बड़ी खबर : रेलवे का नया निर्णय, महिलाओं को हटाकर पुरुषों को मिलेगी नौकरी

अब पुरुष रेलकर्मी ही संभालेंगे जिम्मेदारी

By: sandeep nayak

Updated: 24 Jul 2018, 03:56 PM IST

इटारसी। रेलवे में काम कर रहीं महिलाओं और रेलवे की तैयारी कर रही महिलाओं के लिए बुरी खबर है। दरअसल रेलवे ने कुछ विभागों से महिलाओं को हटाने का निर्णय लिया है। देशभर में इसका असर हजारों महिलाओं पर पड़ेगा। दरअसल रेल संचालन से जुड़े पदों ट्रेकमैन, असिस्टेंट लोको पायलट व ट्रेन गार्ड के पदों पर काम करते दिखने वाली महिलाएं अब जल्द ही दूसरे विभागों में काम करती नजर आएंगी। महिलाओं की समस्याओं व उनकी सुरक्षा के लिए उन्हें अन्य विभागों में भेजने का निर्णय ले लिया है। उनके पदों पर पुरुष रेलकर्मियों की नियुक्ति की जाएगी। इस निर्णय से इटारसी जंक्शन पर पदस्थ करीब 60 से 70 महिला ट्रेकमैनों और भोपाल की करीबन 30 महिला असिस्टेंट लोको पायलटों की तकलीफ दूर होने का रास्ता साफ हो गया है।

यूनियन ने रखी थी मांग
रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्विनी लोहानी 8 जून को जबलपुर आए थे। पमरे एम्पलाइज यूनियन महामंत्री मुकेश गालव ने सेफ्टी व रेल संचालन से प्रत्यक्ष रूप से जुड़े विभागों में कार्यरत महिला स्टाफ की समस्याओं को रेलवे बोर्ड चेयरमन के सामने उठाया था। गालव ने महिला कर्मचारियों में विशेषकर ट्रेकमैन, एएलपी व गार्ड के पद पर काम कर रही महिलाओं की ड्यूटी के दौरान व्यवहारिक समस्या पर चिंता जताई थी।
रेलवे बोर्ड ने जारी किया आदेश
यूनियन की इस मांग को रेलवे बोर्ड ने फुल बोर्ड मीटिंग में रखा था जिसके बाद कैडर चेंज करने की अनुमति देने का लिया निर्णय हो गया है। निर्णय के मुताबिक एएलपी, ट्रेकमैन व गार्ड के पद पर जो महिलाएं कार्यरत हैं उन्हें वन टाइम ऑप्सन लिया जाए और उन महिला स्टाफ को अन्य विभाग में कैडर बदलकर समायोजित किया जाए। रेलवे बोर्ड चेयरमैन ने डीजी को इस संबंध में कार्रवाई करने के आदेश दे दिए हैं।

निर्णय हो गया है
डब्ल्यूसीआरईयू महामंत्री मुकेश गालव ने बताया कि हमने ट्रेकमैन, एएलपी व गार्ड के पदों पर कार्यरत महिला कर्मचारियों को फील्ड में होने वाली समस्याओं से रेलवे बोर्ड चेयरमेन को अवगत कराया था। बोर्ड मीटिंग में यूनियन की मांग पर निर्णय हो गया है और पात्र महिलाकर्मियों को अन्य विभागों में समायोजित करने का आदेश भी जारी हो गया है। वहीं सीपीआरओ प्रियंका दीक्षित ने बताया कि रेलवे बोर्ड ने इस संबंध में जो भी आदेश दिया है उसका पूरी तरह पालन होगा। इस मामले में पूरी प्रक्रिया वरिष्ठ अधिकारी ही करेंगे।

sandeep nayak Desk/Reporting
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