अंधेरे में डूबा प्रदेश का एक मात्र हिल स्टेशन, जाने से पहले पढ़ें यह खबर

इंसूलेटर जलने से स्थिति, नेटवर्क भी ठप्प

By: sandeep nayak

Updated: 24 Jul 2018, 01:07 PM IST

पिपरिया। प्रदेश का एक मात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी। शुरुआती बारिश के दौरान यहां बड़ी संख्या में पर्यटक वादियों में भ्रमण करने के लिए पहुंच रहे हैं। लेकिन पिछले 24 घंटे से यह हिल स्टेशन अंधेरे में डूबा हुआ है। बताया जाता है कि इंसूलेटर जलने से यह स्थिति बनी है।
बिजली बंद, नेटवर्क ठप्प
प्रदेश के एक मात्र हिलस्टेशन पर संचार और बिजली सप्लाई व्यवस्था लंबे समय से खराब है। महत्वपूर्ण छावनी निर्वाचन के दिन भी यहां बिजली और बीएसएनएल नेटवर्क ठप्प रहा जिससे आवश्यक कार्य प्रभावित रहे। रविवार रात से पचमढ़ी में बिजली बंद है विभाग सुधार कार्य में लगा है। हिल स्टेशन पचमढ़ी में पहले कहा जाता था कि बिजली पिपरिया बनखेड़ी में चली जाए लेकिन पचमढ़ी मेंं नहीं जाती। अब इसके उलट स्थितियां पिछले एक साल से देखने को मिल रही है।

मतगणना के बाद बंद हुई थी बिजली
पचमढ़ी में रविवार रात छावनी चुनाव मतगणना के बाद बिजली बंद हुई तो दिन में महज एक घंटा आने के बाद शाम तक गोल रही। रविवार को दोपहर बाद से बीएसएनएल का नेटवर्क बंद रहा जिससे पर्यटक और नागरिकों का एक दूसरे से संपर्क कटा रहा। चुनाव की महत्वपूर्ण जानकारी तक नेटवर्क के अभाव में शेयर नहीं हो सकी। नागरिकों पर्यटकों ने बताया कि बिजली रविवार रात जाने के बाद सोमवार दिन में कुछ देर के लिए आई फिर रात तक गोल रही।
बिजली नही होने से इंर्वटर, मोबाइल, पॉवर बैंक सब डिस्चार्ज हो गए जिससे काफी परेशान रहे सभी लोग। बीएसएनएल और बिजली की समस्या हर हफ्ते पचमढ़ीवासी झेलने को मजबूर है। विभाग तकनीकि खामी बताकर पल्ला झाड़ लेता है इसका कोई स्थाई समाधान नहीं निकाला जाता है।

जंगल के बीच से गई है बिजली लाइन
बिजली लाइन मटकुली से पचमढ़ी तक जंगल के बीच से पहुंची। विभाग ने लाइनों पर जगह जगह इंसुलेटर लगाए है यह जल जाते या खराब हो जाते है। विभाग को फाल्ट भी बड़ी मुश्किल से मिलता है जिससे घंटो बिजली सप्लाई बंद रहती है। नाम नही छापने की शर्त पर विभाग के कर्मचारियों का कहना है इंसुलेटर काफी घटिया क्वालिटी है इसकी वजह से बार-बार खराब हो जाते है।
सोमवार रात से बिजली बंद है लाइन में फाल्ट इंसुलेटर खराब हो गए है। ठीक करने पर कुछ सोमवार दोपहर बिजली आई उसके बाद फिर चली गई। फाल्ट खोज कर इसे ठीक कराएंगे।
महेश झरवरे,
एई बिजली विभाग पचमढ़ी

sandeep nayak Desk/Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned