रेलवे का अनूठा पार्क... जहां मिलती है रोगों से लडऩे की 'संजीवनीÓ

पार्क में मौजूद हैं ३२ प्रकार के ४०० से ज्यादा औषधीय पौधे

By: Manoj Kundoo

Published: 04 Oct 2021, 08:50 PM IST

होशंगाबाद
रेलवे का अनूठा पार्क 'संजीवनीÓ, यहां पार्क में स्वच्छ वातावरण के साथ औषधीय जानकारी भी मिलती है। यह अनूठा पार्क रेलवे स्टेशन के दक्षिण दिशा में एमसीओ कार्यालय के पास बना है। जिसमें ३२ प्रकार के ४०० से ज्यादा औषधीय पौधे मौजूद हैं।
रेलवे द्वारा इस अनूठे पार्क को रेलवे द्वारा वर्ष २०००-०१ में बनाया गया था। २२४० मीटर एरिया में फैले इस पार्क में लॉन, पाथवे और आराम फरमाने के लिए बैंच लगाए गए हैं। पार्क रेलवे स्टेशन के पिछले हिस्से में होने और आबादी क्षेत्र से दूर होने की वजह से यहां चहल-पहल कम रहती है। इस पार्क में ज्यादातर रेलवे कॉलोनी में रहने वाले लोग आते हैं। पार्क में आने वाले लोगों को पौधों की औषधीय जानकारी से अवगत कराने के लिए यहां एक बोर्ड लगाया गया है। जिसमें यहां मौजूद किस पौधे में कौन से औषधीय गुण है, उसका उल्लेख किया गया है। जिससे लोग को पौधों के औषधीय गुणों की जानकारी भी मिलती है। इसके अलावा पूरे पार्क का एक नक्शा भी लगाया गया है। जिसमें कौन से पौधे पार्क के किस हिस्से में मौजूद है, उन्हें देखकर पहचाना भी जा सके।

संजीवनी पार्क में खास औषधीय पौधे-
संजीवनी पार्क में खास औषधीय पौधे भी है। जिनमें शतावर जो श्वेतप्रदर, शुक्रदाबल्य रोग में काम आता है। इसके अलावा सर्पगंधा, लेडीपीपल, नागरमोथा, कालाधतूरा, सदाबहार, ग्वारपाठा, सफेद मूसली, रतनजोत, मरुआदोना, पिपरमेंट, गोरखमुंडी, बच के पौधे मौजूद हैं।

जानिए यहां पाए जाने वाले पौधों के औषधीय गुण-
तुलसी - खांसी, ज्वर, उल्टी, कष्ठ रोग, कैंसर
अशोक -श्वेतप्रदर, इत्यादि नारी रोग
हल्दी -चोट, सूजन, रक्तविकार, चर्मरोग
सर्पगंधा - उच्चरक्त चाप, सर्पदंश
लेडीपीपल - दमा, खांसी, कुष्ठ रोग, जुकाम
बहेड़ा, - पाचक, उदर रोग
मरुआदोना- कान दर्द
गुगल- बदन दर्द

रेलवे का अनूठा पार्क... जहां मिलती है रोगों से लडऩे की 'संजीवनीÓ
पार्क में मौजूद हैं ३२ प्रकार के ४०० से ज्यादा औषधीय पौधे
होशंगाबाद
रेलवे का अनूठा पार्क 'संजीवनीÓ, यहां पार्क में स्वच्छ वातावरण के साथ औषधीय जानकारी भी मिलती है। यह अनूठा पार्क रेलवे स्टेशन के दक्षिण दिशा में एमसीओ कार्यालय के पास बना है। जिसमें ३२ प्रकार के ४०० से ज्यादा औषधीय पौधे मौजूद हैं।
रेलवे द्वारा इस अनूठे पार्क को रेलवे द्वारा वर्ष २०००-०१ में बनाया गया था। २२४० मीटर एरिया में फैले इस पार्क में लॉन, पाथवे और आराम फरमाने के लिए बैंच लगाए गए हैं। पार्क रेलवे स्टेशन के पिछले हिस्से में होने और आबादी क्षेत्र से दूर होने की वजह से यहां चहल-पहल कम रहती है। इस पार्क में ज्यादातर रेलवे कॉलोनी में रहने वाले लोग आते हैं। पार्क में आने वाले लोगों को पौधों की औषधीय जानकारी से अवगत कराने के लिए यहां एक बोर्ड लगाया गया है। जिसमें यहां मौजूद किस पौधे में कौन से औषधीय गुण है, उसका उल्लेख किया गया है। जिससे लोग को पौधों के औषधीय गुणों की जानकारी भी मिलती है। इसके अलावा पूरे पार्क का एक नक्शा भी लगाया गया है। जिसमें कौन से पौधे पार्क के किस हिस्से में मौजूद है, उन्हें देखकर पहचाना भी जा सके।

संजीवनी पार्क में खास औषधीय पौधे-
संजीवनी पार्क में खास औषधीय पौधे भी है। जिनमें शतावर जो श्वेतप्रदर, शुक्रदाबल्य रोग में काम आता है। इसके अलावा सर्पगंधा, लेडीपीपल, नागरमोथा, कालाधतूरा, सदाबहार, ग्वारपाठा, सफेद मूसली, रतनजोत, मरुआदोना, पिपरमेंट, गोरखमुंडी, बच के पौधे मौजूद हैं।

जानिए यहां पाए जाने वाले पौधों के औषधीय गुण-
तुलसी - खांसी, ज्वर, उल्टी, कष्ठ रोग, कैंसर
अशोक -श्वेतप्रदर, इत्यादि नारी रोग
हल्दी -चोट, सूजन, रक्तविकार, चर्मरोग
सर्पगंधा - उच्चरक्त चाप, सर्पदंश
लेडीपीपल - दमा, खांसी, कुष्ठ रोग, जुकाम
बहेड़ा, - पाचक, उदर रोग
मरुआदोना- कान दर्द
गुगल- बदन दर्द
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Manoj Kundoo Reporting
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