प्रतिबंध के बावजूद नर्मदा नदी में हो रहा मछलियों का शिकार

नर्मदा में जाल बिछाकर नावों के सहारे जमकर चल मछलियों का कारोबार

By: rakesh malviya

Published: 20 Jul 2018, 08:00 AM IST

करताना. शासन द्वारा मछलियों के प्रजनन काल को ध्यान में रखते हुए इन दिनों मत्याखेट पर पाबंदी लगाई गई है। लेकिन इसका मछली का शिकार करने वालों लोगों पर कोई असर नहीं हो रहा है। नर्मदा तट के घाटों पर मछली मारने का सिलसिला जारी है। करताना सहित आसपास के गांवों के हाट बाजारों में खुले आम मछली का कारोबार चल रहा है। कुछ लोग तो घरों तक मछली पहुंचा रहे हैं। नर्मदा के जलोदा, लछोरा, छिपानेर, बिरजाखेड़ी एवं गोंदागांव खुर्द के घाटों पर कई लोग मछलियोंं का शिकार करते देखे जा सकते है। मछली का शिकार करने वाले लोग नर्मदा के पानी में जाल बिछाकर नॉवों के सहारे मछलियां पकड़ते है। कुछ ही दूरी पर इन कारोबारियों के वाहन खड़े रहते हैै। जिनकी मदद से मछलियों को गांवों एवं शहरों तक पहुंचाया जाता है। लेकिन इस ओर जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

सजा और जुर्माने का प्रावधान-
बारिश में मछलियों के प्रजनन काल को देखते हुए उन्हें संरक्षण देने के लिए राज्य के सभी प्रकार के जल संसाधनों में मप्र नदीय मत्स्योद्योग नियम के तहत 16 जून से 15 अगस्त तक मछलियों के शिकार पर प्रतिबंध लगाया गया है। इस अवधि में सभी प्रकार का मत्स्याखेट पर रोक रहती है। मत्स्य विक्रय या अथवा परिवहन करना भी प्रतिबंधित है। मत्स्याखेट के नियमों के उल्लंघन करने पर मप्र राज्य मत्स्य क्षेत्र संशोधित अधिनियम के तहत उल्लंघनकर्ता को एक वर्ष का कारावास या 5 हजार रुपए का जुर्माना या दोनों से दंडित किए जाने का प्रावधान है।

प्रतिबंध से बढ़ जाते है मछली के भाव-
मछली पर प्रतिबंध के समय मछलियों के दाम दोगुना तक बढ़ जाते हैं। लोग इसका फायदा जमकर उठाते हैं। रात दिन मछलियां मारकर छीपानेर गोंदागांव खुर्द से नाव के सहारे सीहोर जिले के गांव चौरसिया खेड़ी, टिगाली घाटों पर ले जाया जाता है। जहां पर उनके एजेंटों द्वारा इंदौर भोपाल के लिए पिकअप भरी जाती है। शाम करीब 5 बजे छोटी छिपानेर घाट का नजारा ही कुछ अलग रहता है। इस घाट पर सबसे अधिक मछलियां मारकर एकत्रित की जाती है।

नाम मात्र की निभाते हैं जिम्मेदारी-
नर्मदा तट के घाटों के पास ही अनेक मछली मारने वाले मछुआरे जाल डालकर मत्स्याखेट कर रहे हैं। नर्मदा की जलधारा में जाल डालते हुए कई लोगों को देखा जा सकता हैं। लेकिन मछली विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों का इस ओर ध्यान नहीं है। विभाग द्वारा कभी कभार ही नाममात्र की दिखावे के लिए कार्रवाई की जाती है।

इनका कहना है -
विभाग द्वारा नर्मदा घाटों पर कर्मचारियों की तैनाती की गई है। जल्द ही मछलियों का शिकार करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
रवि यादव, जिला अधिकारी, मत्स्य पालन विभाग हरदा

rakesh malviya Desk
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