आठ दिन सलकनपुर रोड पर रेत वाहनों पर रहेगी रोक

कलेक्टर ने दुर्घटना व लोक न्यूसेंस के दृष्टिगत 15 अक्टूबर तक प्रतिबंधित किया,हाईवे की इटारसी-होशंगाबाद, बुधनी और रेहटी-सलनकपुर रोड पर नहीं चलेंगे डंपर-हाइवा,कंपनी ने वैकल्पिक मार्ग की अनुमति मांगी

By: devendra awadhiya

Published: 08 Oct 2021, 01:27 PM IST

होशंगाबाद. नवरात्र पर सलकनपुर देवी दर्शन जाने वाले पैदल यात्रियों की सुरक्षा व सुविधा के दृष्टिगत दुर्घटनाओं, पब्लिक न्यूसेंस न हो इसके लिए 8 अक्टूबर से लेकर 15 अक्टूबर (दशहरा) तक हाइवे की इटारसी होशंगाबाद, बुधनी, रेहटी-सलकनपुर रोड पर रेत के वाहनों पर रोक लगा दी गई है। कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने इस संबंध में गुरुवार को प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर दिया है। एसपी, एसडीएम, खनिज अधिकारी को इस संबंध में सख्ती से रेत वाहनों की आवाजाही को पूर्णत: बंद किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। हाईवे की इटारसी-होशंगाबाद, बुधनी और रेहटी-सलनकपुर रोड पर डंपर-हाइवा सहित अन्य रेत वाहनों की आवाजाही रोका जाएगा। इधर, जिले की रेत ठेका कंपनी ने परिवहन के घाटे से बचने प्रशासन से वैकल्पिक मार्ग की अनुमति मांगी है।

यह है आदेश, पालन के निर्देश
कलेक्टर एवं जिला मजिस्टे्रट व्दारा जारी आदेश में कहा गया है कि जिले से नवरात्रि में दशहरे तक दुर्गापूजा महोत्सव के दौरान चारों ओर से मुख्य मार्गों पर सलकनपुर देवीधाम जाने वाले पदयात्रियों व श्रृद्धालुओं का भारी संख्या में आवागमन होता है। उक्त मार्गों से रेत व अन्य खनिज परिवहन करने वाले टै्रक्टर-ट्रॉली, डंपर-ट्रकों, एलपी-हाइवा से लोक न्यूसेंस व दुर्घटना की संभावना रहती है। इसके मद्देनजर 8 अक्टूबर से लेकर 15 अक्टूबर रात 12 बजे तक तक दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 133 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। इस दौरान रेत के सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही पर रोक रहेगी। आदेश का उल्लंघन करते पाए जाने वाले वाहनों के चालक-संचालकों के खिलाफ धारा 188 भादवि के तहत अपराध मानकर कार्रवाइयां की जाएंगी।

ठेका कंपनी ने वैकल्पिक मार्गों की अनुमति मांगी
खदानों, स्टॉकों से रेत के वाहनों के परिवहन के लिए ठेका कंपनी आरटीसी कंपनी ने खनिज विभाग-निगम के जरिए जिला प्रशासन से भोपाल वाहनों के परिवहन के लिए बांद्राभान-जासलपुर होते हुए नए नर्मदा पुल से एवं इंदौर रूट के लिए डोलरिया से सिवनीमालवा होते हुए हरदा रूट की अनुमति मांगी है। बांद्राभान से जासलपुर से नर्मदा के नए पुल से वाहन निकल सकते हैं। कंपनी का कहना है कि वैकल्पिक रूट रेत परिवहन जारी रह सकता है और राजस्व का नुकसान भी नहीं होगा। देर शाम तक इस पर प्रशासन की तरफ से कोई निर्णय नहीं लिया जा सका था।

यह भी है बड़ी समस्या: साहब ध्यान दें
भोपाल रोड किनारे फेंके जाते हैं मृत मवेशी
शहर के प्रवेश स्थल पर सालों से चली आ रही दुर्गंध की समस्या के निराकरण के लिए बुधवार को होशंगाबाद हेल्पलाइन व ब्लड सहायता ग्रुप के सदस्यों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। नवरात्र पर होशंगाबाद सहित आसपास के जिलों से सैकड़ों की संख्या में पैदल यात्री सलकनपुर देवीधाम के दर्शन के लिए जाने शुरू हो गए हैं। बता दें कि भोपाल तिराहे से लेकर एसपीएम पुलिया तक के हिस्से में रोड किनारे ही नगरपालिका शहर भर में मृत होने वाले मवेशियों को उठाकर यहां फेंक देती है। इसे जमीन में गड़ाया भी नहीं जाता। शव सडऩे से यहां दुर्गंध फैलती रहती है। नर्मदा नगरी में प्रवेश का यही मुख्य व्दार है। इस वजह से भोपाल-इटारसी, पिपरिया और हरदा से आने-जाने वाले यात्रियों, पर्यटकों सहित वाहन चालकों को मुंह ढंककर और सांस रोककर यहां से निकलना पड़ता है। इस समस्या के कारण बाहर के लोग भी शहर की व्यवस्था को लेकर सवाल उठाते हैं।

अन्यत्र नहीं बन सका शव दफन स्थल
कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने वाले समाजसेवी गजेंद्र सिंह चौहान, रजनीश दुबे योगेश्वर, अनंत तिवारी आदि ने बताया कि नवरात्रि के पावन पर्व पर शहर व जिले भर से सलकनपुर जाने वाले पैदल यात्रियों को भोपाल तिराहे से एसपीएम पुलिया तक दुर्गंध का सामना करना पड़ता है। यह समस्या कई दशकों से बनी हुई है। नगरपालिका मृत मवेशियों के सही ढंग से दफन-निष्पादन के लिए शहर सीमा से बाहर नई जगह नहीं तलाश पाई है। कई सालों से भोपाल रोड किनारे ही नजूल की खाली पड़ी जमीन मृत मवेशियों को फेंका जा रहा है। दुर्गंध के कारण 9 दिनों तक देवीदर्शन सलकनपुर पदयात्रियों को बेहद दिक्कतें उठानी पड़ती है। प्रदेश व अन्य राज्यों से पर्यटननगरी पचमढ़ी या मढ़ई घूमने आने वाले देशी-विदेशी सैलानियों को भी असुविधा होती है।

devendra awadhiya Reporting
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