पैडी ट्रांसप्लांटर से एक साथ आठ कतार में धान लगाएं, आमदनी 40 प्रतिशत तक बढ़ाएं

पैडी ट्रांसप्लांटर से एक साथ आठ कतार में धान लगाएं, आमदनी 40 प्रतिशत तक बढ़ाएं

poonam soni | Updated: 14 Jul 2019, 01:30:09 PM (IST) Hoshangabad, Hoshangabad, Madhya Pradesh, India

कलेक्टऱ व कृषि अधिकारियों ने मशीन से देखा धान रोपाई का काम

होशंगाबाद...धान की रोपाई के लिए अब एक-एक पौधे लगाने की जरूरत नहीं है। बल्कि एक साथ आठ कतार में धान की रोपाई कर आमदनी को 40 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सकता है। कलेक्टर शीलेंद्र सिंह व कृषि अधिकारियों ने शनिवार को ग्राम पलासी में उन्नत कृषक अंजनी अग्रवाल के खेत में पेडी ट्रांसप्लांटर मशीन से धान रोपाई का अवलोकन किया।

 

ऐसे की जाती है रोपाई
कृषि अधिकारियों ने बताया कि पेडी ट्रांसप्लांटर मशीन से एक साथ 8 कतारों में रोपाई की जाती है। इससे रोपाई में समय, श्रम व लागत को 40 से 50 प्रतिशत कम किया जा सकता है। अधिकारियों ने मक्का व धान फसल का निरीक्षण भी किया। इस मौके पर उप संचालक कृषि जितेन्द्र सिंह, सहायक यंत्री दीपक वासवानी, तहसीलदार शैलेन्द्र बड़ौनिया, सहायक संचालक कृषि योगेन्द्र बेड़ा, अनुविभागीय अधिकारी कृषि राजीव यादव, वरिष्ठ़ कृषि विकास अधिकारी आरएल जैन, क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विकास अधिकारी अशोक सोनी, प्रगतिशील कृषक प्रसन्ना हर्णे मौजूद थे।

 

किसान एेसे लें लाभ:
उप संचालक कृषि जितेंद्र सिंह ने बताया कि मशीन की कीमत 3 लाख रुपए से 4 लाख 50 हजार रुपए तक है। शासन से पेडी ट्रांसप्लांटर पर 1 लाख 75 हजार रुपए या कीमत का 50 प्रतिशत दोनों में जो कम हो का अनुदान है। किसान इस मशीन को अनुदान पर क्रय करने के लिए कृषि अभियांत्रिकी पवारखेड़ा से संपर्क कर सकते हैं।

 

पेडी ट्रांसप्लांटर के ये फायदे
मशीन से प्रतिदिन लगभग 2 हेक्टेयर में धान रोपाई कर सकते हैं।
मशीन से रोपाई करने पर कतार से कतार व पौधों से पौधों की समान दूरी रहती है।
धान में निंदाई के लिए कोनो बीडर जैसे यंत्रों का प्रयोग कर कम लागत में निंदाई की जा सकती है।

 

ट्रांसप्लांटर से धान रोपाई से उत्पादन में 30 से 40 प्रतिशत तक वृद्धि संभावित है।
मशीन से प्रति हेक्टेयर धान रोपाई में लगभग 1 हजार 500 रुपए खर्च होता है। जबकि मजदूरों से रोपाई में 6 से 7 हजार रुपए तक खर्च आता है।

 

मप्र यूनाइटेड फोरम पावर पावर एम्पलाई एंड इंजीनियर्स यूनियन ने उठाई बिजली कर्मियों
की सुरक्षा की मांग
होशंगाबाद. सरकार बिजली कर्मचारियों की सुरक्षा पर ध्यान नहीं दे रही। संसाधन-उपकरणों के अभाव में काम करते समय तकनीकी कर्मचारियों को मौत का शिकार होना पड़ रहा है। इस संबंध में मध्यप्रदेश यूनाइटेड फोरम पावर पावर एम्पलाई एंड इंजीनियर्स यूनियन ने सुरक्षा के उचित कदम उठाने की कंपनी अधिकारियों से मांग उठाई है। यूनियन के सयोजक इंजी. वीकेएस परिहार ने बताया कि जनता को 24 घंटे बिजली मुहैया कराने तकनीकी कर्मचारी ड्यूटी पर तत्पर रहते हैं, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण करंट लगने से मौतें बढ़ रही है। कंपनी की लापरवाही का खामियाजा कर्मचारियों के परिवार को भुगतना पड़ता है। बारिश के मौसम में भी कर्मचारी बगैर किसी सुरक्षा उपकरणों जैसे डिस्चार्ज राड, हैंड ग्लोब्स ,रेनकोट, गम बूट, किट, टॉर्च, सेफ्टी बेल्ट आदि के अभाव में कार्य करने को मजबूर हैं। इसलिए कंपनी को कर्मचारियों की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए। जिससे आए दिन बिजली दुर्घटनाओं एवं बिजली कर्मियों के साथ हो रही जन हानि को रोका जा सके। कर्मचारियों की कमी को भी दूर किया जाए।

 

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