ऑपरेशन में लापरवाही पर दो डाक्टर और तीन नर्स सस्पेंड, एक संविदा नर्स बर्खास्त

ऑपरेशन में लापरवाही पर दो डाक्टर और तीन नर्स सस्पेंड, एक संविदा नर्स बर्खास्त

Sanjeev Dubey | Updated: 12 Jun 2019, 11:00:00 AM (IST) Hoshangabad, Hoshangabad, Madhya Pradesh, India

सिविल सर्जन ने भी इसी मामले में तीन स्टाफ नर्स को निलंबित किया, सीएमएचओ ने एक स्टाफ नर्स की सेवा समाप्त की

हरदा. जिला अस्पताल में इसी साल मार्च महीने में प्रसव के दौरान महिला की मौत स्टाफ की घोर लापरवाही से हुई थी। शिकायत के बाद कलेक्टर एस. विश्वनाथन द्वारा कराई गई जांच के प्रतिवेदन के आधार पर स्वास्थ्य आयुक्त नीतेश व्यास ने निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. राजेश मिथोरिया व महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. भारती शिवहरे को निलंबित किया है। निलंबन अवधि में डॉ. मिथोरिया का मुख्यालय सीएमएचओ कार्यालय राजगढ़ तथा डॉ. शिवहरे का मुख्यालय सीएमएचओ कार्यालय रायसेन निर्धारित किया गया है। सिविल सर्जन डॉ. एसके सेंगर ने भी इसी मामले में स्टाफ नर्स वंदना मसीह, चित्रा चौरे व नीता टीकारे को निलंबित किया है। निलंबन अवधि में स्टाफ नर्स का मुख्यालय क्रमश: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र टिमरनी, सिराली व खिरकिया निर्धारित किया गया है। वहीं सीएमएचओ डॉ. प्रदीप मोजेश ने संविदा स्टाफ नर्स मनीषा सुजाने को पदच्युत कर मंगलवार को अनुबंध समाप्त किया है।

 

नशे में ओटी में दाखिल हुआ था निश्चेतना विशेषज्ञ
जिला प्रशासन द्वारा कराई गई जांच में निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. मिथोरिया को शराब के नशे में ऑपरेशन थियेटर जाने का दोषी पाया गया। यह तथ्य भी सामने आया कि डॉ. मिथोरिया ने प्रसूता को ऑपरेशन के पहले गलत इंजेक्शन लगाया था। डॉक्टर ने इसके साक्ष्य भी छिपाए।

सामान्य प्रसव को सीजेरियन कराया डॉ. शिवहरे ने
स्वास्थ्य आयुक्त व्यास द्वारा जारी आदेश के मुताबिक महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. भारती शिवहरे ने महिला का सामान्य प्रसव न कराते हुए मरीज को सीजेरियन के लिए अग्रसर किया। दो घंटे पहले भोजन संबंधी जानकारी होने के बावजूद ऑपरेशन की सलाह दी गई। उन्होंने गलत इंजेक्शन लगाने संबंधी तथ्य को भी कथनों में छिपाया। शासन ने इसे घोर लापरवाही माना।

भोपाल के अस्पताल में हुआ था शव का पोस्टमार्टम
उल्लेखनीय है कि १३ मार्च को शुक्ला कॉलोनी निवासी सुनीता पति विशाल चौरसिया को प्रसव के लिए जिला अस्पताल लाया गया था। यहां उसकी मौत हो गई थी। इस दौरान परिजनों ने जमकर आक्रोश प्रकट किया था। स्वास्थ्य अमले की लापरवाही पर वे इतने गुस्से में थे कि शव का पोस्टमार्टम तक कराने को तैयार नहीं हुए। तब अपर कलेक्टर सहित अन्य अधिकारियों ने उन्हें लारपवाहों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया था। इसके बाद महिला के परिजनों की मांग पर शव का पोस्टमार्टम भोपाल में कराया गया था।

नर्सिंग स्टाफ की लापरवाही भी उजागर हुई
कलेक्टर विश्वनाथन द्वारा हरदा एसडीएम एचएस चौधरी के नेतृत्व में गठित सीएमएचओ, सिविल सर्जन सहित पांच सदस्यीय जांच दल ने पाया था कि स्टाफ नर्स वंदना मसीह, चित्रा चौरे, नीता टीकारे व संविदा स्टाफ नर्स मनीषा सुजाने ने भी महिला के प्रसव के मामले में गंभीर लापरवाही बरती थी। इसके चलते विभाग ने इनमें से तीन को निलंबित तथा एक स्टाफ नर्स को पदच्युत किया।

डॉ. मिथोरिया के खिलाफ दर्ज होगी एफआईआर
कलेक्टर एस. विश्वनाथन ने बताया कि डॉ. राजेश मिथोरिया ने प्रसूता महिला को इंजेक्शन गलत लगाया था। यह घोर लापरवाही है। उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की पर्याप्त नहीं रहेगी। सीएमएचओ को डॉ. मिथोरिया के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।

कार्रवाई का असर रहे, फिर ऐसा किसी के साथ न हो
पत्रिका ने शासन की इस कार्रवाई पर मृत महिला सुनीता के पति विशाल चौरसिया से चर्चा की तो उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अमले पर इसका असर रहे, यही उम्मीद करता हूं। मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करने वाले विशाल के मुताबिक एक साल पहले हंडिया में सुनीता से उसकी शादी हुई थी। पहला प्रसव होने पर सभी खुश थे। इसी दौरान पत्नी तथा नवजात बेटे की मौत ने उनके सपने को चकनाचूर कर दिया।

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