प्रसव सहायता के अटके सात लाख, दोबारा हुई शिकायत में खुलासा, दस्तावेज खंगाल रहा विभाग

प्रसव सहायता के अटके सात लाख, दोबारा हुई शिकायत में खुलासा, दस्तावेज खंगाल रहा विभाग
Seven lakhs stuck in delivery assistance, disclosed in the complaint again, the department is going through the documents

Manoj Kumar Kundoo | Updated: 18 Sep 2019, 07:58:56 PM (IST) Hoshangabad, Hoshangabad, Madhya Pradesh, India

पांच महीने में जिले के निजी और सरकारी अस्पतालों में हुए ६ हजार प्रसव-२ हजार ३९८ हितग्राहियो को किया गया २ करोड़ ५६ लाख रुपए भुगतान

 

होशंगाबाद
सरकारी अस्पताल में हुए प्रसव मामले के दस्तावेज स्वास्थ्य विभाग खंगाल रहा है। जिले भर की ४२ महिला हितग्राहियों ने प्रसूति सहायता राशि नहीं मिलने पर सीएम हेल्पलाइन में दोबारा शिकायत की है। इन महिलाओं को ६ लाख ७२ हजार रुपए का भुगतान होना है। जिसके बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। दरअसल हड़कंप इसलिए मचा है क्योंकि इनमें से अधिकतर मामले को भुगतान करना बताकर फोर्स क्लोज कर दिया गया था। जबकि सीएम हेल्पलाइन में आने वाली शिकायतों का संतुष्टिपूर्ण निराकरण करने का आदेश है। एेसे में मनमर्जी से क्लोज किए गए इन प्रकरणों की अब दोबारा खोजबीन हो रही है।
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पांच महीने में ६ हजार प्रसव-
सरकारी और निजी अस्पतालों में पिछले पांच महीने में ६ हजार प्रसव हुए हैं। इनमें से अब तक स्वास्थ्य विभाग ३ हजार ३९८ हितग्राहियों को २ करोड़ ५६ लाख २५ हजार ६०० रुपए का भुगतान कर चुका है।
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एेसे हुआ खुलासा- स्वास्थ्य अधिकारियों ने सीएम हेल्पलाइन में झूठ दर्ज करा दिया था। जिस पर अपर कलेक्टर केडी त्रिपाठी ने सीएमएचओ डा. दिनेश कौशल व डीएचओ डा. नलिनी गौड़ को नोटिस अगस्त के दूसरे सप्ताह में दिया था। नोटिस में बताया था कि बाबई पाटनी गांव में रहने वाली पूजा पति अमर सिंह की सिजेरियन डिलेवरी जिला अस्पताल में हुई थी। हितग्राही पूजा को जननी सुरक्षा व प्रसूति सहायता की राशि नहीं दी गई थी। हितग्राही के पति अमर सिंह ने मामले की दोबारा शिकायत की थी। जबकि विभाग ने भुगतान बताकर प्रकरण क्लोज कर दिया था।
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यह है प्रसूति सहायता योजना- मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना 20१९ सभी ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में पंजीकृत असंगठित मजदूर महिलाओं के लिये अप्रैल 18 से प्रभावशील है। उद्देश्य सुरक्षित प्रसव, गर्भवती एवं शिशु का जन्म के बाद टीकाकरण, महिला एवं शिशु स्वास्थ्य के लिये नगद प्रोत्साहन और अनुकूल वातावरण निर्माण करना है।
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इतनी राशि का प्रावधान--योजना में 16 हजार रुपये दो किश्तों में दिए जाते हैं। केन्द्र सरकार की जननी सुरक्षा योजना के पात्र हितग्राहियों को भी इसका लाभ दिया जाता है।
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योजना के लिए पात्रता-असंगठित महिला मजदूर का पंजीयन कार्ड, शासकीय अस्पताल में प्रसव का प्रमाण-पत्र, एएनएम द्वारा जारी प्रमाण-पत्र, मातृ एवं शिशु सुरक्षा कार्ड, आधार कार्ड, बैंक पास-बुक।
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इनका कहना है...
प्रसूति सहायता मामले में सीएम हेल्पलाइन में हुई शिकायतों का निराकरण किया जा रहा है। दस्तावेजों का वैरीफिकेशन करके भुगतान कर रहे हैं।
-डा. नलिनी गौड़, डीएचओ होशंगाबाद

प्रसूति सहायता नहीं मिलने पर जिन हितग्राहियों ने शिकायत दर्ज कराई है। उनके दस्तावेजों का मिलान कर प्रकरणों का संतुष्टिपूर्ण निराकरण करा रहे हैं।

-डा. दिनेश कौशल, सीएमएचओ होशंगाबाद

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