गृह विज्ञान महाविद्यालय में डेढ़ वर्ष बाद भी तैयार नहीं स्मार्ट क्लास और लैब

गृह विज्ञान महाविद्यालग में छात्राओं को और अधिक सुविधाएं देने के लिए द्वितीय तल पर छह कमरों का निर्माण किया जा रहा है।

अभी तक साठ प्रतिशत हुआ काम- एजेंसी - लोक निर्माण विभाग (पीआइयू)- लागत - तीन करोड ५३ लाख से करवा रहा निर्माण कार्य- पांच स्मार्ट क्लास और एक लैब आधुनिक लैब का होगा निर्माण

होशंगाबाद. गृह विज्ञान महाविद्यालग में छात्राओं को और अधिक सुविधाएं देने के लिए द्वितीय तल पर छह कमरों का निर्माण किया जा रहा है। मॉनिटरिंग के अभाव में मनमाने तरीके से काम किया जा रहा है। यही कारण है कि डेढ़ वर्ष बाद भी छात्राओं को स्मार्ट क्लास और लैब की सुविधा नहीं मिली पाई है। अभी तक साठ प्रतिशत काम किया गया है, जिसमें सिर्फ पिलर, विंडों की ग्रिल और दीवारें की खड़ी की गई हैं। शेड, बिजली फिटिंग सहित काफी चीजें अभी भी बाकी हैं। यदि इसी गति से काम चला तो और एक वर्ष लग सकता है।

प्रदेश सरकार द्वारा की स्वीकृति और पैसा देने के बाद कॉलेज में लोक निर्माण विभाग (पीआइयू) द्वारा करीब तीन करोड ५३ लाख रुपए से छह कमरों (पांच स्मार्ट क्लास और एक लैब) का निर्माण करवाया जा है। शेड में बैठना होगा मुश्किल जिस भवन के द्वितीय तल पर छह कमरों का निर्माण किया जा रहा है वह भी करीब ५० वर्ष पुराना है जिसके पिलर कमजोर होने से अधिक भार नहीं उठा सकते। इस कारण सभी छह कमरों में सिलैब की जगह शेड डाला जा रहा है। गर्मी में शेड के तपने से छात्राओं का बैठना मुश्किल होगा। जगह के हिसाब से डिजाइन में बदलाव प्रदेश के सभी कॉलेजों में निर्माण के लिए भोपाल से एक ही ले आउट तैयार कर भेज गया था, लेकिन सभी कॉलेजों में ले आउट के हिसाब से जगह उपलब्ध नहीं के कारण दोबारा से लेआउट तैयार कर भोपाल भेजा गया, जिसमें करीब चार माह का समय और लग गया।

सीसी टीवी कैमरा और वाय-फाय रहेगा

महाविद्यालय में विद्यार्थियों की सुविधा लिए लैब में वाय-फाय और सीसीटीवी कैमरा भी लगाया जाएगा। ताकि विद्यार्थी इंटरनेट की मदद से लैब में जरूरत के समय किसी भी चीज को सर्च कर सकें । वहीं लैब में होने वाली सभी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरा लगाया जाएगा।वहीं पांच मार्ट क्लासेस में बेहतर फर्नीचर के साथ ही स्मार्ट क्लास की जरूरत के लिए सभी चीजें मौजूद रहेंगी।

- जगह के हिसाब से डिजाइन में बदलाव किया गया है। नया नक्सा तैयार होने में भी वक्त लगा है। अच्छी क्वालिटी का शेड डाला जाएगा और उसके नीचे ट्रस का भी काम होगा। इससे गर्मी में बैठने में दिक्कत नहीं होगी। करीब साठ प्रतिशत काम हो गया है धीरे-धीरे चल रहा है। जल्द पूरा हो जाएगा। - आरके शर्मा असिस्टेंट प्रोजेक्ट इंजीनियर पीडल्यूडी

मनोज अवस्थी
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