भुगतान पर पाबंदी, उपस्थिति दर्ज करने पर रोक - होशंगाबाद के सीएमएचओ का एेसा आदेश पढ़कर चौंक जाएंगे आप

भर्ती घोटाला : स्वास्थ्य विभाग में विवादित भर्तियों का मामला

By: Manoj Kundoo

Published: 19 Jan 2019, 08:43 PM IST

होशंगाबाद.
स्वास्थ्य विभाग में विवादित भर्तियों के मामले की जांच पूरी भी नहीं हो पाई है और विभागीय खींचतान शुरू हो गई है। सेमरीहरचंद में कार्यरत कर्मचारी अरविंद सोनी को नियम विरूद्ध तरीके से सेवा समाप्ति का आदेश थमाने वाले डाक्टर शैलेंद्र सोनकिया का आदेश सीएमएचओ के निर्देश पर निरस्त कर दिया गया है। साथ ही आदेश में कहा गया है कि जब तक जांच प्रचलन में है तब तक न ही कर्मचारी को किसी प्रकार का भुगतान किया जाए और न ही उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर कराया जाए। उल्लेखनीय है कि सेमरी हरचंद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत कर्मचारी सोनी को डा. सोनकिया ने १५ जनवरी को बर्खास्त करते हुए पत्र थमा दिया था। मामले में सीएमएचओ डा. जेएस अवास्या ने कहा है कि मामले की जांच चल रही है। जब तक जांच पूरी न हो जाए, कार्रवाई नहीं की जा सकती। इसके अलावा डा. सोनकिया को किसी कर्मचारी की सेवा समाप्त करने का अधिकार भी नहीं है। इसी वजह से सीएमएचओ ने डा. सोनकिया का आदेश निरस्त किया है।
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फर्जी सर्टिफिकेट मामले में हरदा पदस्थ किए गए डाक्टर ने जताई इटारसी पदस्थ करने की इच्छा
होशंगाबाद. फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने के मामले में निलंबित कर हरदा पदस्थ किए गए डाक्टर सुभाष जैन ने डाक्टर पत्नी का हवाला देते हुए इटारसी में अपनी पदस्थापना की इच्छा जताई है। पदस्थापना के लिए उन्होंने सीएमएचओ होशंगाबाद को पत्र लिखा है। जबकि डा. सुभाष जैन होशंगाबाद सीएमएचओ के कार्यक्षेत्र में नहीं आते हैं। उल्लेखनीय है कि डा. जैन की पदस्थापना को लेकर सीएमएचओ कार्यालय में चल रही उठापटक के संबंध में कमिश्नर से भी शिकायत की गई है। इटारसी के सरकारी डा. श्यामाप्रसाद मुखर्जी अस्पताल में पदस्थ रहे डा. सुभाष जैन को शासकीय सील का दुरुपयोग करके जीवित और मृत व्यक्तियों का मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने, अविवाहित पुरुष की नसबंदी करने, नियम विरुद्ध घर पर क्लीनिक व मेडिकल स्टोर चलाने, बिना लाइसेंस वीडीएचए पावडर बेचने के मामले में कमिश्नर ने निलंबित किया था। निलंबन के बाद पहले बैतूल जिले के भैंसदेही में अटैच किया गया था। इसके बाद उन्हें जिला अस्पताल हरदा में पदस्थ किया गया। विभागीय सूत्रों के मुताबिक नियमानुसार निलंबित चिकित्सक को बहाल करने के उपरांत पुन: निलंबित स्थल पर पदस्थ नहीं किया जा सकता।

इनका कहना है...
वर्तमान में निलंबन के बाद संबंधित डाक्टर हरदा में पदस्थ हैं। इसलिए मुझे आवेदन करना औचित्यहीन है। जबकि कार्रवाई मेरे क्षेत्र के अंतर्गत आती ही नहीं है। उन्होंने पत्नी का हवाला देकर इटारसी पदस्थ करने की बात लिखी है।
-डा. जेएस अवास्या, सीएमएचओ
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Manoj Kundoo Reporting
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