जहां कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 6, उसी जगह को अब तक नहीं किया सेनेटाइज

कोरोना संक्रमितों की संख्या इटारसी में बढ़ती जा रही है। बावजूद लापरवाही के एक के बाद एक मामले सामने आ रहे हैं। कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित होने के बावजूद यहां आना-जाना बदस्तूर जारी है।

By: poonam soni

Published: 18 Apr 2020, 12:22 PM IST

मनोज कुंडू/होशंगाबाद. कोरोना संक्रमितों की संख्या इटारसी में बढ़ती जा रही है। बावजूद लापरवाही के एक के बाद एक मामले सामने आ रहे हैं। कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित होने के बावजूद यहां आना-जाना बदस्तूर जारी है। पहले एक क्वारंटाइन किया गया व्यापारी बाहर जाकर सब्जी बेचते पकड़ा जा चुका है। अब यहां प्रशासन की भी लापरवाही सामने आई। प्रभावित हाजी मंजिल में रहने वाले सबसे पहले कोरोना संक्रमित की पहचान 11 अप्रेल को हो गई। बावजूद अब तक परिसर के भीतर सेनेटाइजेशन नहीं किया गया। जिससे संक्रमण फैलने की आशंका से लोगों में दहशत है। सरकारी अस्पताल के पास हाजी मंजिल परिसर में करीब 150 से 200 लोग रहते हैं। यह परिसर पूरी तरह कवर्ड है। खास बात यह भी है कि इस पूरे परिसर में एक ही कुटुंब के लोग रहते हैं। इसी परिसर में रहने वाले पीडि़त परिवार के सदस्य खुर्शीद अहमद ने बताया कि नपा सीएमओ से उन्होंने कई बार सेनेटाइजेशन कराने के लिए कहा है, लेकिन अभी तक इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। सीएमओ सीपी राय ने कहा कि सेनेटाइजेशन बाहर हो रहा है। जहां तक अंदर की बात है। उनको सावधानी बरतना है कि कम से कम लोगों के संपर्क में रहें। अगर कान्टेक्ट कम से कम नहीं करेंगे तो कितना भी सेनेटाइजेशन कर दिया जाए। हाजी मंजिल में कोरोना संक्रमितों की पुष्टि होने के बाद दूध सप्लाई करने जाने वाले एक व्यक्ति की शिकायत की गई है।

हाजी मंजिल परिसर एक क्लोज कैंपस है। यही समस्या है। व्यक्तिगत घर होता तो सैनेटाइज कर देते। यह काम दो चार लोगों की टीम नहीं कर पाएगी। दस बारह लोग लगेंगे। सीएमओ से बोल दिया है। हाजी मंजिल परिसर को सैनेटाइज करवा रहे हैं।
सतीश राय, एसडीएम

छह दिन से दहशत में गांव की चार हजार की आबादी

अमित शर्मा/ जासलपुर। शुक्रवार दोपहर के तीन बज रहे हैं। लेकिन हमेशा चहल-पहल वाले इस गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। पिछले छह दिन से जासलपुर गांव की करीब चार हजार आबादी दहशत में है। हर पल ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं कि उनके गांव के जिन पांच लोगों के सैंपल कोरोना टेस्ट की जांच के लिए ले जाए गए हैं, वह निगेटिव आ जाएं। क्योंकि यह पांचों कोरोना पॉजिटिव पाए गए स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव के कम्प्यूटर ऑपरेटर बलवंत सिंह के सीधे संपर्क में आए थे। हालांकि सभी को क्वारंटाइन किया गया है, लेकिन इससे पहले वे गांव में कई लोगों के संपर्क में आ चुके थे। दरअसल कोरोना पॉजिटिव बलवंत सिंह यहां अपने रिश्तेदारी में आए थे। उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद 12 अप्रैल को स्वास्थ्य अमला गांव पहुंचा और उनसे सीधे संपर्क में आए धन्नाबाई, नरेंद्र ,राहुल, दुर्गा बाई और पारसराम के सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए गए। साथ ही उन्हें क्वारंटाइन भी किया गया, लेकिन अब तक उनकी रिपोर्ट नहीं आई है। इस कारण गांव में भय का माहौल बना हुआ है। जासलपुर के कालूराम यादव ने बताया कि 2100 वोटर वाले इस गांव की करीब चार हजार आबादी है। छह दिनों से गांव के हर सदस्य को संदिग्धों की रिपोर्ट का इंतजार है। गांव के कुछ लोग नाम ना बताने की शर्त पर बताते हैं कि माखनकीर के परिवार के लोग गांव से घूमते मिले हैं। प्रशासन भी सुनने को तैयार नहीं है। जासलपुर से बड़ी मात्रा में दूध होशंगाबाद आता है। लेकिन संदिग्धों के मिलने के बाद शहर में ज्यादातर लोगों ने दूध लेने से इंकार कर दिया।

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