रिश्तों में आई मिठास, कई जोड़े फिर साथ रहने को हुए राजी

रिश्तों में आई मिठास, कई जोड़े फिर साथ रहने को हुए राजी

Devendra Kumar Awadhiya | Publish: Sep, 09 2018 01:08:56 PM (IST) Hoshangabad, Madhya Pradesh, India

नेशनल लोक अदालत में कुटुंब न्यायालय व परिवार परामर्श केंद्र ने एक दर्जन टूटे परिवारों को मिलाया

होशंगाबाद. पति-पत्नी के रिश्तों के बीच चल रही कड़वाहट जरा सी समझदारी से मिठास में घुल गई। एक दूसरे को जो पहले देखना भी पसंद नहीं करते उन्होंने आंखों में आंखें डालकर मुस्कुराते हुए फिर से जीवन भर साथ निभाने का वादा किया। एक दूसरे को फूलमाला पहनाई और एक दूसरे का हाथ संभाला। माता-पिता के फिर से साथ रहने से बच्चों के चेहरे खिल गए। ऐसे करीब 16 बिछड़े परिवारों को आपस में मिलाया गया। इनमें 15 कुटुंब न्यायालय व एक प्रकरण में आपसी रजामंदी से समझौते कराए गए। इन्हें पौधे देकर राजी-खुशी से घरों को रवाना किया गया।
केस: 1
पति ने पत्नी को प्यार से रखने का किया वादा
नौगजा जुमेराती निवासी लताबाई अहिरवार मुडिय़ाखेड़ा बाबई निवासी पति राकेश से मारपीट व अच्छे से नहीं रखने गृहस्थी का सामान नहीं लाने के कारण तीनों बच्चों अमन, अनामिका, मयंक के साथ अलग रह रही थी। लोक अदालत में जब कुटुंब न्यायालय के न्यायाधीश आरबी गुप्ता ने दोनों को बच्चों का हवाला देकर समझाइश दी तो दोनों पति-पत्नी साथ रहने व दांपत्य जीवन अच्छे से बिताने को राजी हो गए। दोनों बच्चों के साथ सुलह होने के बाद घर लौटे।
केस: 2
बेटा-बेटी को साथ पढ़ाने राजी हुई पत्नी
पवारखेड़ा खुर्द बाबई निवासी सविता कीर जरा से मनमुटाव से पति अर्जुन सिंह कीर से अलग रहने लगी थी। इनके दो बच्चे हैं। रूपाली मां के साथ व सौरभ पिता के साथ ग्राम गांजित में रहकर पढ़ाई कर रहा था। दोनों के बीच मीडियशन कार्रवाई असफल हो गई थी। न्यायाधीश ने जब समझाइश दी तो दोनों पति-पत्नी अपने दोनों बच्चों को साथ रहकर उनकी पढ़ाई कराने के लिए राजी हो गए।
केस : 3
12 साल बाद एक हुए पत्नी-पत्नी
ग्वालटोली निवासी इंदल सिंह एवं ज्योति राठौर शक से उपजे मनमुटाव के कारण पिछले 12 सालों से विलग थे। दोनों की शादी वर्ष 1999 में हुई थी। 17 व 12 वर्षीय बेटा मां के पास रह रहे थे। बात इतनी बिगड़ी की दोनों एक-दूसरे से मिलना तो दूर देखना भी पसंद नहीं करते थे। धारा 13 का तलाक का केस भी लगा रखा था। जब पति-पत्नी को समझाइश दी तो दोनों राजीनामा करने को तैयार हुए। पत्नी-पत्नी दोनों बच्चों के साथ राजी-खुशी घर को भेंट में मिले पौधे लेकर लौटे।


फैक्स फाइल
31 खंडपीठों ने निपटाए 3465 मामले
शनिवार को जिला कोर्ट परिसर में नेशनल लोक अदालत का जिला सत्र न्यायाधीश एसकेपी कुलकर्णी ने शुभारंभ किया। कुल 25 न्यायिक खंडपीठो व 7 विभागीय खंडपीठों ने न्यायालयों में लंबित प्रकरणों में से 577 का तथा 2888 प्रीलिटिगेशन/विभागीय प्रकरणों का निराकरण किया। आपराधिक, वैवाहिक, चैक बाउंस, मोटर दुर्घटना, बिजली के प्रकरणों की सुनवाई की गई। न्यायिक खंडपीठों ने कुल 24 करोड़ 47 लाख 4 हजार 27 रुपए के अवार्ड पारित किए। करीब 4 करोड़ 3 लाख 50 हजार 14 रुपए की विभागीय वसूली की। करीब 3790 व्यक्तियों को लाभान्वित किया गया। लोक अदालत के शुभारंभ अवसर पर कुटुंब न्यायालय प्रधान न्यायाधीश आरबी गुप्ता, विशेष न्यायाधीश इकबाल खान गौरी, फस्र्ट एडीजे केएन सिंह, थर्ड एडीजे सुरेश कुमार चौबे, विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव डीएस चौहान, एडीजे उपेंद्र देशवाल, श्रम न्यायाधीश वैभव सक्सेना, सीजेएम राजेश कुमार अग्रवाल, जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष प्रदीप चौबे, विधिक सहायता अधिकारी सनातन सेन, कर्मचारी संघ अध्यक्ष राजेश मंसौरिया आदि मौजूद रहे।

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