चाचा ने मां को गाली दी तो बेटों ने पिता के साथ मिलकर उठाया ऐसा कदम

चाचा ने मां को गाली दी तो बेटों ने पिता के साथ मिलकर उठाया ऐसा कदम

Sandeep Nayak | Publish: Jul, 26 2019 11:45:03 AM (IST) Hoshangabad, Hoshangabad, Madhya Pradesh, India

रस्सी से बांधकर कमरे में कर दिया था बंद, सुबह मृत मिला

होशंगाबाद। बाबई के समौन गांव में दो पुत्रों के साथ मिलकर बड़े भाई ने अपने सगे छोटे भाई की लाठियों से पीट-पीटकर हत्या कर दी। हत्या के साक्ष्य को छुपाने के लिए आरोपियों ने पुलिस को बिना बताए ही उसका अंतिम संस्कार करने की कोशिश की। वे शव ढाना घाट पर ले जाकर अंतिम संस्कार करने वाले थे कि पुलिस पहुंच गई और लाश बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दी। मृतक के दोनों हाथ और पैर में फैक्चर व शरीर पर चोट के गंभीर निशान पाए गए। पीएम के बाद पुलिस ने आरोपी बड़े भाई करिया एवं उसके पुत्र विशाल एवं अनुज यादव के खिलाफ हत्या व साक्ष्य को छुपाने का केस दर्ज किया है। आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ हो रही है।
टीआई दिनेश सिंह चौहान ने बताया कि मृतक चंपालाल यादव मालाखेड़ी में अपने मामा गुरुप्रसाद यादव के यहां रहता है। वह बुधवार की रात अपने बड़े भाई करिया पिता भोपत सिंह यादव के यहां ग्राम समौन आया था। उसने भाभी शांतिबाई से विवाद कर घर के सारे कपड़े जला दिए। भाभी को गालियां दी। जब बड़ा भाई करिया एवं उसके दोनों बेटे घर पहुंचे तो विवाद का पता चला। बड़े भाई और दोनों पुत्रों ने चंपालाल के हाथ-पैर बांधकर कमरे में डाल दिया। फिर भी वह गाली गलौच करता रहा। इस पर उसकी तीनों ने मिलकर डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी। रातभर शव को कमरे में ही छिपा देने के बाद गुरुवार सुबह 9 बजे हत्या के साक्ष्य को छुपाने के लिए पुलिस को मौत की सूचना दिए बिना अर्थी सजाकर ट्रैक्टर-ट्रॉली से चुनिंदा रिश्तेदारों के साथ ढाना घाट पर अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे। इसी बीच पुलिस ने पहुंच शव कब्जे में लेकर पीएम कराया और परिजनों को सौंपा।

बुरी तरह पीटा था
चंपालाल के शव का पीएम करने वाले बाबई अस्पताल के डॉ. राजेश धाकड़ ने बताया कि मृतक के शरीर पर डंडे से मारने के निशान पाए गए। साथ ही दोनों पैर के घुटने के नीचे व एक हाथ व दूसरे हाथ की भुजा पर फैक्चर पाए गए।
नहीं की थी कार्रवाई
हत्या से पूर्व दिन में मृतक चंपालाल ने भतीजे अनुज यादव के खिलाफ एवं उसकी भाभी शांतिबाई पत्नी करिया ने मृतक चंपालाल के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। लेकिन पुलिस ने उसे गंभीरता से नहीं लिया और रात में झगड़ा बढ़ गया। चंपालाल की लाठियों से हत्या कर दी गई। मुखबिर की सूचना पर पुलिस को हत्या का पता चला। पुलिस दिन में घटना पर कार्रवाई करती तो हत्या नहीं होती।

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