लोगो को कोरोना से बचाने इस रमजान नहीं कर पाए अल्लाह की इबादत

हर मुस्लिम के जीवन में रमजान का खास ही महत्व रहता है लेकिन......

By: poonam soni

Published: 05 May 2020, 07:47 PM IST

इटारसी. हर मुस्लिम के जीवन में रमजान का खास ही महत्व रहता है लेकिन इस वर्ष रमजान के माह में अल्लाह की इबादत नहीं कर पाए। केवल दो ही रोजे रखे क्योंकि लोगो को कोरोना के लिए जागरूक करना है।

हर मुस्लिम के जीवन में रमजान का विशेष महत्व है। रमजान में वह पूरा समय रोजा रखता अल्लाह की इबादत करता है लेकिन पहली बार रोजा नहीं रख पाए। हमारी ड्यूटी मालवीयगंज क्षेत्र के भारत माता चौराहे पर लगी है। हमें दिनभर लोगों को घर में रहने की समझाइश देना और जरुरतमंदों की सेवा करने में लगी हुई चूंकि यह काम बड़ा है इसलिए दो दिन ही रोजा रख पाए हमने रोजा छोड़कर जनसेवा को प्राथमिकता दी।

आरिफ खान, सहायक राजस्व निरीक्षण नगरपालिका इटारसी

रमजान माह में रोजा रखना महत्वपूर्ण माना जाता है। हमारी रेलवे में ड्यूटी ऐसी है कि हम पांच टाइम की नमाज तो नहीं कर पाते हैं मगर फिर भी जितना बनता उतना करते हैं क्योंकि अभी कोरोना संक्रमण काल में लोगों की सेवा के लिए हो रहे कामों को प्राथमिकता में रखा है। हम सुबह सेहरी करते हैं। उसके बाद दिनभर रोजा करते हैं। शाम के वक्त ड्यूटी से आकर नमाज और रोजा अफ्तार करते हैं ।
जावेद अख्तर, डिप्टी एसएस इटारसी

अभी हमारी मालगाड़ी संचालन में ड्यूटी लग रही है। ड्यूटी के साथ रमजान में हम रोजे भी रख रहे हैं। जिस दिन मालगाड़ी पर ड्यूटी नहीं लगती है तो उस दिन सेहरी से रोजा इफ्तार तक पूरी प्रक्रिया का पालन कर लेते हैं जिसमें 5 वक्त की नमाज भी शामिल है मगर जब मालगाड़ी ले जाने के लिए ड्यूटी लगती है तब थोड़ी परेशानी होती है। फिर भी हम सुबह के समय सेहरी कर लेते हैं। उसके बाद दिनभर रोजा रखते हैं। शाम की नमाज जहां रुकते हैं वहीं पर करते हैं।
हाजी शेख असला, लोको पायलट

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