सरकारी अस्पताल में जा रहे हैं अपने बच्चे का इलाज कराने तो पहले पढ़ें यह खबर

सरकारी अस्पताल में जा रहे हैं अपने बच्चे का इलाज कराने तो पहले पढ़ें यह खबर
सरकारी अस्पताल में जा रहे हैं अपने बच्चे का इलाज कराने तो पहले पढ़ें यह खबर

Sandeep Nayak | Updated: 16 Sep 2019, 01:22:47 PM (IST) Hoshangabad, Hoshangabad, Madhya Pradesh, India

एक वार्मर पर दो नवजात, संक्रमण का हो सकता है खतरा

इटारसी/सरकारी अस्पताल के नवजात बच्चों के गहन चिकित्सा कक्ष एसएनसीयू में संक्रमण का खतरा बना हुआ। यहां बच्चे ज्यादा और वार्मर कम हैं। ऐसे में एक वार्मर पर दो-दो नवजात भर्ती किए जा रहे हैं। इस स्थिति में नवजातों को एक दूसरे से संक्रमण हो सकता है। सरकारी अस्पताल में एसएनसीयू में बच्चों को भर्ती करने के लिए कुल ५ वार्मर बेड हैं परंतु फिलहाल नवजात शिशुओं के ज्यादा बीमार होने की शिकायतें आ रही है जिससे बच्चों को एसएनसीयू में भर्ती किया जा रहा है। बच्चे ज्यादा और वार्मर कम होने से एक वार्मर पर दो-दो बच्चों को भर्ती किया जा रहा है।
वहीं शहर के निजी अस्पताल में डिलीवरी तो होती है, लेकिन यहां जन्म लेने वाले नवजातों के लिए इंतजाम नहीं है। ऐसे में शहर के सरकारी अस्पताल में बच्चों को भर्ती कराया जाता जिससे यहां नवजात बच्चों की संख्या बढ़ जाती है।

क्यों बढ़ रही एसएनसीयू में बच्चों की संख्या
वर्तमान में उन नवजात बच्चों की संख्या ज्यादा है जिन्हें एसएनसीयू में रखा जाता है। चिकित्सकों के अनुसार इसका कोई वैज्ञानिक कारण नहीं है लेकिन ऐसा देखने में आया है बारिश में जन्मदर ज्यादा होती है। डॉक्टर विवेक चरण दुबे ने बताया कि बारिश में जो डिलीवरी होती है उसमें बच्चे कम वजन के, पीलिया जैसी बीमारी से ग्रसित ज्यादा रहते हैं इसके अलावा रोते नहीं है इसलिए उन्हें एसएनसीयू में रखा जाता है।
10 सीटर का भेजा है प्रस्ताव
अस्पताल में प्रतिदिन होने वाली प्रसूति को देखते हुए यहां 10 सीटर एसएनसीयू का प्रस्ताव भेजा गया है। इस पर करीब 30 लाख रुपए खर्च आएगा। 10 सीटर एसएनसीयू होने के बाद यहां एक चिकित्सक और नर्स स्टॉफ की आवश्यकता भी होगी। अभी इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली है। हालांकि अस्पताल प्रबंधन और बड़ा हॉल उपलब्ध कराने का तैयार है।

इटारसी में चालू है पांच
इटारसी में जब एसएनसीयू शुरू हुआ था तब सुखतवा, बनखेड़ी, पिपरिया, सोहागपुर, बाबई में भी एसएनसीयू खोले गए थे। इटारसी को छोड़कर बाकी जगह एसएनसीयू बंद हो चुके हैं। इटारसी में एसएनसीयू को अच्छी तरह से संचालित किया जा रहा है।
- एसएनसीयू को 5 के स्थान पर 10 सीटर करने प्रस्ताव भेजा है लेकिन अभी इसे मंजूरी नहीं मिली है।
डॉ. एके शिवानी, अधीक्षक इटारसी

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