मैं माइनिंग इंस्पेक्टर हूं, जेल भिजवा दूंगा, धमकी से भड़के मजदूर

मजदूरों का आरोप, पैसे लेता है खनिज अमला इसलिए पकड़ी गाडि़यां भगा दी

By: yashwant janoriya

Updated: 27 Jan 2018, 12:33 PM IST

होशंगाबाद. 'मैं, माइनिंग इंस्पेक्टर हूं, तुम्हें जेल भिजवा दूंगा। अब तुमकों जेल होगी।Ó गुरुवार को बाबई की गूजरवाड़ा रेत खदान पर पहुंचे खनिज निरीक्षक संतोष सूर्यवंशी ने यह धमकी मजदूरों को दी। इसके बाद मजदूर भड़क गए और खनिज निरीक्षक से झूमा-झटकी एवं धक्का-मुक्की कर पंचनामा छीनकर फाड़ दिया। मजदूरों का आरोप था कि खनिज विभाग रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन करने वालों से पैसा लेता है, इस कारण मजदूरों द्वारा पकड़े गए डंपर और ट्रक निरीक्षक के आते ही भगा दिए। करीब पचास मजदूरों ने खदान पर उत्खनन करती दो पोकलेन और करीब आधा दर्जन डंपर एवं ट्रक पकड़कर आला अफसरों को सूचना दी थी। फिर भी छह घंटे देरी से खनिज निरीक्षक मौके पर पहुंचे थे, इससे मजदूर नाराज थे। निरीक्षक ने दो पोकलेन जब्त करने की कार्रवाई की।
गूजरवाड़ा खदान पोकलेन से खनन व भराई की सूचना पर सुबह करीब पचास मजदूर पहुंच गए। मौके पर खनन करते और डंपरों में भरते दो पोकलेन पकड़ ली। कलेक्टर-एसपी को फोन लगाया लेकिन तब भी दोपहर 12 बजे तक खनिज अमला नहीं पहुंचा। इससे मजदूरों ने नारेबाजी कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसी बीच पूर्व विधायक सविता दीवान भी वहां पहुंच गर्इं। उन्होंने कलेक्टर अविनाश लवानिया और एसपी अरविंद सक्सेना को फोन कर कार्रवाई कराने की मांग की। इसके बाद खनिज निरीक्षक दोपहर एक मौके पर पहुंचे। उन्हें मजदूरों ने घेर लिया, तभी डंपर और ट्रक भाग खड़े हुए। मजदूरों ने उन्हें रोककर कार्रवाई करने का कहा, लेकिन जब सुनवाई नहीं हुई तो सूर्यवंशी से झूमाझटकी करने लगे। आरोप लगाया कि वे पैसे लेते हैं, इस कारण गाडि़यां भगा रहे हैं। दो पोकलेन जब्त करने का जो पंचनामा बनाया था वह मजदूरों ने छीनकर फाड़ दिया। खनिज निरीक्षक ने उन्हें जेल भेजने की धमकी दी और वहां से निकल गए।
इनका कहना है
एेसा कुछ नहीं हुआ
&मेरे साथ झूमा-झटकी नहीं हुई। दो पोकलेन मौके से जब्त की हैं। गूजरवाड़ा और रजौन खदान के मजदूरों का आपसी झगड़ा था। उनके झगड़े व हंगामे के बीच चालक ट्रक-डंपर लेकर भागे हैं, तलाश की जा रही है।
संतोष सूर्यवंशी, खनिज निरीक्षक

दिखावे की कार्रवाई
&पूरे जिले में अवैध खनन हो रहा है। इसमें भाजपा के लोग लिप्त हैं। सरकार-प्रशासन उनके कब्जे में है। सिर्फ दिखावे की कार्रवाई की जाती है। छह घंटे तक कोई जिम्मेदार अफसर कार्रवाई करने नहीं पहुंचा था।
सविता दीवान, पूर्व विधायक कांग्रेस

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