होशंगाबाद से भोपाल तक के रेत चैक पोस्ट नाके खत्म

devendra awadhiya

Publish: Jan, 14 2018 09:00:00 AM (IST)

Hoshangabad, Madhya Pradesh, India
होशंगाबाद से भोपाल तक के रेत चैक पोस्ट नाके खत्म

खनिज विभाग से छिने अधिकार, अब ग्रामीण विकास विभाग करेगा अवैध खनन, ओवरलोडिंग, बिना रॉयल्टी परिवहन पर नियंत्रण

होशंगाबाद. शासन के आदेश पर शुक्रवार रात से भोपाल तिराहे होशंगाबाद से लेकर भोपाल और सीहोर, हरदा, रायसेन, देेवास आदि जिलों के खनिज निगम के सभी रेत चैक पोस्ट नाके बंद कर दिए गए हैं। ऐसा 30 जनवरी से पंचायतों व्दारा रेत खदानों को संचालित किए जाने के मद्देनजर किया गया है। खनिज विभाग से चैकिंग के अधिकार छिन गए हैं। अब रेत के अवैध खनन-परिवहन, ओवरलोडिंग और बिना रॉयल्टी (डब्ल्यूआर) परिवहन पर नियंत्रण ग्रामीण विकास विभाग करेगा। पंचायतों को ही इसके अधिकार दिए जा रहे हैं। खनिज विभाग ने पंचायतों को दी जाने वाली खदानों की सूची कलेक्टर को सौंप दी है। जिसे शासन को अंतिम स्वीकृति के लिए भेज दिया गया है। जल्द ही रेत खदानों पर पंचायतों का राज हो जाएगा। पंचायतों द्वारा सस्ती रेत देने के कारण ठेके पर चल रही खदानों के भी सरेंडर होने की नौबत आ सकती है।

 

 

बीती रात से नाका बंद, हटाए कर्मचारी

भोपाल तिराहे पर स्थित खनिज निगम का नाका शुक्रवार रात 12 बजे से बंद कर दिया गया। यहां तैनात कर्मचारी, सुरक्षा गार्ड हटा लिए गए हैं। इन कर्मचारियों की सेवाएं निगम के कार्यालयीन कार्यों में ली जाएगी। नाका हटने से फिलहाल अवैध परिवहन में तेजी आ गई है। डंपर-ट्रकों की संख्या भी अचानक बढ़ गई। इन नाकों से भी डंपर वालों को शिकायतें थीं कि वे वसूली करते हैं। चौबीस घंटे में यहां से लगभग ढाई हजार रेत वाहन गुजरते हैं।

बुदनी गडरिया नाका पहले ही बंद हुआ
बुदनी गडरिया नाका के पास स्थित सीहोर जिले के खनिज चौकी पहले ही बंद की जा चुकी है। इसके बाद होशंगाबाद जिले का भोपाल तिराहे पर ही इकलौता नाका बचा था।

 

अब नहीं होगी सड़कों पर रेत की चैकिंग
शासन ने पूरे प्रदेश में सड़कों पर रेत वाहनों की चैकिंग पूरी तरह बंद कर दी है। ऐसा पंचायतों को रेत खदानें देने के मद्देनजर किया गया है। तीन जिलों की करीब डेढ़ सौ से दो सौ रेत खदानें अब 30 जनवरी से पंचायतें चलाएंगी। पंचायतों को खदान संचालन से लेकर चैकिंग व कार्रवाई के अधिकार सौंपे जा रहे हैं। खनिज निगम एवं खनिज विभाग चैकिंग संबंधी कोई भी कार्रवाई नहीं कर सकेगा। पंचायतें इलेक्ट्रॉनिक रॉयल्टी जारी करेंगी। ऑनलाइन ही रॉयल्टी का पेमेंट वाहन चालकों को करना होगा। पेमेंट के बाद टीपी का मैसेज चालक के मोबाइल पर ही डिस्प्ले होगा। इसे दिखाकर पंचायतों की खदानों से रेत भरी जा सकेगी। जिसकी सड़कों पर कोई चैकिंग नहीं होगी। परिवहनकर्ता रॉयल्टी के हिसाब से बैरोक-टोक रेत ले जा सकेंगे।

 

125 रुपए घनमीटर में बेचेगी पंचायत रेत
जिले की रेत खदानों को पंचायतें 125 रुपए घनमीटर में रायल्टी काटकर रेत बेचेगी। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि रेत सस्ती हो जाएगी, क्योंकि अभी ठेके पर चल रही रेत खदानों में ठेकेदार 400 रुपए से लेकर 700 रुपए घनमीटर के हिसाब से पैसा वसूल रहे हैं।

इनका कहना है...
बीती रात से शासन के आदेश के बाद भोपाल तिराहे का खनिज निगम का चैकपोस्ट नाका बंद कर दिया गया है। ऐसा प्रदेश के सभी जिलों में हुआ है। 30 जनवरी से पंचायतें खदानें चलाएंगी। सभी अधिकार ग्रामीण विकास विभाग के पास रहेंगे।
-शशांक शुक्ला, जिला खनिज अधिकारी होशंगाबाद

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