बाघ ने तीन बहनों से छीन लिया उनका इकलौता भाई...

amit sharma

Publish: Nov, 14 2017 03:11:48 (IST)

Hoshangabad, Madhya Pradesh, India
बाघ ने तीन बहनों से छीन लिया उनका इकलौता भाई...

23 दिन में दूसरे बच्चे का किया शिकार, ग्रामीणों में आक्रोश

बुदनी/होशंगाबाद। घर में तीन बहनों के बीच अकेला भाई था। एक बड़ी और दो छोटी। मां का स्वास्थ्य खराब होने के कारण वह २ साल से स्कूल नहीं जा रहा था। सोमवार को अपने पिता के साथा जिद करते हुए जंगल में लकडिय़ां बीनने के लिए गया था, इसके बाद नहीं लौटा। दरअसल सोमवार को एक बाघ ने नौ साल के शेखर को अपना शिकार बना लिया। और घर का इकलौता चिराग भी छीन लिया। बाघ के हमले में २३ दिन में दूसरे बच्चे की मौत ने पूरे बुदनी क्षेत्र में दहशत फैला दी है। सोमवार को नौ साल के शेखर की बाघ के हमले में मौत से पूरे क्षेत्र में वन विभाग के प्रति आक्रोश है। इससे पहले हुए हमले में बालिका की मौत के बाद वन विभाग ने बाघ को भगाने या पकडऩे का कोई एहतियाती कदम नही उठाया। अब एक बालक की मौत से ग्रामीणों को आक्रोश और बढ़ गया है।

पिता बोले- न चाहते हुए भी ले गए थे साथ में
शेखर के पिता किशोर पर्ते, पत्रिका को आप बीती बताते हुए बिलख उठे। बोले- वह सुबह जिद कर रहा था कि मुझे भी आप के साथ जंगल में घूमने चलना है। इस कारण न चाहते हुए उसे ले गया। झाड़ी में छिपे बाघ ने अचानक शेखर पर हमला कर दिया। उसने उसकी गर्दन दबोच ली थी। सब बच्चे को बचाने के लिए लपके और देखा, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थी। वह उसे लेकर बुधनी के वार्ड 14 स्थित गौंडी मोहल्ले में अपने घर लेकर आए। घर में तीन बहनों के बीच अकेला भाई शेखर था। बड़ी बहन सलोनी और शेखर से छोटी बहन शिखा और सुरेखा हैं। शेखर ने केजी २ तक स्थानीय प्राइवेट स्कूल में पढ़ाई की थी। लेकिन मां का स्वास्थ्य खराब होने के कारण २ साल से स्कूल नहीं जा रहा था।

 

मां का बुरा हाल, हो रही बेशुध
हंसते-खेलते सुबह जंगल गए बेटे का चंद घंटे बाद ही शव घर लौटा तो उसकी मां बिलख गई। उसके शव आने तक उसे बताया ही नहीं गया था कि बेटा इस दुनिया में नहीं रहा। उसका रो-रोकर बुरा हाल है। कई बार मूर्छित हो जाती है। बार-बार कह रही है, मुझे पता होता तो कभी नहीं जाने देती। उस घड़ी को कोस रही है, जब शेखर की जिद के चलते उसे जंगल में जाने की इजाजत दी।

23 दिनों में बाघ का दूसरा हमला
बुदनी क्षेत्र में २३ दिनों में बाघ के हमले से दूसरे बच्चे की मौत हुई है। इसके पहले भी २२ अक्टूबर को खंडाबड़ में बाघ के हमले से ५वीं कक्षा में पढ़ाई करने वाली नीतू (१३) की मौत हो गई थी। वह अपने बहन-भाई के साथ जंगल में मवेशी चराने गई थी।

 

वन अमले के खिलाफ ग्रामीणों में गुस्सा
घटना के बाद ग्रामीणों में वन विभाग को लेकर गुस्सा है। वन अफसरों ने शेखर के पिता को तत्काल 10 हजार रुपए की आर्थिक मदद दी, लेकिन ग्रामीणों ने कहा कि बाघ का बस्ती के आसपास मूवमेंट है, फिर भी वन अमला ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा। यह घटना रेलवे के अप ट्रेक मिडघाट के समीप हुई है।

बुदनी क्षेत्र में चार बाघों का मूवमेंट
बुदनी क्षेत्र में चार बाघों के मूवमेंट हैं। इसमें पहला बाघ का मूवमेंट में भीलकोठी से बुदनीघाट, दूसरा खंडाबड़ से ऊंचाखेड़ा, तीसरा बर्धमान फैक्ट्री के आसपास के क्षेत्र में है और चौथा बाघ समनापुर बीट में देखे जाने की सूचना है।

 

मॉनिटरिंग के लिए लगेंगे कैमरे
घटना के बाद मौके का जायजा लेने पहुंचे सीसीएफ मनोज अर्गल और डॉ. गुरुदत्त शर्मा ने बताया कि बाघ के मूवमेंट वाले क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्णय लिया है। अभी शुरूआत में मॉनिटरिंग के लिए ८ कैमरों को लगाया जाएगा। इसके साथ ही लोगों को भी सावधान रहने के लिए सूचना भी कराई गई है। पहले से और अधिक मॉनिटरिंग की जाएगी।
घटना जंगल क्षेत्र में हुई
बुदनी एसडीओ मनोज भदौरिया ने बताया कि बाघ अपने जंगल के क्षेत्र से बाहर निकलकर हमले नहीं कर रहा है। अभी तक दोनों घटना जंगल क्षेत्र में ही हुई हैं। इसके बाद भी वन विभाग की टीम दिन-रात बाघों की मॉनिटरिंग के लिए लगी हुई है। अभी पीडि़त परिवार को १० हजार अंतिम संस्कार के लिए दिए गए हैं। इसके बाद ३.९ लाख कि आर्थिक मदद के लिए स्वीकृति मिल गई है।


वन विभाग की तरफ से दलील
प्रजननकाल के कारण बढ़ा मूवमेंट : यह समय वन्य प्राणियों के प्रजनन काल का है। इस वजह से बाघ का मूवमेंट बढ़ा है। वन्य प्राणी विशेषज्ञ डॉ.गुरुदत्त शर्मा ने बताया कि लोग जंगल में जा रहे हैं, जिससे यह घटनाएं हो रही है। इस समय बाघ उग्र रहते हैं।
हमलावर नया बाघ : वन अमले का दावा है कि शेखर पर हमला करने वाला बाघ नया है। पहले जिस बाघ ने नीतू पर हमला किया था, उसने यह हमला नहीं किया है।

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned