समर्थन मूल्य पर खरीदे जाने वाले अनाज खराब होने पर सरकार ने किया यह निर्णय

लगाए जाएंगे दो टैग : एक टैग में किसान और दूसरे में सोसाइटी की रहेगी जानकारी

By: sandeep nayak

Published: 04 Apr 2019, 12:25 PM IST

होशंगाबाद। समर्थन मूल्य पर खरीदे जाने वाले गेहूं की गुणवत्ता की जवाबदारी अब सोसायटी की नहीं बल्कि किसान की होगी। खराब अनाज निकलने पर वह किसान को वापस कर दिया जाएगा। इसके लिए सरकार अनाज पर दो टैग लगाने जा रही है, ताकि पहचान की जा सके। इससे पहले खराब अनाज निकलने पर सोसायटी को भुगतना पड़ता था।
सूत्रों ने बताया कि इस बार समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदने के बाद बोरियों में दो टैग (पर्चे) लगाए जाएंगे। एक टैग में सोसाइटी और दूसरे में किसान की जानकारी होगी। जिससे वेयरहाउस में भंडारण होने पर सीधे किसान के बैंक खाते में उपज की राशि पहुंचेगी। यदि अनाज रिजेक्ट किया गया तो संबंधित किसान को सोसाइटी के जरिए अनाज वापस कर दिया जाएगा। अब तक वेयरहाउस से अनाज रिजेक्ट होने के बाद जिम्मेदारी सोसाइटी प्रबंधन की होती थी। पिछले साल की गई गेहूं खरीदी में करीब २९०० क्विंटल गेहूं वेयर हाउस से नागरिक आपूर्ति निगम ने रिजेक्ट किया था।

सीधे बैंक खाते में पहुंचेगी राशि : किसानों को अब भुगतान के लिए सहकारी समितियों के चक्कर नहीं लगाने पडेंगे। किसानों के पोर्टल पर अकाउंट नंबर दर्ज किए हैं। सीधा किसानों के बैंक खातों में गेहूं खरीदी की राशि डाली जाएगी।

इसलिए आती थी परेशानी : गेहंू खरीदी केंद्रों से अनाज खरीदने के बाद सोसाइटी भंडारण के लिए वेयरहाउस भेजा जाता है। वेयरहउस में भी अनाज की गुणवत्ता जांची जाती है। यहां गुणवत्ता में कमी मिलने पर अनाज रिजेक्ट करके सोसाइटी को भेजा जाता है। बोरियों में सिर्फ सोसाइटी का टैग होने से अनाज किसका है, यह पता कर पाना मुश्किल होता था।
&पिछले साल वेयरहाउस से 2900 क्विंटल गेहूं रिजेक्ट किया था। अब वेयरहाउस में अनाज एप्रूव होने के बाद सीधे किसानों के बैंक खाते में राशि जाएगी। अनाज खराब हुआ तो सोसाइटी के जरिए किसानों तक वापस पहुंचेगा।
दिलीप सक्सेना, डीएम नागरिक आपूर्ति निगम

sandeep nayak Desk/Reporting
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