छोटे भाई की मौत का पता चला तो बड़े ने भी तोड़ा दम

जीए साथ मौत भी आई एक साथ, शव यात्रा निकली साथ-साथ, ग्राम देवठान में एक साथ हुई दोनों भाइयों की अंत्येष्टि

बैतूल. जीवन भर दो भाई साथ रहे। एक दूसरे का दुख बांटा। विपरित परिस्थितियों में भी अलग नहीं हुए। दोनों भाइयों को मौत भी साथ में ही आई। दोनों की अंत्येष्टि एक साथ की गई। छोटे भाई के स्वास्थ्य खराब होने की सूचना मिलने पर बड़े भाई द्वारा उन्हें देखने की तैयारियां की जा रही थी। इस दौरान बड़े भाई ने भी दम तोड़ दिया। दोनों भाइयों के निधन का इस तरह को लोगों ने नजारा देखा तो सभी आंखे भर आई।

पूरे गांव में छाया मातम
आमला ब्लॉक के ग्राम देवठान में जन्में दो सगे भाई भगरया वरवड़े ९९ वर्ष और लोधू वरवडे का ९७ वर्ष की आयु में रविवार को निधन हो गया था। मुलताई में नाती के घर रह रहे भगरया वरवडे को रविवार को सूचना मिली की उनके छोटे भाई लोधू वरवड़े की देवठान में तबीयत खराब है। सूचना मिलते ही उन्होंने देवठान जाने की तैयारी शुरू कर दी। इस दौरान उनकी भी अचानक ही तबीयत खराब हो गई। नाती ने उन्हें पुदीन हरा की गोली खिला दी। नाती ने कहा पांच मिनिट सो जाओ तब तक मैं खाना खा लेता हूं। नाती ने जब खाना खाकर नाना को उठाने पहुंचे तब तक नाना की मौत हो चुकी थी। नाना की मौत की खबर रिश्तेदारों को दे रहे थे। उस दौरान पता चला की देवठान में रह रहे उनके भाई लोधू की भी मौत हो गई है। रिश्तेदारों के कहने पर नाना के शव को देवठान लेकर पहुंचे। दोनों भाइयों के शव को एक साथ में गांव वाले देखकर गमहीन हो गए। पूरे गांव मातम छा गया।

एक साथ निकली शव यात्रा
दोनों भाइयों की अर्थी फूलों से सजाई गई। पहले बड़े भाई मगरया वरवड़े और बाद में छोटे भाई लोधू की अर्थी निकाली गई। दोनों भाइयों की शव यात्रा में करीब पांच सौ से अधिक लोग शामिल हुए। दोनों भाइयों के लिए एक ही चिता बनाई गई। चिता को छोटे भाई के बेटे ने मुखाग्रि दी। वहीं बड़े भाई को नाती द्वारा मुखाग्रि दी गई। अब दोनों भाइयों की अस्थियां ६ फरवरी को मुलताई ताप्ती में विसर्जित की जाएगी। बड़े भाई का कोई पुत्र नहीं था। उनकी एक पुत्री थी, उसकी मृत्यु पहले ही हो चुकी है। छोटे भाई का एक पुत्र और दो पुत्रिया है।

बृजेश चौकसे
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