूरी आवश्यकताएं है जिसकी भरपाई मूंग भुगतान से किसान कर सकते हैं लेकिन बैंक और मार्केटिंग सोसायटी के चक्कर काटने के बाद भी किसानों के खाते में आरटीजीएस नहीं हो पा रहा है। मार्केटिंग मैनेजर स्टॉफ नहीं होने की बात कर रहे हैं लेकिन प्रशासन को इस पर ध्यान देना चाहिए ताकि किसानों को वक्त पर उसका भुगतान प्राप्त हो सके।
१० हजार किसानों ने बेची मूंग
समर्थन मूल्य पर इस वर्ष करीब १० हजार किसानों ने अपनी मूंग विक्रय की है लेकिन मार्केटिंग सोसायटी से मंगलवार तक महज २५ सौ किसानों को ही भुगतान मिल पाया है। ७५ फीसदी किसान भुगतान के लिए परेशान हैं। करीब १ लाख ८९ हजार क्विंटल मूंग समर्थन मूल्य पर खरीदी गई है।

शासन ने खाते में पहुंचाई राशि
शासन स्तर पर मार्केटिंग के खाते में समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी के करीब ९४ करोड़ २० लाख रुपए जमा कर दिए हैं। ऐसे में राशि नहीं मिलने की परेशानी भी नहीं है फिर भी किसानों को जानबूझ कर भुगतान के लिए परेशान किया जा रहा है। किसानों ने इसके खिलाफ आक्रोश जताया है।
बगैर रजिस्ट्रेशन भुगतान पर रोक से हड़कंप
एसडीएम मदन सिंह रघुवंशी ने मूंग खरीदी में अनियमितता मिलने पर आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने के बाद पंजीकृत किसानों को ही भुगतान के आदेश जारी किए हैं इसका उल्लंघन करने पर दण्डनीय कार्रवाई के आदेश दिए हैं। एसडीएम ने बताया कि जिसने किसान के कागज लेकर मूंग बेची होगी वह पकड़ में आएगा इससे आगे पारदर्शिता बढ़ेगी।

शासन से भुगतान मिल गया है। आरटीजीएस कर रहे हैं स्टॉफ नहीं होने से अकेले ही भुगतान की सूची तैयार करना पड़ रहा है जिससे विलंब हो रहा है। अब तक २५ करोड़ का २५ सौ किसानों को भुगतान किया गया है।
-राजेश पटेल, प्रबंधक सोसायटी

harinath dwivedi Editorial Incharge
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