Video Story: बांद्राभान संगम स्थल पर मरी हजारों मछलियां, जहर या ऑक्सीजन की कमी से मौत की आशंका

poonam soni

Updated: 14 Jul 2019, 02:55:51 PM (IST)

Hoshangabad, Hoshangabad, Madhya Pradesh, India

होशंगाबाद. बांद्राभान तवा पुल के नीचे नदी में शुक्रवार को मिली हजारों मछलियां के मामले में मत्स्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है। विभाग ने मौके पर पहुंचकर पानी और मछली का सेम्पल लिया है। जिसे मत्स्य विभाग के मुंबई स्थित लैबोरेटरी में जांच के लिए भेजा जा रहा है। जिससे मछलियों की मौत की वजह पता चल सकेगी।

 

 

मछलियों के शिकार पर लगी रोक
उल्लेखनीय है कि प्रशासन ने 15 जून से मछलियों के शिकार पर रोक लगाई है। बावजूद इसके बाजार में मछलियों का व्यापार हो रहा है। एेसे में इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि मछलियों का अवैध शिकार हो रहा है। विभागीय अधिकारी भी अवैध मत्स्याखेट पर रोक लगाने में नाकाम साबित हो रहे हैं।

 

मछलियों का लिया सैम्पल
इस संबंध में प्रधान सहायक संचालक मत्स्य एके डांगीवाल का कहना है कि जिस जगह मछलियां मरीं पाई गई। वहां से पानी और मछली का सेम्पल लिया है। जांच के लिए नमूने मुंबई विभागीय लैबोरेटरी भेज रहे हैं। जिससे मौत की वजह का पता चलेगा।

 

मछलियों के शिकार पर पाबंदी के बावजूद बाजार में कहां से आ रही मछलियां
जहर या ऑक्सीजन की कमी से मौत की आशंका
मांझी मछुआ संघ अध्यक्ष मोहन रैकवार ने बताया कि मछलियों की मौत जहर या फिर ऑक्सीजन की कमी से हुई होगी। पहले एंडोसेल नामक दवा डालकर शिकार किया जाता था। यह दवा प्रतिबंधित है। ब्लीचिंग पाउडर, करंट व विस्फोटक से भी शिकार होता है। अभी मछलियों का प्रजनन काल है। मछलियां धारा से विपरीत जाकर अंडे़ छोड़ती हैं। वापसी में कम पानी वाले स्थान पर अधिक मछलियां होने से ऑक्सीजन की कमी मौत की वजह हो सकती है।

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned