75 डाक्टरों के भरोसे बारह लाख लोगों का इलाज, खाली पड़े हैं 100 डाक्टरों के पद

75 डाक्टरों के भरोसे बारह लाख लोगों का इलाज, खाली पड़े हैं 100 डाक्टरों के पद
Twelve lakh people are being treated on the basis of 75 doctors, the positions of 100 doctors are lying vacant

Manoj Kumar Kundoo | Updated: 21 Aug 2019, 09:11:15 PM (IST) Hoshangabad, Hoshangabad, Madhya Pradesh, India

जिले में खाली पड़े हैं सौ डाक्टरों के पद, हार्ट स्पेशलिस्ट भी सिर्फ एक, वह भी संविदा पर, जिला अस्पताल और इटारसी के सरकारी अस्पताल में भी नहीं हैं कई विशेषज्ञ

 

होशंगाबाद
सरकारी अस्पतालों में इलाज भगवान भरोसे है। जिले की आबादी १२ लाख ४१ हजार ३५० है। जिनका इलाज ७५ डाक्टरों के भरोसे है। जिले भर के सरकारी अस्पतालों में १०० डाक्टरों के पद खाली हैं। खास बात यह है कि खाली पड़े पर रेगुलर और विशेषज्ञ डाक्टरों के हैं। गंभीर बीमारियों के लिए भी अस्पतालों में विशेषज्ञ डाक्टरों की कमी है। जिससे मरीजों को निजी अस्पतालों में महंगा इलाज कराना पड़ता है। इटारसी के डा. श्यामाप्रसाद मुखर्जी अस्पताल में पिछले एक साल से एमडी मेडिसिन का पद खाली पड़ा है। जिला अस्पताल में दो महीने पहले ही संविदा पर एमडी मेडिसिन नितिन मौसिक को नियुक्त किया गया है। वर्तमान में जिले भर से आने वाले हार्ट पेसेंटों का इलाज एक एमडी मेडिसिन के भरोसे है।
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जांच का इंतजाम नहीं, रेफर करते हैं मरीज- इटारसी के सरकारी डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी अस्पताल में ३१ जुलाई २०१८ में डा. आरपी टिकरिया के सेवानिवृत्त होने के बाद एमडी मेडिसिन का पद खाली पड़ा है। यहां आने वाले मरीजों को जिला अस्पताल रेफर किया जाता है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन १०-१२ मरीज हार्ट के आ रहे हैं। यहां एनजियोग्राफी व एन्जीयोप्लास्टी जांच के लिए मशीनें नहीं है। एेसे में मरीजों को हमीदिया भोपाल रेफर किया जाता है।
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डाक्टरों की कमी, मरीज परेशान- सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डाक्टरों की कमी है। इस सिलसिले में जिला अस्पताल और इटारसी के सरकारी अस्पताल से कई बार विभागीय पत्राचार किए गए लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला। जिसके कारण मरीजों को निजी अस्पताल जाना पड़ता है। मरीज निजी अस्पतालों में महंगा और खर्चीला इलाज कराने को मजबूर हैं।
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रिटायर होते जा रहे डाक्टर- इटारसी के सरकारी अस्पताल अधीक्षक डा. एके शिवानी ने बताया कि यहां पदस्थ नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. एनके जैन, मेडिकल विशेषज्ञ डा. आरके गुप्ता, डा. आरपी टिकरया, डा. पीडी अग्रवाल और सर्जन डा. आर दयाल सेवानिवृत्त हो चुके हैं। जिसके बाद से डाक्टरों की पदस्थापना नहीं हुई। इधर जिला अस्पताल में भी विशेषज्ञों के पद खाली होते जा रहे हैं।
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सरकारी अस्पताल रोज आते हैं इतने मरीज- होशंगाबाद : ७००-८०० इटारसी : ४००-४५० बाबई : २१०-२८० पिपरिया : २५०-३५० बनखेड़ी : १७०-२४० सिवनीमालवा : ३३०-४०० (नोट : सरकारी अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की ओपीडी प्रतिदिन)
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इनका कहना है...
जिले भर में १७५ रेगुलर और विशेषज्ञ डाक्टरों के पद हैं। इनमें १०० पद खाली पड़े हैं। एक एमडी डाक्टर को दो महीने पहले ही संविदा पर रखा गया है।
-डा. दिनेश कौशल, सीएमएचओ होशंगाबाद।
सरकारी अस्पताल इटारसी में एमडी डाक्टर नियुक्त करने के लिए प्रभारी मंत्री ने स्वास्थ्य आयुक्त को पत्र लिखा है। जिले में डाक्टरों के रिक्त पदों को भरने का प्रयास कर रहे हैं।
-संजय मिहानी, प्रतिनिधि प्रभारी मंत्री स्वास्थ्य विभाग।

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