जिला अस्पताल में छुआछूत - थालियां हैं लेकिन मरीजों को हाथ में परोस रहे खाना

जिला अस्पताल में छुआछूत - थालियां हैं लेकिन मरीजों को हाथ में परोस रहे खाना

Manoj Kumar Kundoo | Publish: Mar, 17 2019 12:19:54 PM (IST) Hoshangabad, Hoshangabad, Madhya Pradesh, India

ग्राउंड रिपोर्ट- पूछने पर बोले- मरीज थालियां लेकर चले जाते हैं घर, अस्पताल प्रबंधन ने कहा- खुद घर से लेकर आओ बर्तन

होशंगाबाद. यह तस्वीर अस्पताल की अव्यवस्था की कहानी बयां करने के लिए काफी है। यहां शासन ने मरीजों के लिए मुफ्त पोस्टिक भोजन देने की व्यवस्था की है, इसके लिए अस्पताल में बर्तन भी उपलब्ध कराए हैं। लेकिन इन बर्तनों में मरीजों को खाना नहीं परोसा जाता। उनसे कहा जाता है, घर से बर्तन लेकर आओ और जिसके पास नहीं होते उसे हाथ में ही रोटी पर सब्जी दे दी जाती है। पूछने पर जिम्मेदार अजीब कारण गिनाते हैं- कहते हैं, मरीज अपने साथ बर्तन भी लेकर चले जाते हैं और कुछ अस्पताल के बर्तन में खाना पसंद नहीं करते। जिला अस्पताल में भोजन व्यवस्था खुद अस्पताल प्रबंधन संभाल रहा है। बर्तनों की जगह मरीजों एवं उनके नाते-रिश्तेदारों के हाथों में ही खाना परोसा जा रह है। यदि किसी के पास एक ही बर्तन है तो उसी में दाल, सब्जी व अन्य खानपान सामग्री डाल दी जाती है। जिससे मरीज उसे खा नहीं पाते।
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रोज ३०० मरीजों को बांटा जाता है भोजन- अस्पताल में भर्ती लगभग ३०० मरीजों को रोज नाश्ता व खाना बांटा जाता है। इनमें ज्यादातर मरीज आसपास के ग्रामीण इलाकों और पड़ौसी जिले सीहोर के भी शामिल होते हैं।
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बर्तन न देने की यह वजह बता रहे जिम्मेदार-
भोजनशाला के प्रभारी दिनेश हाडा बर्तन में मरीजों का भोजन नहीं परोसने के पीछे अजीब तर्क देते हैं। वे कहते हैं कि भोजन बांटने के तुरंत बाद जब किसी मरीज की छुटटी हो जाती है तो वह थाली भी अपने साथ लेकर चला जाता है। कुछ मरीज अस्पताल के पास मौजूद स्टील की थालियों में खाना लेना पसंद नहीं करते। उन्हें संक्रमण का डर रहता है। इसलिए जिनके पास बर्तन नहीं होता उन्हें डिस्पोजल में देने के लिए कहा है। मरीजों से अमानवीय व्यवहार नहीं होना चाहिए। हम भोजन वितरण करने वालों को निर्देशित करेंगे।
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सामान्य मरीज के लिए-
-सुबह व शाम को चाय के साथ एक दिन टोस्ट व एक दिन बिस्किट। -नाश्ता : मीठा व नमकीन दलिया, उपमा। (एक-एक दिन) -दूध : २०० एमएल -भोजन : दोपहर में सब्जी, दाल, रोटी, सलाद। -रात्रि भोजन : दाल, सब्जी, रोटी। -इतना खर्च : प्रत्येक मरीज पर एक दिन में ४८ रुपए खर्च।

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मेटरनिटी वार्ड के मरीजों के लिए- -सुबह व शाम को चाय के साथ एक दिन टोस्ट व एक दिन बिस्किट। -नाश्ता : मीठा व नमकीन दलिया, उपमा। (एक-एक दिन) -दूध : सुबह और रात में २००-२०० एमएल -एक दिन केला २, एक दिन १०० ग्राम पपीता -सामान्य प्रसव में तीन दिन और सीजर में पांच दिन मेवे के लड्डू -भोजन : दोपहर में सब्जी, दाल, रोटी, सलाद। -रात्रि भोजन : दाल, सब्जी, रोटी। -इतना खर्च : प्रत्येक मरीज पर एक दिन में ८४ रुपए खर्च।
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