तिल गणेश चतुर्थी आज : इस तरह करें पूजा तो दूर हो जाएंगी सभी परेशानी

नर्मदा के विश्व प्रसिद्ब घाट सेठानीघाट के मंदिरों में भगवान गणेश को काली कुटी तिल का लगेगा भोग

 

By: sandeep nayak

Published: 04 Jan 2018, 10:14 PM IST

होशंगाबाद। हर शुभ कार्य के पहले भगवान गणेशजी का पूजन करना शुभ माना जाता है। गणेश चतुर्थी के दिन तो पूरा दिन ही गणेशजी का होता है। इसलिए यह दिन खास हो जाता है। शुक्रवार को साल की पहली गणेश चतुर्थी है। इसे तिल गणेश भी कहते हैं, इस दिन नर्मदा के विश्व प्रसिद्ब घाट सेठानीघाट के सभी मंदिरों में भगवान गणेश को काली कुटी तिल का भोग लगाया जाएगा। दरअसल भगवान गणेशजी का तिल काफी पसंद है इसलिए इस दिन को तिल गणेश भी कहते हैं और भगवान गणेशजी को तिल का भोग भी लगाया जाता है।

तिल गणेश का महत्व
तिल गणेश का सर्वाधिक महत्व होता है। आचार्य सोमेश परसाई ने बताया कि गणेश क्योंकि भगवान विष्णु के पसीने से उत्पन्न हुए थे। इसीलिए भगवान गणेश को रोग, शोक, दुख, दरिद्र दूर भागते हैं। जल में तिल मिलाकर गणेश का तर्पण करने पर उस घर में सालभर सुख शांति बनी रहती है। एवं तिल के मोदक का भोग, हवन लगाने से प्रसन्नता रहती है। चंद्र उदय का समय रात्रि ८.५० बजे होगा। तिल गणेश का मुहुर्त रात्रि ८.५० बजे से चंद्र उदय होगा। सभी माताएं चंद्रमा के दर्शन कर उसका पूजन-अर्चना कर व्रत खोलेंगी।

 

 

यह है महत्व

हिन्दू कैलेण्डर में प्रत्येक चन्द्र मास में दो चतुर्थी होती हैं। पूर्णिमा के बाद आने वाली कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी कहते हैं और अमावस्या के बाद आने वाली शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहते हैं। संकष्टी चतुर्थी का व्रत हर महीने में होता है लेकिन सबसे मुख्य संकष्टी चतुर्थी माघ के महीने में पड़ती है और अमांत पंचांग के अनुसार पौष के महीने में पड़ती है।

माघ मास की चतुर्थी तिथि को संकष्ठी चतुर्थी कहा जाता है। इस तिथि को तिल चतुर्थी या माघी चतुर्थी भी कहा जाता है। इस दिन भगवान गणेश और चन्द्र देव की उपासना करने वाले के जीवन के संकट टल जाते हैं।

 

भगवान गणेश की पूजा विधि

- प्रात:काल स्नान करके गणेश जी की पूजा का संकल्प लें

- दिन भर जलधार या फलाहार ग्रहण करें

- संध्याकाळ में भगवान् गणेश की विधिवत उपासना करें

- भगवान को तिल के लड्डू , दूर्वा और पीले पुष्प अर्पित करें

- चन्द्रमा को निगाह नीची करके अघ्र्य दें

- भगवान गणेश के मन्त्रों का जाप करें

- जैसी कामना हो , उसकी पूर्ति की प्रार्थना करें

चतुर्थी के दिन संतान प्राप्ति के लिए क्या प्रयोग करें?

- रात्रि में चन्द्रमा को अघ्र्य दें

- भगवान गणेश जी के समक्ष घी का दीपक जलाएँ

- उनको अपनी उम्र के बराबर तिल के लड्डू अर्पित करें

- उनके समक्ष बैठकर "? नमो भगवते गजाननाय " का जाप करें

- पति - पत्नी एक साथ ये प्रयोग करें तो ज्यादा अच्छा होगा

धन लाभ के लिए क्या करें ?

- पीले रंग के भगवान गणेश की आराधना करें

sandeep nayak Desk/Reporting
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