इस कंपनी पर कलेक्टर ने ठोका 24 करोड़ का जुर्माना, जाने क्यों...

इस कंपनी पर कलेक्टर ने ठोका 24 करोड़ का जुर्माना, जाने क्यों...

Brijesh Chouksey | Updated: 25 Aug 2018, 02:26:09 PM (IST) Hoshangabad, Madhya Pradesh, India

एक महिने में जमा करना पड़ेगी सरकारी खजाने में राशि

बैतूल. एनएचएआई दिल्ली द्वारा टर्मिनेट की गई ट्रांसट्राय कंपनी पर कलेक्टर ने गिट्टी का अवैध भंडारण किए जाने के मामले में 24 करोड़ 8 लाख का भारी-भरकम जुर्माना ठोका है। किसी कंपनी पर जुर्माने की यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई बताई जा रही है। कंपनी को एक माह की अवधि में जुर्माने की राशि शासकीय कोष में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। चूंकि कंपनी टर्मिनेट हो चुकी हैं इसलिए वह इस जुर्माना के विरूद्ध अपील में जा सकती है। उल्लेखनीय हो कि ट्रांसट्राय कंपनी बैतूल से औबेदुल्ला गंज तक फोरलेन निर्माण कर रही थी, लेकिन काम में लेटलतीफी के चलते एनएचएआई द्वारा उसे टर्मिनेट कर दिया गया था।
यह है पूरा मामला
खनिज विभाग के निरीक्षक द्वारा ट्रांसट्राय कंपनी के विरूद्ध अवैध गिट्टी भंडारण का प्रकरण कलेक्टोरेट कोर्ट में पेश किया गया था। खनिज निरीक्षक ने प्रस्तुत प्रतिवेदन में लिखा था कि ग्राम नायकचारसी में जांच कर कंपनी के विरूद्ध अवैध रूप से गिट्टी का भंडारण किए जाने का प्रकरण बनाया गया है। मौके पर अवैध रूप से भंडारित 48 हजार 173 घनमीटर गिट्टी पाई गई थी। जिसकी रायल्टी राशि 48 लाख 17 हजार 300 रुपए है, तथा बाजार मूल्य 2 करोड़ 40 लाख 46 हजार500 रुपए होता है। जांच प्रतिवेदनानुसार कलेक्टर द्वारा मध्यप्रदेश खनिज नियम 2006 के नियम 3(2) (दो) एवं 18(1) (5)का उल्लंघन पाते हुए नियम 18(5) के तहत बाजार मूल्य का दस गुना यानि 24 करोड़ 08 लाख 65 हजार अर्थदंड आरोपित किया गया है। कंपनी को जुर्माना राशि का भुगतान आदेश दिनांक से एक माह की अवधि में शासकीय कोष में चालान के माध्यम से जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि कंपनी राशि जमा नहीं करती है तो नियम 18(6) के तहत जब्तशुदा संपत्ति के अधिग्रहण की कार्रवाई की जाएगी।

अपने बचाव में कंपनी ने यह दिया तर्क
ट्रांसट्राय कंपनी द्वारा अपने बचाव में यह तर्क दिया गया कि उन्हें प्राप्त खनिज भंडारण अनुज्ञा की अवधि समाप्त होने वाली थी। नवीन अनुज्ञा के लिए आवेदन करने से पूर्व ही एनएचएआई द्वारा कंपनी का ठेका निरस्ती का आदेश जारी कर दिया गया। जिससे कार्य नहीं होने के कारण भंडारित रेत एवं गिट्टी का स्टॉक डम्प रह गया। कंपनी द्वारा यह स्वीकार किया गया कि खनिज भंडारण के लिए अतिरिक्त समय की मांग उनके द्वारा नहीं की गई थी।वहीं खनिज निरीक्षक का कहना था कि भंडारण की अनुमति की अवधि समाप्त होने के बाद 90 दिन की अवधि में मौके से स्टाक हटाया जा सकता था लेकिन कंपनी द्वारा न तो स्टाक हटाया गया और न ही अतिरिक्त समय की मांग की गई। कंपनी द्वारा गिट्टी का स्टाक रखे जाने की अधिकारिता होने संबंधी कोई विधि या नियम भी प्रस्तुत नहीं किया गया। जिसके कारण कंपनी द्वारा किया गया गिट्टी का भंडारण पूर्णरूपेण अवैध होना पाया गया है।
निजी भूमि पर किया गया था अवैध भंडारण
ट्रांसट्राय कंपनी द्वारा ग्राम नायकचारसी में भूमिस्वामी बुधियाबाई पत्नी रामलाल वाडिवा के नाम से दर्ज भूमि खसरा नंबर 3 पर अवैध रूप से गिट्टी का भंडारण किया गया था। कंपनी द्वारा इस गिट्टी का उपयोग बैतूल से औबेदुल्लागंज तक बनने वाले फोरलेन निर्माण में किया जा रहा था, लेकिन एनएचएआई दिल्ली द्वारा 16 सितंबर 2016 को ट्रांसट्राय कंपनी का ठेका निरस्त कर दिया गया। कंपनी को यह नोटिस 18 सितंबर 2016 को प्राप्त हुआ था जिसके कारण कंपनी द्वारा अनुज्ञा नहीं ली गई थी।

फैक्ट फाइल
अवैध भंडारण 48173 घनमीटर
रायल्टी राशि 4817300 रुपए
बाजार मूल्य 24045500 रुपए
दस गुना जुर्माना 240865500 रुपए
राशि जमा करना 1 माह अवधि

इनका कहना
विभाग द्वारा जुर्माना अधिरोपित कर कलेक्टर न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किया गया था। जिसमें कलेक्टर द्वारा 24 करोड़ के जुर्माने के आदेश जारी किए गए हैं। कंपनी को जुर्माना भरने के लिए एक माह का समय दिया गया है।
अशोक नागले, खनिज निरीक्षक बैतूल।

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